'PM केयर फंड्स की जांच करो, प्रधानमंत्री माफ कर देंगे', RTI एक्टिविस्ट पर CJP का करारा हमला

अमित तिवारी की शिकायतों के बाद सीजेपी की प्रवक्ता वैष्णवी गौर ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि किसी की पढ़ाई के खर्च पर सवाल उठाने वालों को पीएम केयर्स फंड की भी जांच करनी चाहिए. इससे पहले अभिजीत दिपके ने भी स्कॉलरशिप, एजुकेशन लोन और आगे पारदर्शी क्राउडफंडिंग पर अपनी बात रखी है.

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RTI एक्टिविस्टी को खुद अभिजीत दिपके ने भी जवाब दिया है. (Photo- PTI) RTI एक्टिविस्टी को खुद अभिजीत दिपके ने भी जवाब दिया है. (Photo- PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 03 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 10:20 AM IST

कॉकरेच जनता पार्टी यानी सीजेपी ने उसके फंड और संस्थापक अभिजीत दिपके के परिवार की आर्थिक स्थिति की जांच की मांग पर आरटीआई एक्टिविस्ट अमित तिवारी को तीखा जवाब दिया है. पार्टी की प्रवक्ता वैष्णवी गौर ने कहा कि किसी निजी व्यक्ति के पढ़ाई के खर्च पर आरटीआई डालने वाले पीएम केयर्स फंड को भी देखें. उन्होंने तंज करते हुए कहा, मोदी जी माफ कर देंगे, चिंता मत करो.

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यह बयान उस वक्त आया, जब सूरत के अमित तिवारी ने 1 अगस्त को भारत निर्वाचन आयोग, सीबीआईसी और महाराष्ट्र सरकार समेत कई जगह शिकायतें दीं. उन्होंने दिपके के पिता भगवानराव दिपके की आर्थिक स्थिति, सीजेपी की फंडिंग, उसके कानूनी दर्जे और कपिल सिब्बल की तरफ से घोषित एक करोड़ रुपये के लीगल डिफेंस फंड पर 18% जीएसटी लगाने की मांग उठाई.

यह भी पढ़ें: RTI की मांग पर आया अभिजीत दिपके का जवाब, बोले- स्कॉलरशिप और लोन से हुई पढ़ाई

सीजेपी का आरटीआई एक्टिविस्ट को पलटवार

वैष्णवी गौर ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि एक शख्स के पढ़ाई के खर्च को निशाना बनाकर सवाल उठाए जा रहे हैं. उनका कहना था कि ऐसे लोग पीएम केयर्स फंड पर भी नजर डालें. सीजेपी ने इन शिकायतों को राजनीतिक मकसद से प्रेरित बताया है. पार्टी का कहना है कि फंडिंग और कानूनी स्थिति को लेकर उठे सवालों के पीछे चुनिंदा तरीके से निशाना बनाने की कोशिश है.

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अमित तिवारी की शिकायत में क्या है?

अमित तिवारी ने महाराष्ट्र सरकार से अभिजीत दिपके के पिता भगवानराव दिपके की आर्थिक जांच की मांग की है. भगवानराव दिपके महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के रिटायर्ड जूनियर इंजीनियर रहे हैं. तिवारी ने सवाल उठाया कि करीब Rs 60,000-65,000 महीने कमाने वाला सरकारी कर्मचारी अपने बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका कैसे भेज सकता है. उन्होंने यह भी मांग की कि देखा जाए क्या यह मामला आय से अधिक संपत्ति से जुड़ा है.

अमित तिवारी ने चुनाव आयोग से यह भी पूछा है कि बिना रजिस्टर्ड राजनीतिक पार्टी हुए सीजेपी जैसी गतिविधियां चलाने वाला संगठन कानूनी तौर पर चंदा ले सकता है या नहीं. सीबीआईसी को दी अलग शिकायत में उन्होंने कपिल सिब्बल के घोषित एक करोड़ रुपये के लीगल डिफेंस फंड पर 18 फीसदी जीएसटी लगाने की मांग की.

अमित तिवारी ने यह आरोप भी लगाया कि नीट पेपर लीक आंदोलन के दौरान सीजेपी नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उनकी दिवंगत मां और भारत के विदेशी रिश्तों को लेकर कथित तौर पर अपशब्द कहे, और यह बात भी उनकी शिकायत का हिस्सा है. बीते दिन सामने आए एक बयान में तिवारी ने कहा कि उन्होंने तीन अलग जगह शिकायत की है.

अभिजीत दिपके की सफाई और फंडिंग पर जवाब

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इन शिकायतों के एक दिन बाद अभिजीत दिपके ने अपनी पढ़ाई के खर्च पर सफाई दी. उन्होंने कहा कि उनकी अमेरिका में पढ़ाई बॉस्टन यूनिवर्सिटी की स्कॉलरशिप और एक एजुकेशन लोन से हुई थी, जिसे उन्हें अब चुकाना है. उन्होंने इंटरव्यू के दौरान अपनी स्कॉलरशिप लेटर की कॉपी भी दिखाई. दिपके ने आगे कहा कि सीजेपी आगे क्राउडफंडिंग करेगी और लोगों से पैसे मांगेगी, लेकिन पूरी पारदर्शिता रखेगी.

यह भी पढ़ें: जंतर-मंतर के बाद अब रांची में होगा CJP का प्रदर्शन? अभिजीत दिपके बोले- झारखंड के छात्रों को हमारा सपोर्ट 

अभिजीत दिपके ने कहा कि नीट पेपर लीक के खिलाफ देशभर में हुए आंदोलन के दौरान आम लोग सीधे मदद कर रहे थे, कोई खाना दे रहा था और लोग अपनी पानी की बोतलें खुद लेकर आ रहे थे. दिपके ने यह दावा भी किया कि दिल्ली पुलिस के कुछ कर्मियों ने निजी तौर पर समर्थन जताया और कहा कि वे पानी की बोतलें देंगे, लेकिन उनकी पहचान जाहिर न की जाए, क्योंकि उनके कुछ बच्चे भी नीट की तैयारी कर रहे थे और वे इस मुद्दे के प्रति सहानुभूति रखते थे.

सीजेपी की फंडिंग पर सवाल उस समय और तेज हुए, जब 27 जुलाई को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस केस झेल रहे प्रदर्शनकारियों के लिए एक करोड़ रुपये के लीगल एड फंड का ऐलान किया. अब एक तरफ अमित तिवारी ने फंडिंग, कानूनी हैसियत और परिवार की आर्थिक स्थिति पर जांच की मांग की है, तो दूसरी तरफ सीजेपी ने इन आरोपों को राजनीतिक बताया है और दिपके ने अपनी पढ़ाई और पार्टी की फंडिंग को लेकर खुलकर सफाई दी है.

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