भारत के पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान को नई जिम्मेदारी मिली है. अब वे रणनीतिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर नई भूमिका में नजर आएंगे.उन्हें दिल्ली स्थित विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन का डायरेक्टर नियुक्त किया गया है.
5 अक्टूबर से वह अपना नया कार्यभार संभालेंगे. वह इस पद पर पूर्व डिप्टी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अरविंद गुप्ता की जगह लेंगे. जनरल चौहान 3 साल से ज्यादा समय तक CDS के पद पर कार्यरत थे. इसके बाद 30 मई 2026 को वह रिटायर हुए.
सेना में लंबे अनुभव के बाद अब संभालेंगे रणनीतिक मंच
जनरल अनिल चौहान ने नेशनल डिफेंस एकेडमी और इंडियन मिलिट्री एकेडमी से ट्रेनिंग ली है. इसके बाद 1981 में उन्हें 11 गोरखा राइफल्स में कमीशन मिला. इस दौरान उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं. मेजर जनरल के पद पर उन्होंने बारामूला के संवेदनशील सेक्टर में एक इन्फैंट्री डिवीजन की कमान संभाली.
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इसके बाद नॉर्थ-ईस्ट में एक कोर का नेतृत्व किया. सितंबर 2019 से मई 2021 तक वह ईस्टर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ रहे. इसके बाद सितंबर 2022 में उन्हें भारत का दूसरा CDS नियुक्त किया गया.
विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन में पहले भी रहे हैं सक्रीय
VIF रणनीतिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए जाना जाता है. जनरल चौहान भी हाल के महीनों में VIF के कार्यक्रमों में नियमित रूप से शामिल रहे हैं. उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद के घटनाक्रम का विस्तार से आकलन भी किया था. VIF की कार्यकारी समिति की अध्यक्षता एस.गुरुमूर्ति करते हैं.
इसके सदस्यों में पूर्व राजदूत सतीश चंद्र, पूर्व सेना प्रमुख जनरल एनसी विज, पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल, पूर्व RAW प्रमुख सीडी सहाय और लेफ्टिनेंट जनरल आरके साहनी शामिल हैं. यहां तक की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल भी VIF के संस्थापक डायरेक्टर रहे हैं.
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VIF के मुताबिक, फाउंडेशन नई दिल्ली में राजनयिक समुदाय के साथ चर्चा करता है. इसका उद्देश्य भारत के राजनीतिक, रणनीतिक, आर्थिक और सभ्यता से जुड़े हुए हितों को सामने रखना और दूसरे देशों के विचारों को समझना है. अब जनरल अनिल चौहान की मिलिट्री स्पेशलाइजेशन और राष्ट्रीय सुरक्षा के लंबे अनुभव के साथ VIF की गतिविधियों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है.
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