'प्रोटेस्ट में आएं, खरीदारी करें...', राहुल गांधी बोले- INDIA ब्लॉक की महारैली से व्यापारियों को नहीं होगा नुकसान

दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली INDIA ब्लॉक की मेगा रैली की तैयारियां तेज हैं. विपक्षी दल कथित चुनावी अनियमितताओं और 'वोट चोरी' के आरोपों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. मिंटो रोड से रामलीला मैदान तक 'चलो दिल्ली' मार्च निकाला जाएगा.

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राहुल गांधी ने दिल्ली में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया था.(Photo-PTI) राहुल गांधी ने दिल्ली में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया था.(Photo-PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 31 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 12:01 AM IST

दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को होने वाली INDIA ब्लॉक की मेगा रैली को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं. विपक्षी दलों के नेता और अलग-अलग राज्यों से समर्थक दिल्ली पहुंचने लगे हैं. इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार देर शाम सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट कर दिल्ली आने वाले लोगों से रैली और मार्च के साथ स्थानीय व्यापारियों से खरीदारी करने की अपील की.

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राहुल गांधी ने कहा कि दिवाली, छठ और भाईदूज का समय है और बाहर से दिल्ली आने वाले लाखों लोग अगर यहां के व्यापारियों की मदद के लिए छोटी-छोटी दुकानों से सामान खरीदेंगे तो उन्हें फायदा होगा. राहुल गांधी ने कहा कि 'प्रोटेस्ट, मार्च, रैली कीजिए, साथ में थोड़ी सी खरीदारी भी कीजिए - व्यापारियों का फायदा हो जाएगा.' उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पता है कि व्यापारियों को रैली से नुकसान नहीं होगा और बीजेपी डर की वजह से अफवाह फैला रही है. यह रैली कथित चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ विपक्ष के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर आयोजित की जा रही है. विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं.

रामलीला मैदान में मुख्य मंच के ऊपर बड़ा तिरंगे वाला शामियाना लगाया गया है. इसके अलावा INDIA ब्लॉक में शामिल अलग-अलग दलों के प्रतिनिधियों के लिए अलग व्यवस्था की गई है. सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं. विपक्षी दल मिंटो रोड से रामलीला मैदान तक मार्च निकालेंगे. इसके बाद रामलीला मैदान में रैली होगी. इसमें राजनीतिक दलों के साथ छात्र संगठन और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों के शामिल होने की उम्मीद है.

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यह प्रदर्शन सिर्फ गठबंधन में शामिल राजनीतिक दलों तक सीमित नहीं है. INDIA ब्लॉक ने छात्रों, युवाओं, महिलाओं, मजदूरों और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों से भी प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है. कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी और छात्र संगठनों ने भी रैली को समर्थन दिया है. अभिजीत दिपके की ओर से शुरू किए गए युवा संगठन सीजेपी ने भी 1 नवंबर की रैली को समर्थन दिया है. संगठन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई है. सीजेपी ने कहा है कि वह स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए लड़ने वाले संगठनों के साथ खड़ा रहेगा.

दोपहर 12 बजे शुरू होगा 'चलो दिल्ली' मार्च

'चलो दिल्ली' नाम से होने वाला मार्च दोपहर 12 बजे मिंटो रोड-कनॉट प्लेस चौराहे से शुरू होगा और रामलीला मैदान में जाकर खत्म होगा. रामलीला मैदान में रैली सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है. INDIA ब्लॉक के नेता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास से खुली बसों में मार्च के शुरुआती स्थान तक पहुंचने की उम्मीद है.

रामलीला मैदान में पिछले कुछ दिनों से तैयारियां चल रही हैं. मुख्य मंच पर वरिष्ठ विपक्षी नेताओं के लिए बड़ा तिरंगे वाला शामियाना लगाया गया है. इसके अलावा INDIA ब्लॉक की राज्य इकाइयों के प्रतिनिधियों के लिए दूसरा मंच तैयार किया जा रहा है. सफेद शामियानों की कतारें लगाई गई हैं और लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए लोहे के बैरिकेड लगाए गए हैं. अस्थायी मंच भी तैयार किए गए हैं. ट्रकों के जरिए कुर्सियां और अन्य सामान मैदान में पहुंचाया जा रहा है.

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अलग-अलग प्रवेश द्वार और बैठने की व्यवस्था

अलग-अलग श्रेणी के लोगों के लिए अलग प्रवेश द्वार और घेरे बनाए जा रहे हैं. आयोजकों से भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्वयंसेवक तैनात करने, पीने के पानी की व्यवस्था करने और महिलाओं के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था करने को कहा गया है. पार्किंग को लेकर यातायात पुलिस के साथ भी तालमेल किया जा रहा है. रामलीला मैदान में रातभर रुकने की अनुमति नहीं है.

