नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से आज यानी सोमवार से कमर्शियल फ्लाइट्स का संचालन शुरू हो गया है. एयरपोर्ट पर लखनऊ से आने वाली पहली फ्लाइट लैंड हो चुकी है. लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट से आने वाली पहली कमर्शियल फ्लाइट जेवर में लैंड हो चुकी है.
इसके बाद लखनऊ के लिए फ्लाइट रवाना होगी. नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचे हैं.
जेवर एयरपोर्ट से लखनऊ के लिए पहली फ्लाइन ऑपरेट की जा रही है, जिसमें 172 किसान सफर करने वाले हैं. ये किसान जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह के साथ फ्लाइट के जरिए लखनऊ जाएंगे. लखनऊ पहुंचकर सभी किसान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करके उनको धन्यवाद देंगे. जेवर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के लिए किसानों ने अपनी जमीनें दी थीं. किसानों की भागीदारी और योगदान को सम्मान देने के मकसद से यह स्पेशल फ्लाइट ऑपरेट की जा रही है.
एयरपोर्ट के शुरू होने से जेवर के किसानों की किस्मत चमकने का दावा किया गया है. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहली उड़ानें जेवर को लखनऊ, बेंगलुरु और अन्य जगहों से जोड़ेंगी. आज ही एयरपोर्ट पर पहली लैंडिंग भी हो रही है.
इंडिगो ने आज उत्तर प्रदेश के जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) से अपनी उड़ान सेवाएं शुरू कीं. इसके साथ ही, यह नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) के इस नए एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली पहली एयरलाइन बन गई है. आज सुबह लखनऊ से पहली उड़ान NIA पहुंची और उसके कुछ ही देर बाद बेंगलुरु के लिए पहली उड़ान रवाना हुई. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहली उड़ान को हरी झंडी दिखाई गई.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "अन्नदाता हमारे राष्ट्र की समृद्धि के आधार हैं. प्रदेश की विकास यात्रा में किसानों की सहभागिता और उनके योगदान का सम्मान करना हम सभी का दायित्व है. आज गौतमबुद्ध नगर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, जेवर के निर्माण हेतु अपनी भूमि समर्पित करने वाले अन्नदाता बहनों-भाइयों का प्रथम उड़ान से लखनऊ आगमन पर स्वागत-अभिनंदन करने के साथ ही उनसे संवाद भी करूंगा. 'अन्नदाताओं का अभिनंदन, समृद्ध भारत का वंदन' इसी भावना के साथ प्रत्येक किसान बंधु की प्रगति हेतु हम प्रतिबद्ध हैं."
'यह बहुत बड़ा दिन...'
जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह कहते हैं, "यह एक बहुत बड़ा दिन है क्योंकि मैं जेवर के लोगों का प्रतिनिधित्व करता हूं, और जब से उन्होंने मुझे चुना है, यह मेरे लिए भी एक अहम दिन है. हमारा एक सपना था, एक विजन था कि जिन किसानों को हमने कभी हाथ जोड़कर इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए मनाया था, वे एक दिन यहां से चलने वाले विमानों में उड़ान भरेंगे. वे एक ऐतिहासिक सफर के गवाह बनने वाले हैं. वे इस जगह से उड़ान भरने वाली पहली फ्लाइट के गवाह होंगे."
उन्होंने आगे कहा कि यह निस्संदेह इस इलाके के सभी निवासियों के लिए गर्व का क्षण है. मैं यूपी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने मेरे अनुरोध पर ये सभी इंतजाम किए और किसानों से मिलने के लिए समय निकाला.
एयरपोर्ट पर मौजूद एक यात्री ने कहा, "मैं बहुत उत्साहित हूं क्योंकि मैं नोएडा एयरपोर्ट से पहली बार बेंगलुरु जा रहा हूं. यहां आते वक्त मुझे कोई ट्रैफिक नहीं मिला, जबकि दिल्ली एयरपोर्ट जाते वक्त मुझे अक्सर भारी ट्रैफिक का सामना करना पड़ता था. यह एयरपोर्ट बहुत आधुनिक और अच्छी तरह से विकसित है."
किसानों के साथ बीजेपी विधायक...
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया था कि 15 जून को जेवर स्थित एयरपोर्ट से शुरू होने वाली शुरुआती उड़ानों में किसानों का एक समूह जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह के साथ लखनऊ जाएगा. वे एयरपोर्ट के विकास के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करेंगे. इस समूह में वे परिवार भी शामिल हैं, जिन्होंने मुआवजा मिलने के बाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने के लिए सरकार को अपनी पुश्तैनी ज़मीन दी थी. उनकी यात्रा को एक प्रतीकात्मक पल के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि जो लोग कभी इन खेतों में काम करते थे, वे अब उसी ज़मीन पर बने एयरपोर्ट पर यात्री बनेंगे.
बीजेपी विधायक धीरेंद्र सिंह ने कहा, "जिन हाथों ने फसलें उगाईं और देश का पेट भरा, वे अब अपनी सीट बेल्ट बांधेंगे और भारत की प्रगति और आकांक्षाओं की नई यात्रा में भागीदार बनेंगे."
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बीजेपी विधायक ने कहा कि यह पल न सिर्फ जेवर और गौतम बुद्ध नगर के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है. उन्होंने कहा, "जिन किसानों और खेतिहर मजदूरों ने इन जमीनों पर खेती करते हुए अपनी जिंदगी गुजारी, वे अब इन्हीं जमीनों पर बने इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अपनी पहली हवाई यात्रा करेंगे."
उन्होंने कहा, "जब ये किसान मुख्यमंत्री का आभार जताने लखनऊ जाएंगे, तो यह सिर्फ धन्यवाद कहना नहीं होगा, बल्कि उस विकास मॉडल को सम्मान देना होगा, जिसमें किसानों को प्रगति में बराबर का भागीदार माना जाता है. यह यात्रा विकसित भारत की बदलती तस्वीर को दिखाती है, जहां बुनियादी ढांचे के विकास का फायदा जमीनी स्तर पर लोगों तक पहुंचता है.
मनीष चौरसिया / अमित भारद्वाज / आशीष श्रीवास्तव