लोकसभा में 'जन्म-मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक' पास, बिना चर्चा के हुआ पारित

लोकसभा में हंगामे और नारेबाजी के बीच 'जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) विधेयक 2026' बिना चर्चा के पास हो गया. गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय द्वारा पेश इस बिल के पारित होने पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्ष सदन में हंगामा करता है और बाहर मीडिया में आरोप लगाता है.

Advertisement
लोकसभा से बिना चर्चा पास हुआ जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रीकरण बिल (PTI photo) लोकसभा से बिना चर्चा पास हुआ जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रीकरण बिल (PTI photo)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 31 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 12:45 PM IST

संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी के बीच 'जन्म और मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक (संशोधन) 2026' को बिना किसी विस्तृत चर्चा के सीधे पारित कर दिया गया. गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने इस विधेयक को पटल पर रखा, जिसके बाद विपक्षी सदस्यों के भारी शोर-शराबे के बीच इसे ध्वनिमत से मंजूरी दे दी गई.

Advertisement

विधेयक के पारित होने के तुरंत बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के इस रवैये पर कड़ा एतराज जताया और सदन में उन्हें सीधे तौर पर नसीहत दी. रिजिजू ने कहा, "सब लोग सुनिए. भविष्य में आप लोग ऐसा मत कीजिए. जनता आपसे जवाब मांगेगी. आपको यहां अपने क्षेत्र की बात रखने के लिए भेजा गया है, बिना वजह हंगामा करने के लिए नहीं."

'सहयोग करें, हंगामा न करें'
विपक्ष पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए रिजिजू ने आगे कहा, "आप लोग सदन के भीतर बिल पर चर्चा में शामिल नहीं होते और फिर बाहर जाकर मीडिया में कहते हैं कि सरकार चर्चा नहीं करती, बिना चर्चा के ही बिल पारित कर देती है. आप सरकार पर यह आरोप नहीं लगा सकते क्योंकि आपको अपनी बात रखने का पूरा मौका मिलता है."

Advertisement

केंद्रीय मंत्री ने चेतावनी और अपील के लहजे में कहा कि अगली बार जब भी सरकार कोई महत्वपूर्ण बिल लेकर आए, तब भी अगर विपक्ष ऐसा ही हंगामा करेगा, तो यह लोकतंत्र के लिए बिल्कुल अच्छा नहीं होगा. उन्होंने विपक्षी सांसदों से आग्रह किया कि वे संसदीय कार्यवाही में सहयोग करें न कि हंगामा.

यह भी पढ़ें: जन्म-मृत्यु रिकॉर्ड डिजिटल करने का बिल पेश करेंगे गृह मंत्री, देरी से जन्म-मृत्यु पंजीकरण के नियम होंगे सख्त ​

क्या है कानून

आपको बता दें कि देश में जन्म और मृत्यु के पंजीकरण की व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. सरकार जन्म-मृत्यु से जुड़े रिकॉर्ड को डिजिटल और अधिक व्यवस्थित बनाने के साथ फर्जी दस्तावेजों पर लगाम लगाने की तैयारी में है. नए प्रावधान लागू होने के बाद जन्म प्रमाण पत्र को कई महत्वपूर्ण सरकारी सेवाओं और प्रक्रियाओं के लिए प्रमुख दस्तावेज के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकेगा. 

इस नए कानून के लागू होने के बाद जन्म प्रमाण पत्र आपके जीवन का सबसे जरूरी और इकलौता मुख्य दस्तावेज बन जाएगा. ​इस कानून के तहत अब पूरे देश के जन्म और मृत्यु के रिकॉर्ड को एक केंद्रीय डिजिटल डेटाबेस से जोड़ा जा रहा है. इससे देश के किसी भी कोने में होने वाले जन्म या मृत्यु की जानकारी एक ही जगह ऑनलाइन उपलब्ध होगी. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »