मणिपुर में केंद्र ने पैरामिलिट्री फोर्स की 20 और कंपनियां भेजीं, पिछले 10 दिन में 9 हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती

केंद्र सरकार के इस ताजा कदम के बाद पिछले 10 दिन में मणिपुर में अर्धसैनिक बलों की 90 कंपनियां भेजी जा चुकी हैं, यानी 9000 अतिरिक्त जवानों की तैनाती मणिपुर में की गई है.

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केंद्र सरकार ने मणिपुर में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की (फाइल फोटो- पीटीआई) केंद्र सरकार ने मणिपुर में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की (फाइल फोटो- पीटीआई)

जितेंद्र बहादुर सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 23 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 2:08 AM IST

मणिपुर में हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है. हालिया घटनाक्रम के बाद केंद्र सरकार ने पैरामिलिट्री फोर्स की 20 और कंपनियां मणिपुर भेजी हैं. इसके तहत केंद्र ने 2000 अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों के जवानों को मणिपुर भेजा है. कुछ दिनों पहले ही मणिपुर में पैरामिलिट्री फोर्स की 50 कंपनियों को भेजा गया था. इससे पहले भी अर्धसैनिक बलों की 20 कंपनियों को पूर्वोत्तर राज्य भेजा गया था.

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केंद्र सरकार के इस ताजा कदम के बाद पिछले 10 दिन में मणिपुर में अर्धसैनिक बलों की 90 कंपनियां भेजी जा चुकी हैं, यानी 9000 अतिरिक्त जवानों की तैनाती मणिपुर में की गई है.

मणिपुर सरकार के सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह ने कहा कि आज हमने सुरक्षा समीक्षा बैठक की और इस बैठक में हमने सभी जिलों और इंफाल शहर की सुरक्षा की समीक्षा की. बैठक के दौरान सेना, पुलिस, सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी के अधिकारी मौजूद थे. जो भी समस्याएं आएंगी, हम सब साथ हैं. हमने सभी जिलों के डीसी और एसपी के साथ मुद्दों पर चर्चा की.

मणिपुर हिंसा में पिछले साल मई से अब तक 258 लोगों की मौत

कुलदीप सिंह ने बताया कि मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा में पिछले साल मई से अब तक 258 लोगों की जान जा चुकी है. उन्होंने कहा कि राज्य को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की करीब 90 कंपनियां मिलेंगी, जो मणिपुर में पहले से मौजूद 198 कंपनियों के अलावा होंगी.

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तोड़फोड़ और आगजनी के केस में 32 लोग अरेस्ट

सुरक्षा सलाहकार ने बताया कि मंत्रियों और विधायकों की संपत्तियों में तोड़फोड़ और आगजनी के मामले में 32 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि लूटे गए करीब 3,000 हथियार बरामद किए गए हैं. सिंह ने कहा कि हमें सीएपीएफ की करीब 90 कंपनियां मिल रही हैं, जो पहले राज्य में भेजी गई 198 कंपनियों के अतिरिक्त हैं. इनमें से काफी संख्या में कंपनियां पहले ही इंफाल पहुंच चुकी हैं. हम नागरिकों और संवेदनशील इलाकों की जान-माल की सुरक्षा के लिए फोर्सेज को डिप्लॉय कर रहे हैं. बैठक के बाद उन्होंने कहा कि अधिकारी प्रत्येक जिले में समन्वय प्रकोष्ठ और संयुक्त नियंत्रण कक्ष स्थापित करेंगे. 

7 नवंबर से 18 नवंबर के बीच जिरीबाम में 20 लोग मारे गए

बता दें कि मणिपुर में हिंसा का ताजा दौर हमार समुदाय की एक महिला की हत्या से शुरू हुआ, 7 नवंबर को जिरीबाम जिले के ज़ैरावन गांव में उसके घर में आग लगा दी गई थी. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार 1 अक्टूबर से 18 नवंबर के बीच हिंसा की कम से कम 16 अलग-अलग घटनाएं हुई हैं. इसमें हत्या, चोटें, आगजनी और भारी गोलीबारी की घटनाएं शामिल हैं. रिपोर्ट के अनुसार, 7 नवंबर से 18 नवंबर के बीच अकेले जिरीबाम में कम से कम 20 लोग मारे गए हैं.

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