INDIA ब्लॉक के नेताओं ने रैली में 10 लाख तक लोगों के पहुंचने की उम्मीद जताई है, जबकि दिल्ली पुलिस को करीब 50 हजार लोगों के आने की उम्मीद है. अधिकारियों के मुताबिक, खाली रामलीला मैदान में करीब 45 हजार से 50 हजार लोग आ सकते हैं. हालांकि, कुर्सियों, घेरों और आने-जाने के लिए तय रास्तों की वजह से क्षमता करीब 30 हजार से 40 हजार लोगों तक रह जाएगी. भीड़ बढ़ने की स्थिति को संभालने के लिए मैदान के बाहर भी जगह रखी जाएगी.

4 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात

सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए मार्च के रास्ते और रैली स्थल पर 4 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की कंपनियां तैनात की जाएंगी. रामलीला मैदान को 14 हिस्सों में बांटा गया है और हर हिस्से की निगरानी सहायक पुलिस आयुक्त स्तर के अधिकारी करेंगे. सुरक्षा के लिए 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन और शरीर पर लगाए जाने वाले कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा. मैदान के अंदर एक नियंत्रण कक्ष भी बनाया गया है.

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दिल्ली में यातायात पर भी पड़ेगा असर

रविवार को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक दिल्ली के कई हिस्सों में यातायात प्रतिबंध लागू रहेंगे. आईटीओ, दिल्ली गेट, राजघाट, अजमेरी गेट और तुर्कमान गेट समेत कई प्रमुख चौराहों पर रास्तों में बदलाव किया जाएगा. लोगों को बहादुर शाह जफर मार्ग, जवाहरलाल नेहरू मार्ग, मिंटो रोड और देशबंधु गुप्ता रोड के आसपास के रास्तों से बचने की सलाह दी गई है. एलएनजेपी और जीबी पंत अस्पतालों की ओर जाने वाली एंबुलेंस और आपातकालीन वाहनों की आवाजाही के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को भी अपनी यात्रा पहले से तय करने की सलाह दी गई है.

दिल्ली पुलिस ने कहा है कि रामलीला मैदान में रैली के लिए अनुमति दी गई है. हालांकि, मिंटो रोड-कनॉट प्लेस चौराहे से प्रस्तावित जुलूस के लिए कोई आवेदन नहीं मिला था.

शनिवार को हुआ था प्रतीकात्मक 'पब्लिक इम्पीचमेंट'

रविवार की रैली से पहले शनिवार को INDIA ब्लॉक ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक 'पब्लिक इम्पीचमेंट' किया था. इसकी अध्यक्षता पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने की थी. खड़गे ने विपक्ष के आरोपों को सामने रखते हुए प्रस्ताव पेश किया था, जबकि राहुल गांधी ने कार्यक्रम के अंत में अपनी बात रखी थी. इसके बाद प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया गया था.

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इस कार्यवाही में कई विपक्षी दलों के नेता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर प्रक्रिया से प्रभावित लोग शामिल हुए थे. पूरी कार्यवाही को संसदीय बहस की तर्ज पर आयोजित किया गया था. प्रस्ताव में ज्ञानेश कुमार पर कथित चुनावी हेरफेर, बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाने और चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को कमजोर करने के आरोप लगाए गए थे. इसमें उन्हें पद से हटाने की मांग की गई थी. हालांकि, यह कार्यवाही प्रतीकात्मक थी और संवैधानिक तौर पर औपचारिक महाभियोग नहीं था.

'वोट चोरी' के आरोप को लेकर लगातार प्रदर्शन

INDIA ब्लॉक लगातार उस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रहा है जिसे वह 'वोट चोरी' कहता है. विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के जरिए बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाने में मदद की. इस मामले को लेकर विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और सुप्रीम कोर्ट का भी रुख किया है.

यूथ कांग्रेस के 20 हजार कार्यकर्ताओं के पहुंचने की उम्मीद

भारतीय युवा कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि उसे उम्मीद है कि देशभर से 20 हजार से ज्यादा कार्यकर्ता रामलीला मैदान की रैली में शामिल होंगे. संगठन ने कहा कि ये कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से कथित 'वोट चोरी' को लेकर जवाबदेही की मांग करेंगे. भारतीय युवा कांग्रेस ने पहले ही 'चलो दिल्ली' का आह्वान किया था. इसके तहत राज्य इकाइयों, जिला समितियों और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को 1 नवंबर की INDIA ब्लॉक रैली के लिए दिल्ली पहुंचने के लिए जुटाया गया है.

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