अमेरिका में पढ़ाई का सपना रह गया अधूरा, सड़क हादसे में भारतीय छात्र की मौत

इस हादसे के बाद न्यूयॉर्क स्थित भारतीय दूतावास ने परिवार से संपर्क कर हरसंभव मदद का भरोसा दिया है, जबकि नॉर्थ अमेरिका तेलुगु सोसाइटी ने आर्थिक मदद के लिए फंडरेजर शुरू किया है. परिवार अब अंतिम संस्कार के लिए शव को भारत लाने की तैयारी में जुटा है.

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मृतक दिलीप कुमार बुंगतावुला आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले के रहने वाले थे. (Photo: Go Fund Me) मृतक दिलीप कुमार बुंगतावुला आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले के रहने वाले थे. (Photo: Go Fund Me)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 11 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 2:25 PM IST

अमेरिका के ओहियो में आंध्र प्रदेश के एक भारतीय छात्र की सड़क हादसे में मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि यह हादसा तब हुआ, जब सामने से आ रहा एक पिकअप ट्रक सेंटर मीडियन पार करके उस सेडान से टकरा गया, जिसे छात्र चला रहा था. मृतक की पहचान दिलीप कुमार बुंगातावुला के रूप में हुई है, जो आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले के रहने वाले थे और केंट स्टेट यूनिवर्सिटी में उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका गए थे.

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पुलिस के मुताबिक, हादसा ओहियो के मैसिडोनिया इलाके में 7 अगस्त को हुआ. बुंगातावुला अपनी सेडान चला रहे थे, तभी दूसरी दिशा से आ रहा पिकअप ट्रक सेंटर मीडियन पार करके उनके वाहन से टकरा गया. इस हादसे के बाद न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने उनकी मौत की पुष्टि की और कहा कि वह परिवार के संपर्क में है.

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भारतीय दूतावास ने छात्र की मौत पर क्या कहा?

भारतीय दूतावास ने एक्स पर कहा, "हमें भारतीय नागरिक दिलीप कुमार बुंगातावुला के असमय निधन की खबर से गहरा दुख हुआ है, जिनकी ओहियो में 7 अगस्त को कार हादसे में मौत हो गई. इस मुश्किल समय में हमारी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं.  दूतावास परिवार के संपर्क में है और हरसंभव सहायता दी जा रही है."

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छात्र की मौत पर फंडरेजर ने की अपील

इसी बीच, नॉर्थ अमेरिका तेलुगु सोसाइटी ने उनके परिवार के लिए फंडरेजर शुरू किया है. सोसाइटी ने कहा, "भारत में दिलीप के माता-पिता और उनके भाई के लिए यह अचानक हुआ नुकसान असहनीय है. उनके पिता, श्रीहरी बुंगातावुला, किसान हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति साधारण है." संगठन ने कहा कि दिलीप की पढ़ाई के लिए उनके माता-पिता ने बड़े त्याग किए थे और उन्हें उम्मीद थी कि वह अपनी पढ़ाई पूरी करके सफल भविष्य बनाएंगे.

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फिलहाल परिवार उनके शव को अंतिम संस्कार के लिए भारत लाने की तैयारी कर रहा है. इस मामले में भारतीय वाणिज्य दूतावास परिवार के संपर्क में है, जबकि नॉर्थ अमेरिका तेलुगु सोसाइटी ने आर्थिक मदद के लिए फंडरेजर शुरू किया है.

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