राष्ट्रगान विवाद में संदीप दीक्षित ने अमित मालवीय को भेजा कानूनी नोटिस, 48 घंटे में माफी की मांग

राष्ट्रगान विवाद को लेकर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने BJP IT सेल प्रमुख अमित मालवीय को कानूनी नोटिस भेजा है. नोटिस में BJP की पोस्ट हटाने, बिना शर्त माफी मांगने और 48 घंटे में जवाब देने की मांग की गई है.

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    संदीप दीक्षित ने BJP से 48 घंटे में मांगी माफी (Photo: ITG) संदीप दीक्षित ने BJP से 48 घंटे में मांगी माफी (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 16 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 5:54 AM IST

कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित की तरफ से बीजेपी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय को कानूनी नोटिस भेजा गया है. यह नोटिस 15 अगस्त को वकील अंबुज दीक्षित और अमरीश रंजन पांडे ने भेजा. मामला 13 अगस्त को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुए रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय सम्मेलन से जुड़ा है, जहां राष्ट्रगान को लेकर एक तकनीकी गड़बड़ी हुई थी.

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नोटिस के मुताबिक, कार्यक्रम में राष्ट्रगान सामान्य तरीके से बजाया गया. मंच पर मौजूद संदीप दीक्षित, राहुल गांधी और बाकी लोग यह मानकर आगे बढ़ गए कि राष्ट्रगान खत्म हो चुका है और वे लोगों से मिलने जुलने लगे. 

इसी दौरान ऑडियो सिस्टम में गड़बड़ी की वजह से राष्ट्रगान गलती से दोबारा बजने लगा, जिसे ऑपरेटर ने तुरंत बंद कर दिया. नोटिस में वीडियो का पूरा टाइमलाइन भी दिया गया है, जिसके अनुसार 59:55 मिनट पर संदीप दीक्षित लोगों से नारेबाजी न करने की अपील करते हैं, 1:00:01 पर राष्ट्रगान शुरू होता है, 1:01:01 पर खत्म होता है और 1:01:02 पर गलती से दोबारा शुरू होकर 1:01:08 पर रोक दिया जाता है.

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नोटिस में कहा गया है कि बीजेपी के आधिकारिक एक्स हैंडल @BJP4India से इस घटना को गलत तरीके से पेश किया गया. पोस्ट में लिखा गया था कि राहुल गांधी ने फिर राष्ट्रगान का अपमान किया है और यह उनका देश विरोधी रवैया दिखाता है. कांग्रेस पक्ष का कहना है कि यह एक साधारण तकनीकी चूक थी, जिसे जानबूझकर अपमान के तौर पर पेश किया गया, जो पूरी तरह गलत और भ्रामक है.

नोटिस में बीजेपी से मांग की गई है कि वह विवादित पोस्ट तुरंत हटाए, उसी एक्स हैंडल से बिना शर्त माफी और स्पष्टीकरण जारी करे, और भविष्य में ऐसा आरोप दोबारा न दोहराए. साथ ही घटना से जुड़े सभी दस्तावेज और रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने को भी कहा गया है. जवाब देने के लिए 48 घंटे का समय दिया गया है, वरना मानहानि का मुकदमा दायर करने की चेतावनी दी गई है.

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