चेन्नई में हो रहे नर्सों के भूख हड़ताल पर 5 नर्सों की गिरफ्तारी के बाद इस मामले ने राजनीतिक मोड़ ले लिया है. अब DMK सांसद और उप महासचिव एम. के. कनिमोझी ने इस मामले पर TVK सरकार को घेरा है. सोशल मिडिया X पर एक पोस्ट साझा कर उन्होंने कहा कि TVK सरकार स्थाई नौकरी और काम के समान वेतन की मांग कर रही नर्सों की आवाज को दबाना चाहती है.
जबकि इसी सरकार ने चुनाव के पहले वादा किया था कि अस्थाई पदों पर काम कर रही नर्सों को स्थाई किया जाएगा. अब यह सरकार उनके साथ धोखा कर रही है. कनिमोझी ने कहा कि सरकार को नर्सों की मांग का तुरंत समाधान करना चाहिए.
बता दें कि चेन्नई के राजारत्नम स्टेडियम में तमिलनाडु की नर्सें अपनी मांगो को लेकर धरना दे रही हैं. यह भूख हड़ताल 5 अक्तूबर से तमिलनाडु इंटरमीडिएट हेल्थ वर्कर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित किया गया है.
उनकी प्रमुख मांगों में नर्सों की मासिक वेतन 45,000 करना, नौकरी स्थाई होना और बकाया इंसेंटिव देने जैसी मांगें शामिल थी. इस पूरी घटना ने तब तूल पकड़ा जब 5 नर्सों की गिरफ्तारी की खबर सामने आई. इसके बाद नर्सों के वकील वरथराजन ने बताया कि पुलिस वालों ने उन्हें बातचीत का भरोसा देकर बुलाया और धोखे से गिरफ्तार कर लिया.
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इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री विजय पर वार करते हुए उन्होंने कहा कि गिरफ्तार हुई नर्सों को अगर किसी भी तरह की हानि होती है तो उसके जिम्मेदार खुद विजय होंगे. अब इसी मामले पर कनिमोझी ने भी TVK सरकार को घर उनपर सवाल दागे हैं. एम. के. कनिमोझी तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि और उनकी पत्नी राजाथी अम्मल की बेटी हैं.
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