चक्रवात 'अर्नब' से आंध्र प्रदेश में भारी तबाही! 13 जिलों में बाढ़ का अलर्ट, 5 लोगों की मौत

चक्रवात अर्नब के कारण आंध्र प्रदेश में भारी बारिश और तेज हवाओं से तबाही हुई है. मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के मुताबिक, चक्रवात से जुड़ी घटनाओं में पांच लोगों की मौत हुई है. मौसम विभाग ने राज्य के 13 जिलों और यानम में अचानक बाढ़ का अलर्ट जारी किया है.

Advertisement
आंध्र प्रदेश में कई इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई. (Photo- PTI) आंध्र प्रदेश में कई इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई. (Photo- PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 28 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 10:55 PM IST

चक्रवात 'अर्नब' के असर से आंध्र प्रदेश में भारी बारिश और तेज हवाओं ने जनजीवन प्रभावित किया है. मौसम विभाग ने राज्य के 13 जिलों और केंद्र शासित प्रदेश के यानम जिले में अचानक बाढ़ आने का खतरा जताया है. मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के मुताबिक, चक्रवात से जुड़ी घटनाओं में पांच लोगों की मौत हुई है. सरकार ने प्रभावित परिवारों के लिए राहत और आर्थिक सहायता का ऐलान किया है.

Advertisement

भारत मौसम विज्ञान विभाग के चक्रवात चेतावनी केंद्र ने बुधवार को बापटला, गुंटूर, एनटीआर, कृष्णा, एलुरु, पूर्वी गोदावरी, काकीनाडा, अल्लूरी सीताराम राजू, विशाखापत्तनम, विजयनगरम, अनकापल्ली, पार्वतीपुरम मन्यम और पश्चिमी गोदावरी जिलों के लिए फ्लैश फ्लड का अलर्ट जारी किया. यह चेतावनी गुरुवार सुबह 5.30 बजे तक के लिए थी.

मौसम विभाग के अनुसार, कई इलाकों में भारी बारिश के कारण जमीन पहले से पानी से भरी हुई है. ऐसे में निचले इलाकों में पानी भरने और अचानक बाढ़ आने का खतरा है. उत्तर आंध्र प्रदेश और ओडिशा के बड़े हिस्से में समुद्र में ऊंची लहरें उठने की चेतावनी भी दी गई थी. कुछ तटीय इलाकों में हवा की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान जताया गया.

कई इलाकों में 20 से 26 सेंटीमीटर बारिश

आंध्र प्रदेश में बुधवार सुबह 8.30 बजे तक के 24 घंटों के दौरान कई इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई. गरिविडी में 26 सेंटीमीटर बारिश हुई, जबकि अनकापल्ली, श्रींगवरपुकोटा, वेपाडा और चीपुरुपल्ले में 25-25 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई. भीमुनिपट्टनम, मेंटाडा और येलमंचिली में 24-24 सेंटीमीटर बारिश हुई.

Advertisement

मछलीपट्टनम में हवा की अधिकतम रफ्तार 96 किलोमीटर प्रति घंटे दर्ज की गई. विशाखापत्तनम और काकीनाडा में हवा 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली.

मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवात बुधवार सुबह 8 बजे तक तट से टकराने की प्रक्रिया पूरी कर चुका था. इसके बाद तूफान उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा और धीरे-धीरे कमजोर होने का अनुमान जताया गया. हालांकि, राज्य के कई हिस्सों में 3 नवंबर तक बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है.

मृतकों के परिवारों को 5 लाख रुपये

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने बताया कि विशाखापत्तनम में बिजली के खंभे और पेड़ गिरने से दो लोगों की मौत हुई. अनकापल्ली और भीमावरम में एक-एक व्यक्ति की जान गई. मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई.

उन्होंने बुधवार को सचिवालय में अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की और बताया कि वह गुरुवार दोपहर चक्रवात प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे. संभावित दौरे में कोनसीमा और पश्चिमी गोदावरी जिले शामिल हैं. राज्य सरकार नुकसान का शुरुआती आकलन केंद्र को भेजेगी, जिसके बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी. नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर बात कर राहत और पुनर्वास के लिए केंद्र से मदद मांगी है.

प्रभावित परिवारों को चावल और आर्थिक मदद

Advertisement

मुख्यमंत्री ने राहत उपायों की घोषणा करते हुए कहा कि जिन परिवारों के घरों में पानी भर गया है, उन्हें 25 किलो चावल दिया जाएगा. बुनकरों और मछुआरों को 50 किलो चावल के साथ एक-एक किलो प्याज, खाद्य तेल और अरहर की दाल दी जाएगी. प्रभावित लोगों को प्रति व्यक्ति 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी. मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा.

सरकार कृषि और बागवानी फसलों को हुए नुकसान का आकलन भी कराएगी. मुख्यमंत्री ने बताया कि नारियल के बागानों और अन्य बागवानी फसलों को नुकसान पहुंचा है. फसल नुकसान के मुआवजे पर फैसला आकलन के बाद होगा, जबकि अन्य राहत राशि गुरुवार से देना शुरू करने की योजना है. राहत उपायों पर अंतिम फैसला गुरुवार को होने वाली वर्चुअल कैबिनेट बैठक में लिया जाएगा.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रभावित परिवारों तक समय पर मदद पहुंचाना, जरूरी सेवाएं बहाल करना और लोगों का भरोसा बनाए रखना है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »