Exclusive: संसद के करीब थे प्रोटेस्टर्स, सिक्योरिटी लैप्स पर इन पांच सबूतों से हुआ बड़ा खुलासा

आज तक/इंडिया टुडे के पास 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हुई सुरक्षा चूक का एक्सक्लूसिव सीसीटीवी फुटेज हाथ लगा है. फुटेज में हजारों प्रदर्शनकारियों को संसद भवन से महज 100 मीटर की दूरी पर रेल भवन साइड स्थित सेल्फी पॉइंट पर देखा जा सकता है, जिससे दिल्ली पुलिस के इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.

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संसद के पास पहुंच गई थी प्रदर्शनकारियों की भीड़. (photo: ITG) संसद के पास पहुंच गई थी प्रदर्शनकारियों की भीड़. (photo: ITG)

अरविंद ओझा

  • नई दिल्ली,
  • 30 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 1:53 PM IST

दिल्ली में 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान सुरक्षा में एक बड़ी चूक का मामला सामने आया है. आज तक/इंडिया टुडे द्वारा संसद भवन के पास के 5 सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर ये सनसनीखेज खुलासा हुआ है.

राजधानी में नई दिल्ली क्षेत्र में बीएनएस (BNS) की धारा 163 लागू होने के बावजूद हजारों प्रदर्शनकारी संसद भवन के चारों तरफ और महज 100 मीटर की दूरी तक पहुंचने में कामयाब रहे. संसद भवन के आसपास भारी संख्या में पुलिस और आरएएफ (RAF) जवानों की तैनाती के बीच प्रदर्शनकारियों और पुलिस अधिकारियों में लगातार तीखी झड़पें होती रहीं.

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रेल भवन सेल्फी पॉइंट के पास हंगामा

आज तक/इंडिया टुडे के पास मौजूद एक्सक्लूसिव सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि प्रदर्शनकारी संसद भवन के चारों ओर पहुंचने में कामयाब रहे. प्रदर्शनकारी रेल भवन के पास बने सेल्फी पॉइंट तक पहुंच गए. फुटेज में सेल्फी पॉइंट का दायां पिलर साफ दिखाई दे रहा है. प्रदर्शनकारी वहां पहुंचकर भारी हंगामा और नारेबाजी करते हुए दिखाई दे रहे हैं.इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच लगातार झड़पें होती दिख रही हैं.

हंगामे के बाद पुलिस का एक्शन

सीसीटीवी में साफ दिख रहा है कि जहां प्रदर्शनकारी हंगामा कर रहे हैं. वहीं, सचिवालय के साइनबोर्ड के ठीक पीछे संसद भवन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है. इसके साथ ही दाईं तरफ बैकग्राउंड में पार्लियामेंट एनेक्सी भी नजर आ रही है. साथ ही जहां तैनात आरएएफ (RAF) जवानों के ठीक पीछे संसद भवन स्थित है और भारी संख्या में पुलिस, आरएएफ के जवान तैनात होने के बावजूद प्रदर्शनकारियों का हंगामा जारी रहा. जब हंगामा बहुत ज्यादा बढ़ा तो स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस अधिकारियों ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना शुरू कर दिया.

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BNS की धारा 163 थी लागू

इस एक्सक्लूसिव सीसीटीवी फुटेज के सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं. सवाल है कि दिल्ली पुलिस को संसद मार्च की पूर्व जानकारी थी, फिर भी पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए? जबकि दिल्ली के एनडीएमसी इलाके में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 163 लागू थी, फिर हजारों की संख्या में भीड़ गैरकानूनी तरीके से संसद भवन तक कैसे पहुंच गई? भीड़ को रोकने के लिए मजबूत बैरिकेडिंग क्यों नहीं की गई?.

बता दें कि छात्रों के संसद मार्च के दौरान भी ये जानकारी सामने आई थी कि प्रदर्शनकारियों की भीड़ रेल भवन के पास पहुंच गई है. इसके बाद पुलिस ने एक्शन लेते हुए हल्के बल का प्रयोग कर कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया था, जिसके कई फुटेज सामने आए थे.

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