'जब तक BJP को हाशिए पर नहीं धकेल देती, तब तक...', ममता बनर्जी का संन्यास पर बड़ा ऐलान

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए कह दिया है कि वे तब तक राजनीति से संन्यास नहीं लेंगी जब तक भाजपा को हाशिए पर नहीं धकेल देती. उनका कहना है कि यह भाजपा का 'मनी मून' (Money moon) पीरियड चल रहा है.

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ममता बनर्जी ममता बनर्जी

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 25 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 9:33 AM IST

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को अपने राजनीतिक संन्यास को लेकर एक बड़ा बयान दिया. उन्होंने साफ कहा है कि वे जब तक बीजेपी को हाशिए पर नहीं धकेल देती तब तक राजनीति से संन्यास नहीं लेंगी.

एक फेसबुक लाइव में सोमवार को ममता बनर्जी ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल के लोगों ने बीजेपी का असली चेहरा पहचान लिया है. उनका आरोप है कि राज्य में नागरिकों को बड़े पैमाने पर डराया-धमकाया जा रहा है. 

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ममता ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए तल्ख लहजे में कहा, "जो लोग सोच रहे हैं कि जगह की अनुमति नहीं मिलने से परेशान होकर मैं राजनीति से 'संन्यास' ले लूंगी, वह किसी गलतफहमी में हैं." ममता का कहना है कि उनकी लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक वे बीजेपी को संन्यास लेने पर मजबूर नहीं कर देती. 

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पुलिस टीएमसी कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामले दर्ज कर रही है. और एसपी जिला अध्यक्ष की तरह काम कर रहे हैं. 

ममता बनर्जी ने कहा, "12,000 से 14,000 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए. कुछ गद्दारों और लुटेरों की मदद से लोगों पर बीजेपी में शामिल होने का दबाव बनाया जा रहा है." इतना ही नहीं, ममता ने जाधवपुर यूनिवर्सिटी के हालिया विवाद को लेकर भी बीजेपी पर तंज कसा. 

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यह भी पढ़ें: ममता का सीएम शुभेंदु पर बड़ा आरोप, घर में नजरबंद करने की दी धमकी

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने जाधवपुर यूनिवर्सिटी कैंपस में हंगामा कराया और यूनिवर्सिटी के प्रतीक चिह्न को नुकसान पहुंचाया. ममता का कहना है कि छात्रों से उनके मतभेद हो सकते हैं लेकिन वे उनका बहुत सम्मान करती हैं. TMC अध्यक्ष ने जनगणना प्रक्रिया को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं. उनका कहना है कि जनगणना के जरिए बीजेपी गुप्त रूप से NRC लागू करने की कोशिश कर रही है. उनका दावा है कि यह प्रक्रिया बिना किसी राजनीतिक दल से सलाह-मशविरा किए ही शुरू कर दी गई. 

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक आंदोलनों की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है. साथ ही, उन्होंने जनगणना को लेकर भी सवाल उठाए. उनका कहना है कि लोगों को जनगणना फॉर्म पर हस्ताक्षर करने और निजी जानकारी शेयर करने से पहले अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए. उन्होंने सवाल किया कि क्या गारंटी है कि इस जानकारी का बाद में किसी दूसरे काम में इस्तेमाल नहीं होगा. 

SIR(विशेष गहन पुनरीक्षण) को लेकर भी ममता ने बीजेपी पर निशाना साधा. उनका आरोप है कि SIR के नाम पर लाखों वोटर्स के नाम गैरकानूनी रूप से वोटर लिस्ट से हटा दिए गए. उन्होंने कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो वे इन लोगों के नाम वोटर लिस्ट में शामिल कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगी. ममता ने बीजेपी पर चुनावी धांधली का भी आरोप लगाया है. उन्होंने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा, "यह बीजेपी का हनीमून पीरियड नहीं बल्कि मनी(Money)मून पीरियड चल रहा है."

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उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर भी निशाना साधा है. उनका कहना है कि मुख्यमंत्री 'बुलडोडर की राजनीति' कर रहे हैं. 

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