फेक एनकाउंटर? तीन तमिलों की मौत पर घिरी कर्नाटक सरकार, मुआवजा बढ़ाने की मांग

कर्नाटक के चामराजनगर और मैसूर में तीन तमिल लोगों की मौत को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है. तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्रियों एडप्पादी के. पलानीस्वामी और एम.के. स्टालिन ने मामले की CBI जांच की मांग की है.

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DK Shivkumar DK Shivkumar

प्रमोद माधव

  • बेंगलुरु,
  • 18 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 10:59 AM IST

कर्नाटक के चामराजनगर और मैसूर में तीन तमिल लोगों की कथित एनकाउंटर में मौत को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. बताया गया कि वन विभाग के कर्मियों के साथ हुई कथित मुठभेड़ में इन तीनों की मौत हो गई. इस मामले को तमिलनाडु के कई नेताओं ने उठाया है. DMK नेता मनोज के. पांडियन ने इसे फेक एनकाउंटर बताते हुए मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है.

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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने इसे वन विभाग द्वारा किया गया एक क्रूर नरसंहार बताया है. साथ ही, इस मामले में वन विभाग के स्पष्टीकरण को उन्होंने पूरी तरह "अस्वीकार्य" किया है.

तमिलनाडु के पूर्व मुख्मयंत्री एम.के. स्टालिन और एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने भी इस मुद्दे को उठाया था. EPS ने इस मुद्दे पर कर्नाटक सरकार को घेरते हुए मामले की CBI जांच की मांग की. उनका कहना है कि कर्नाटक सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों के लिए जो 5 लाख का मुआवजा घोषित किया गया है, उसे बढ़ाया जाना चाहिए. 

तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने भी घटना की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा कि कर्नाटक वन विभाग के अधिकारियों द्वारा तीन तमिल लोगों को कथित तौर पर गोली मारकर मौत के घाट उतारने की घटना चौंकाने वाली है. उन्होंने हत्या का केस दर्ज कर पारदर्शी और निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग की. साथ ही मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग भी की.

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तमिलनाडु के मंत्री निर्मल कुमार ने इस मामले पर साफ कहा है कि तमिलनाडु के लोगों को कहीं भी अगर नुकसान पहुंचाया जाता है तो उसके खिलाफ सबसे पहली आवाज मुख्यमंत्री विजय की उठेगी. उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग मौके का फायदा उठाते हुए अचानक हमदर्दी दिखा रहे हैं. 

यह भी पढ़ें: कर्नाटक में वन विभाग ने किया 3 शिकारियों का एनकाउंटर, भड़के स्टालिन बोले- दर्ज हो हत्या का केस

मामले में कर्नाटक सरकार के रुख की बात करें, तो कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने मामले में उचित जांच के आदेश दिए हैं. 

कैसे हुई थी मुठभेड़

कर्नाटक के चामराजनगर और मैसूर में तीन लोगों के शिकारी होने के शक में वन विभाग और उनके बीच कथित मुठभेड़ हो गई थी. इस मुठभेड़ में इन तीन लोगों की मौत हो गई थी. इसके बाद से ही मामले में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया था. चामराजनगर के हनूर में मृतकों के परिजन और ग्रामीणों ने दट्टी वन क्षेत्र में प्रदर्शन करते हुए वन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताई थी.

कर्नाटक सरकार ने विरोध बढ़ता देख मामले में मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए थे. साथ ही, मृतकों के परिवारों के लिए मुआवजे की भी घोषणा की गई थी. 

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