'युवा हमारी डेमोग्राफिक डिविडेंड, नहीं संभाला गया तो बन जाएंगे बोझ', मोहन भागवत ने चेताया

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को RSS मुख्यालय में तिरंगा फहराया. उन्होंने कहा कि हमारा कर्तव्य है कि हम ऐसा देश बनाएं जो पूरी मानवता के लिए सार्थक योगदान दे.

Advertisement
मोहन भागवत  (Photo: ITG) मोहन भागवत (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 15 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 10:57 AM IST

भारत आज आजादी की 80वीं वर्षगांठ मना रहा है. इस मौके पर RSS प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर स्थित संघ मुख्यालय में तिरंगा फहराया. उन्होंने कहा कि भारत स्वतंत्र था, स्वतंत्र है और स्वतंत्र रहेगा, लेकिन देश को सुरक्षित, समृद्ध और विश्वगुरू बनाने के लिए कई चुनौतियों का सामना करना होगा.

भागवत ने कहा कि भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए सभी को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी. उन्होंने कहा कि देश को ऐसा राष्ट्र बनाना है, जो पूरी मानवता के लिए सार्थक योगदान दे.

Advertisement

मोहन भागवत ने युवाओं को डेमोग्राफिक डिविडेंड बताया है. उन्होंने कहा युवा हमारी डेमोग्राफिक डिविडेंड (जनसांख्यिकीय लाभांश) हैं; अगर उन्हें सही ढंग से संभाला गया तो हमें फ़ायदा होगा, वरना वे समाज पर बोझ बन जाएंगे.

मोहन भागवत ने कहा कि राष्ट्र हमारा स्वतंत्र हो गया और यह स्वतंत्र ही रहेगा लेकिन उस राष्ट्र को हमें सुखी, संपन्न और सुरक्षित बनाना है. राष्ट्र को विश्व में योगदान देने वाला राष्ट्र बनाना है तो ऐसे में बहुत सारी चुनौतियां हैं जिसका हमें सामना करना है. उन्होंने कहा कि हमारे तत्वों से अलग न होते हुए कई उल्टे विचार वाले लोग हैं लेकिन हमें अपने मूल सिद्धांतों से जुड़े रहते हुए इन चुनौतियों का सामना करना होगा और भारत को विश्वगुरु बनाना होगा. यह हमारा कर्तव्य है कि हम ऐसा देश बनाएं जो पूरी मानवता के लिए सार्थक योगदान दे.

Advertisement

यह भी पढ़ें: AI स्किलिंग, 6G, स्पोर्ट्स टैलेंट हंट... PM मोदी ने लाल किले से किए ये 10 बड़े ऐलान

लोकतंत्र के लिए विरोध जरूरी

उन्होंने कहा कि देश में अलग-अलग विचार होना लोकतंत्र की पहचान है. उन्होंने कहा कि कभी-कभी विरोध करना भी जरूरी होता है. अगर जनता के हित से जुड़े सवाल हैं तो उन्हें मजबूती से उठाया जाना चाहिए.

उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विरोध और आंदोलन लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन ऐसा करते समय अपनी जिम्मेदारियों का भी ध्यान रखना चाहिए. उन्होंने बाबा साहेब डॉ. बीआर अंबेडकर का जिक्र करते हुए कहा कि संविधान बनाते समय उन्होंने इन सभी बातों का ध्यान रखा था और हमें भी इसे याद रखना चाहिए.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »