आज दोस्ती के लिए किसी से रोज मिलना जरूरी नहीं है. एक मैसेज, वीडियो कॉल या सोशल मीडिया पर शेयर की गई कोई छोटी-सी चीज भी दोस्तों को जोड़े रख सकती है. लेकिन सवाल ये है कि क्या डिजिटल कनेक्शन ने असल दोस्ती की जगह ले ली है? जेन Z और मिलेनियल्स की दोस्ती को लेकर YPulse की नई रिपोर्ट इस सवाल का एक दिलचस्प जवाब देती है.
आज की जेन Z और मिलेनियल्स को अक्सर फोन और सोशल मीडिया में बिजी रहने वाली पीढ़ी माना जाता है. लेकिन YPulse की 2026 फ्रेंडशिप एंड कम्युनिटी रिपोर्ट इस तस्वीर का दूसरा पहलू दिखाती है. रिपोर्ट के मुताबिक, ज्यादातर जेन Z और मिलेनियल्स के कई करीबी दोस्त हैं और वे अपने दोस्तों से कम से कम हफ्ते में एक बार मिलते हैं. खासकर टीनेज के दौर में दोस्ती और सोशल कनेक्शन काफी मजबूत रहता है.
स्कूल के बाद दोस्त बनाना क्यों मुश्किल?
रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूल आज भी दोस्त बनाने का सबसे बड़ा जरिया है. स्कूल में रोज एक ही लोगों से मिलना, साथ पढ़ना और अलग-अलग एक्टिविटीज में हिस्सा लेना दोस्ती को आसान बनाता है. लेकिन ग्रेजुएशन के बाद ये पूरा सोशल स्ट्रक्चर खत्म हो जाता है. इसके बाद जेन Z और मिलेनियल्स के लिए नए दोस्त बनाना और पुराने दोस्तों के साथ कनेक्शन बनाए रखना ज्यादा मुश्किल होने लगता है.
अब खुद बना रहे दोस्ती के नए मौके
ऐसे में युवा खुद नए सोशल स्पेस तलाश रहे हैं. YPulse के मुताबिक, जेन Z और मिलेनियल्स फिटनेस क्लब, स्पोर्ट्स टीम, बुक क्लब और इन-पर्सन मीटअप्स का हिस्सा बन रहे हैं. यानी अब दोस्ती के लिए सिर्फ स्कूल या कॉलेज पर निर्भर रहने के बजाय लोग अपने लिए नए मौके बना रहे हैं. यहां तक कि कुछ युवा अजनबियों के साथ होने वाले मीटअप्स में भी शामिल हो रहे हैं.
फोन दोस्ती तोड़ नहीं, जोड़ भी रहा है
फोन और सोशल मीडिया को अक्सर लोगों को एक-दूसरे से दूर करने वाला माना जाता है. लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक, ये टेक्नोलॉजी दोस्तों को जुड़े रहने में मदद भी कर रही है. वीडियो चैट, रियल-टाइम लोकेशन शेयरिंग और रोजमर्रा की छोटी-छोटी चीजें शेयर करना दोस्ती को बनाए रखने का हिस्सा बन गया है.
सोशल मीडिया से आगे निकली गेमिंग कम्युनिटी
रिपोर्ट की एक खास फाइंडिंग ये है कि वीडियो गेम्स जेन Z के लिए कम्युनिटी का बड़ा सोर्स बन गए है. गेमिंग में युवा सिर्फ गेम नहीं खेलते, बल्कि दोस्तों और दूसरे खिलाड़ियों के साथ बात करते हैं, टीम बनाते हैं और लगातार जुड़े रहते हैं. हालांकि, डिजिटल कनेक्शन बढ़ने के बावजूद आमने-सामने मिलना अभी भी सबसे मजबूत कनेक्शन महसूस होता है.
यानी जेन Z और मिलेनियल्स दोस्ती से दूर नहीं हो रहे. बस दोस्त बनाने और जुड़े रहने का तरीका बदल रहा है-स्कूल और कॉलेज से लेकर फिटनेस क्लब, मीटअप्स और गेमिंग कम्युनिटी तक.
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