महाराष्ट्र के लातूर जिले से एक चौंकाने वाला सामने आया है. लातूर के ग्राम सभा का एक वीडियो इस समय तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में सरपंच और अन्य लोग कथित तौर पर सरकारी मदद पाने के लिए अधिकारियों को दी जाने वाली रिश्वत की 'रेट कार्ड' पर चर्चा कर रहे हैं.
वीडियो वायरल होने के बाद ही अधिकारियों ने सरपंच से इस बारे में सफाई मांगी है. साथ ही, मामले के संबंध में सबूत पेश करने को कहा है. बताया गया है कि यह वीडियो 17 अगस्त को चाकुर तहसील के अटोला गांव में रिकॉर्ड किया गया था.
जब सरपंच से सवाल किया गया कि सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों को देने के लिए ग्राम पंचायत पैसे क्यों मांगती है तो उन्होंने कथित तौर पर पंचायत समिति के सदस्य और अधिकारियों पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि रोजगार गारंटी योजना के तहत कुएं की मंजूरी के लिए 20 हजार रुपये रिश्वत देनी पड़ती है.
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इसी तरह आगे वे वीडियो में रिश्वत के रेट कार्ड पर चर्चा करते नजर आ रहे हैं. उनका कहना है कि मवेशियों के शेड की मंजूरी के लिए कथित तौर पर 7 हजार रुपये रिश्वत ली जाती है. इसी तरह उन्होंने आवास और अन्य सरकारी योजनाओं के लिए भी तय रकम की मांग किए जाने का दावा किया. उन्होंने कुएं के लिए पंचायत समिति स्तर पर कथित तौर पर 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगे जाने का आरोप लगाया. उनका कहना है कि इसमें से 5 हजार रुपये हाउस टैक्स और पानी के टैक्स के बकाए में एडजस्ट किए जाते हैं. यानी लाभार्थियों को पंचायत समिति के कर्मचारियों को कथित तौर पर 15 हजार रुपये देने पड़ते हैं.
वीडियो में सरपंच को यह कहते हुए भी सुना जा सकता है कि इन सबको रिकॉर्ड करके सार्वजनिक किया जाना चाहिए जिससे पूरी दुनिया को हकीकत पता चल सके. चाकुर पंचायत समिति के ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर संताजी माने ने बताया कि इस मामले में उन्होंने सरपंच से लिखित सफाई मांगी है और तीन दिनों में सबूत पेश करने या यह बताने को कहा है कि उन्होंने किसे और कब पैसे दिए.
BDO संताजी माने का कहना है कि अगर मामले में आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी काम के लिए पंचायत समिति को पैसे न दिए जाएं. साथ ही, उन्होंने लोगों से ऐसी रिश्वत की मांग किए जाने पर एंटी करप्शन ब्यूरो(ACB) या उनसे शिकायत करने की भी अपील की है.
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