चीन से टेंशन के बीच लद्दाख में सेना का अटेंशन, नरवणे के बाद अब वायुसेना प्रमुख का दौरा

वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी लद्दाख दौरे पर हैं. उन्होंने लद्दाख में वायुसेना की तैयारियों का जायजा लिया. कुछ दिन पहले वायुसेना प्रमुख ने कहा था कि एलएसी पर चीन की मौजूदगी बढ़ रही, लेकिन इससे भारतीय वायुसेना को फर्क नहीं पड़ेगा.

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वायुसैनिकों से मिलते वायुसेना प्रमुख. (फोटो-ट्विटर) वायुसैनिकों से मिलते वायुसेना प्रमुख. (फोटो-ट्विटर)

अभिषेक भल्ला

  • नई दिल्ली,
  • 17 अक्टूबर 2021,
  • अपडेटेड 12:37 PM IST
  • लद्दाख पहुंचे वायुसेना प्रमुख
  • तैयारियों का जायजा लिया

पूर्वी लद्दाख (Eastern Ladakh) पर चीन के साथ जारी तनाव के बीच वायुसेना प्रमुख वीआर चौधरी (VR Chaudhari) ने इलाके का दौरा किया. लद्दाख पहुंचकर वायुसेना प्रमुख ने यहां की तैयारियों का जायजा लिया. उनसे दो हफ्ते पहले ही आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे (General MM Naravane) ने भी लद्दाख का दौरा किया था. 

इसी महीने वायुसेना प्रमुख की जिम्मेदारी संभालने के बाद एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी का ये पहला लद्दाख दौरा (Ladakh Visit) है. वायुसेना ने बताया कि शनिवार को एयर चीफ मार्शल चौधरी ने लेह में एयरफोर्स स्टेशन और उत्तरी सेक्टर में भारतीय वायुसेना की तैनाती का जायजा लिया.

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वायुसेना प्रमुख ने भारत की तैयारियों का जायजा भी लिया, साथ ही एयरबेस के कर्मचारियों और वायुसेना के जवानों से बात भी की. बीती 8 अक्टूबर को 89वें वायुसेना दिवस के मौके पर एयर चीफ मार्शल चौधरी ने कहा था कि पूर्वी लद्दाख में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की मौजूदगी बढ़ गई है. हालांकि, उन्होंने ये भी कहा था कि इससे वायुसेना को बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ने वाला है. उन्होंने बताया था कि चीन की वायुसेना ने LAC के उस पास तीन एयर फील्ड में अपनी मौजूदगी बढ़ा दी है.

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भारत और चीन (India and China) के बीच तनाव कम करने को लेकर 10 अक्टूबर को 13वें राउंड की बातचीत हुई थी. करीब साढ़े 8 घंटे तक हुई बातचीत भी बेनतीजा ही रही थी. मीटिंग के बाद भारतीय सेना ने बताया था कि विवाद सुलझाने के लिए भारत की ओर से कई रचनात्मक सुझाव दिए गए थे, लेकिन चीन न तो सहमत हुआ और न ही कोई प्रस्ताव रखा, जिस पर आगे बातचीत हो सके. 

पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच पिछले साल मई से गतिरोध शुरू हुआ था. दोनों देशों की सेनाओं के बीच अब तक कई इलाकों से पीछे हटने पर सहमति बन चुकी है, लेकिन अब भी एलएसी पर तनाव जारी है. 

 

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