जामिया हिंसा: शरजील इमाम को बरी करने के फैसले के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट पहुंची पुलिस

जामिया में दिसंबर 2019 में CAA-NRC कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए थे. इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी. इसके बाद इलाके में हिंसा फैल गई थी. इस मामले में दिल्ली पुलिस ने शरजील इमाम, आसिफ इकबाल तन्हा समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था. साकेत कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया.

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साकेत कोर्ट ने शरजील इमाम को जामिया हिंसा मामले में बरी कर दिया था (फाइल फोटो) साकेत कोर्ट ने शरजील इमाम को जामिया हिंसा मामले में बरी कर दिया था (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 07 फरवरी 2023,
  • अपडेटेड 1:58 PM IST

दिल्ली पुलिस ने जामिया हिंसा मामले में शरजील इमाम को बरी करने के साकेत कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है. साकेत कोर्ट ने जामिया हिंसा मामले में दिल्ली की साकेत कोर्ट ने जेएनयू के छात्र शरजील इमाम और स्टूडेंट एक्टिविस्ट आसिफ इकबाल तन्हा समेत 11 आरोपियों को बरी कर दिया था. हालांकि, शरजील इमाम अभी जेल में हैं, वे फरवरी 2020 में नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के दंगों में साजिश के मामले में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत ट्रायल का सामना कर रहे हैं. 

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जामिया में दिसंबर 2019 में CAA-NRC कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए थे. इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी. इसके बाद इलाके में हिंसा फैल गई थी. इस मामले में दिल्ली पुलिस ने शरजील इमाम, आसिफ इकबाल तन्हा समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था. साकेत कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी करते हुए कहा था कि असहमति जताने वालों और दंगाइयों के बीच की रेखा को धुंधला नहीं कर सकते हैं.

दरअसल, शरजील इमाम के वकील ने सुनवाई के दौरान दावा किया था कि शरजील इमाम ने शांतिपूर्ण विरोध के पक्ष में प्रचार किया, न कि हिंसा के लिए. कोर्ट ने इसे भी स्वीकार कर लिया था. अब दिल्ली पुलिस ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया है. माना जा रहा है कि दिल्ली पुलिस इस मामले में हाईकोर्ट से जल्द सुनवाई की मांग कर सकती है. 

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शरजील पर दिल्ली दंगों में भी साजिश का आरोप

शरजील जामिया केस में राहत मिलने के बाद भी जेल से बाहर नहीं आ पाए हैं. उनपर 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश रचने का आरोप है. इस मामले में पुलिस ने चार्जशीट भी दाखिल की है. इतना ही नहीं शरजील पर भड़काऊ बयान देने के मामले में भी केस चल रहा है. इमाम ने असम को इंडिया से काट देने की बता कही थी, दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने मामले की जांच की थी. इस मामले में इमाम पर देशद्रोह और UAPA लगाया गया था, इस केस में भी अभी जमानत नहीं मिली है.

शरजील पर 16 जनवरी 2020 को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में भाषण देने के मामले में केस दर्ज हुआ था. इस भड़काऊ भाषण के लिए पांच राज्यों में देशद्रोह का मामला दर्ज हुआ था. इसमें दिल्ली के साथ-साथ असम, उत्तर प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर शामिल था. शरजील को बिहार से गिरफ्तार किया गया था.
 


 

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