फेक TRP कांडः BARC ने की मुंबई पुलिस की तारीफ, कहा-जांच में पूरा सहयोग देंगे

मुंबई पुलिस द्वारा टीआरपी रैकेट से जुड़े खुलासे के बाद बार्क इंडिया के प्रवक्ता ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है. बार्क ने मुंबई पुलिस की सतर्कता की तारीफ की है और कहा है कि वो जांच में पूरा सहयोग करेगी.

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बार्क इंडिया ने जारी किया अपना आधिकारिक बयान (प्रतीकात्मक तस्वीर) बार्क इंडिया ने जारी किया अपना आधिकारिक बयान (प्रतीकात्मक तस्वीर)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 08 अक्टूबर 2020,
  • अपडेटेड 7:02 PM IST
  • मुंबई पुलिस बोली- पैसे देकर टीआरपी बढ़ाता था रिपब्लिक
  • रिपब्लिक टीवी के अधिकारियों को पुलिस भेजेगी समन
  • बार्क इंडिया ने मुंबई पुलिस को दिया सहयोग का भरोसा

मुंबई पुलिस ने गुरुवार शाम टीवी चैनलों की टीआरपी को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है. मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने साफ-साफ कहा कि रिपलब्कि टीवी पैसे देकर अपनी टीआरपी बढ़ाता था. उन्होंने कहा कि इसके बदले लोगों को पैसे दिए जाते थे. मुंबई पुलिस के मुताबिक रिपब्लिक टीवी टीआरपी के लिए जोड़तोड़ में लगा हुआ था.

मुंबई पुलिस द्वारा टीआरपी रैकेट से जुड़े खुलासे के बाद बार्क इंडिया के प्रवक्ता ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है. बार्क ने मुंबई पुलिस की सतर्कता की तारीफ की है और कहा है कि वो जांच में पूरा सहयोग करेगी. बार्क के प्रवक्ता ने अपने बयान में कहा, "घरों में घुसपैठ के हमारे पिछले सभी संदिग्ध मामलों में बार्क इंडिया अपने स्थापिक सतर्कता और अनुशासनात्मक दिशा-निर्देशों का पालन जारी रख रही है. बार्क अपने उद्देश्य 'भारत क्या देखता है' के लिए पूरी तरह से सही है और ईमानदारी से रिपोर्ट तैयार कर रहा है."

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अपने बयान में बार्क ने आगे कहा है, "BARC इंडिया मुंबई पुलिस के प्रयासों की सराहना करता है और हमसे मांगा गया सहयोग उन्हें प्रदान किया जाएगा." आपको बता दें कि मुंबई पुलिस की प्रेस कॉन्फेंस में पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने कहा कि हमें संदेह है कि अगर मुंबई में ऐसा हो रहा था तो यह देश के अन्य हिस्सों में भी हो सकता है. इसमें कुछ मौजूदा कर्मचारी भी शामिल हैं और कुछ अंदरूनी लोग भी शामिल हैं. BARC अधिकारियों से भी पूछताछ की गई है. वरिष्ठ अधिकारियों को भी तलब किया जाएगा.

रिपब्लिक टीवी को लेकर ये बोले मुंबई के पुलिस कमिश्नर

मुंबई पुलिस कमिश्नर का दावा है कि कुछ अनपढ़ों के घर भी अंग्रेजी चैनल देखा जाता था, जबकि कुछ बंद घरों में भी टीवी चलता रहता था. जिन घरों में टीआरपी मीटर लगे हुए हैं, उन्हें एक ही चैनल देखने के लिए पेमेंट की जाती थी. पुलिस कमिश्नर ने कहा कि दो मराठी चैनलों के मालिक गिरफ्तार हुए हैं. रिपल्बिक टीवी के खातों को सीज किया जा सकता है. परमबीर सिंह ने कहा कि ज्यादा विज्ञापन के लिए टीआरपी का ये खेल खेला जा रहा था.

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परमबीर सिंह ने आगे कहा कि शिकायत के आधार पर हमने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है. रिपब्लिक टीवी का नाम भी सामने आया है. जिन ग्राहकों से संपर्क किया गया था, उन्होंने माना है कि रिपब्लिक चैनल ऑन रखने के लिए पैसे दिए गए थे. उन्होंने अपने बयान दर्ज कराए हैं. बार्क ने भी रिपब्लिक टीवी पर संदेह जताया है.

मुंबई पुलिस का कहना है कि इस गोरखधंधे में रिपब्लिक टीवी के प्रमोटर्स भी शामिल हो सकते हैं. इस मामले में जांच जारी है. जो भी विज्ञापन इन चैनलों पर चले हैं, उनकी भी जांच की जाएगी. विज्ञापनदाताओं से पूछा जाएगा कि वे शिकार हुए या वे भी रैकेट का हिस्सा थे.

मुंबई पुलिस कमिश्नर ने कहा कि आज रिपब्लिक टीवी के अधिकारियों को समन भेजा जाएगा और उन्हें जांच दल के सामने पेश होने के लिए कहा जाएगा. उन्होंने बताया कि हंसा वो एजेंसी थी जिसने मुंबई पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. हम इस मामले से संबंधित सभी खातों की जांच करेंगे. फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है.

 

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