उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में गुरुवार शाम लखनऊ-दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस पर पथराव की घटना सामने आई है. जिस समय यह घटना हुई, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत भी ट्रेन में सवार थे, राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी यात्री को चोट नहीं आई और मोहन भागवत पूरी तरह सुरक्षित हैं.
कहां हुई पथराव की घटना?
पुलिस के अनुसार, यह घटना गुरुवार शाम करीब 7:45 बजे फिरोजाबाद रेलवे स्टेशन के पास एतावा-टूंडला रेलखंड पर स्थित पेमेश्वर गेट पुल के नजदीक हुई. बताया जा रहा है कि किसी ने 12003 अप लखनऊ-दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस के एक कोच पर पत्थर फेंक दिया. पत्थर लगने से कोच के शीशे को नुकसान पहुंचा, जिसके बाद रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया. सूत्रों के मुताबिक, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत कानपुर से ट्रेन के ई-1 कोच में सवार हुए थे और दिल्ली की ओर यात्रा कर रहे थे. घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे प्रशासन और स्थानीय पुलिस तत्काल सक्रिय हो गई.
सूचना मिलने के बाद फिरोजाबाद के पुलिस अधीक्षक आदित्य लांघे, आगरा रेल पुलिस अधीक्षक अनिल झा और नगर पुलिस अधीक्षक रवि शंकर प्रसाद समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी.
रेलवे और पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है. सुरक्षा एजेंसियां भी घटना को गंभीरता से लेते हुए यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह महज शरारत का मामला था या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी. अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जांच जारी है.
रेलवे ने भी पथराव की घटना को लेकर बयान जारी किया है. रेलवे के अनुसार, 11 जून 2026 को शाम करीब 7:18 बजे लखनऊ-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12003) जब प्रयागराज मंडल के फिरोजाबाद स्टेशन के पास पहुंच रही थी, तभी ट्रेन पर पथराव की घटना हुई.
पथराव के दौरान एक पत्थर कोच की सीट संख्या 54 के बाहरी शीशे से टकराया. हालांकि, ट्रेन के अंदर कोई नुकसान नहीं हुआ और किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है. घटना के बाद ट्रेन को टुंडला स्टेशन पर रोका गया, जहां उसकी जांच की गई और सुरक्षा के मद्देनजर अतिरिक्त आरपीएफ (RPF) जवानों की तैनाती की गई ताकि ट्रेन सुरक्षित रूप से आगे बढ़ सके.
CCTV फुटेज में क्या दिखा?
रेलवे ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही सभी संबंधित अधिकारियों को सूचित किया गया. आरपीएफ और स्थानीय पुलिस ने संदिग्ध स्थान का निरीक्षण किया और आरपीएफ की शिकायत पर रेलवे अधिनियम की धारा 152 के तहत मामला दर्ज किया गया.
जांच के दौरान आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई. फुटेज में कुछ कबाड़ बीनने वाले बच्चे दिखाई दिए, जिनमें से एक को ट्रेन की ओर पत्थर फेंकते हुए देखा गया. इसके बाद स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो लड़कों को हिरासत में ले लिया.
रेलवे ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसी घटनाओं को गंभीरता से लिया जाता है. रेलवे ने लोगों से अपील की है कि चलती ट्रेनों पर पथराव न करें, क्योंकि इससे यात्रियों की जान को खतरा हो सकता है और रेल सेवाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है.
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