गुजरात के अमीरगढ़ और कांकरेज क्षेत्र में चांदीपुरा वायरस की चपेट में आने से दो बच्चों की मौत हो गई. इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट हो गया है. स्वास्थ्य विभाग फिलहाल व्यापक स्तर पर सर्वे करा रहा है और इलाके में दवा छिड़काव का अभियान चल रहा है. राज्य में अब तक इस वायरस से जुड़े 184 संदिग्ध मामले दर्ज किए गए हैं. इनमें से जांच के बाद 35 मरीज चांदीपुरा वायरस से संक्रमित पाए गए हैं, जबकि 11 नमूनों की जांच रिपोर्ट अभी आनी बाकी है.
चांदीपुरा वायरस के ये मामले बनासकांठा जिले से आए हैं. बनासकांठा के अमीररगढ़ और कांकरेज क्षेत्र में चांदीपुरा वायरस के कारण दो बच्चों की मौत हो गई है. अमीरगढ़ और कांकरेज क्षेत्र में चिंता का माहौल है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है. जिला स्वास्थ्य अधिकारी और मेडिकल टीमें अलर्ट मोड पर आ गई हैं. संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए अमीरगढ़, कांकरेज और कानपुरा गांव सहित अन्य गांवों में घर-घर जाकर सर्वे किया जा रहा है. कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है.
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चांदीपुरा वायरस मुख्य रूप से सैंडफ्लाई के जरिए फैलता है. सैंडफ्लाई बहुत ही छोटी मक्खी होती है. इसीलिए कच्चे मकानों, दीवार की दरारों और उन स्थानों पर सफाई की जा रही है, जहां इनके पनपने की आशंका होती है. सैंडफ्लाई के नियंत्रण के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है.
कानपुरा गांव में चांदीपुरा वायरस के कारण हुई मौत के बाद अमीरगढ़ क्षेत्र में 47 स्वास्थ्य टीमों की तैनाती की गई है. ये टीमें लगातार निगरानी, स्प्रे, डस्टिंग का काम कर रही हैं. साथ ही, जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है.
स्वास्थ्य विभाग की ओर से अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की जा रही है. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि बच्चों में तेज बुखार, लगातार रोना, उल्टी, दौरे पड़ना या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें तो बिना देर किए उन्हें नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराएं. साथ ही अपने घर और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखें.
(इनपुट -- परेशकुमार किशनलाल पढियार)
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