'हर मुद्दे पर एकमत नहीं हो सकते, लेकिन...' G-20 विदेश मंत्रियों की मीटिंग में बोले एस जयशंकर

दिल्ली में आज (2 मार्च) जी-20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक चल रही है. इस बैठक के उद्घाटन सत्र में सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधन किया. इसके बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर का संबोधन हुआ. जयशंकर ने सबसे पहले तुर्की में भूकंप से जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी.

Advertisement
विदेश मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते एस जयशंकर. (फोटो- ट्विटर) विदेश मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते एस जयशंकर. (फोटो- ट्विटर)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 12:55 PM IST

दिल्ली में आज G-20 के विदेश मंत्रियों की बैठक हो रही है. इस बैठक को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि इस ग्रुप के पास एक बड़ी जिम्मेदारी है. वैश्विक आर्थिक संकट के बीच हम  पहली बार एक मंच पर आए हैं. इस वक्त दुनिया कई चुनौतियों का सामना कर रही है. हालांकि, इन मुद्दों पर विचार करते हुए हम हमेशा एक मत नहीं हो सकते, कुछ मामलों पर गंभीर मतभेद हो सकते हैं. लेकिन फिर भी हमें भी एक आम सहमति बनाने की कोशिश करनी चाहिए.

Advertisement

विदेश मंत्री एस जयशंकर से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन सत्र को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि ग्लोबल गवर्नेंस गिर गया है और इसके परिणाम विकासशील देशों को भुगतने पड़ रहे हैं. कई विकासशील देश अपने लोगों के लिए खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने की कोशिश करते हुए लोन के बोझ से जूझ रहे हैं. वे अमीर देशों के कारण होने वाली ग्लोबल वार्मिंग से भी सबसे ज्यादा प्रभावित हैं.

भारत की G20 अध्यक्षता ने ग्लोबल साउथ को आवाज देने की कोशिश की है. कोई भी समूह अपने फैसलों से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए लोगों की बात सुने बिना वैश्विक नेतृत्व का दावा नहीं कर सकता. उन्होंने आगे कहा कि दुनिया विकास, विकास, आर्थिक लचीलापन, आपदा लचीलापन, वित्तीय स्थिरता, अंतरराष्ट्रीय अपराध, भ्रष्टाचार, आतंकवाद, और खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा की चुनौतियों को कम करने के लिए जी20 की ओर देख रही है.

Advertisement

बैठक के अध्यक्ष के रूप में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने तुर्की और सीरिया को हिला देने वाले भूकंप के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देकर सत्र की शुरुआत की. सभा ने एक मिनट का मौन रखा गया.  इस बैठक के लिए ब्रिटेन, चीन समेत कई देशों के विदेश मंत्री दिल्ली आए हैं. हालांकि, चीन और दक्षिण कोरिया ने पहले ही इस बैठक से दूरी बनाने का फैसला ले लिया था. 

ब्रिटेन के विदेश मंत्री ने दिल्ली पहुंचकर कहा था कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उन शब्दों को याद करना चाहिए, जब उन्होंने कहा था कि आज का समय युद्ध का समय नहीं है, लेकिन दुखद है कि वे अबतक ऐसा नहीं कर रहे हैं. दिल्ली में जी-20 देशों के विदेश मंत्रियों के सम्मेलन में आए ब्रिटेन के विदेश मंत्री जेम्स क्लेवरली ने कहा था कि आज हम भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के दौर से गुजर रहे हैं. रूस के यूक्रेन पर आक्रमण की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था झटके से गुजर रही है. हम इसका प्रभाव खाद्य कीमतों, ऊर्जा कीमतों, वैश्विक असुरक्षा के रूप में देख रहे हैं.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »