कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने जेल में बंद पूर्व जेएनयू छात्र नेता उमर खालिद को 'राष्ट्रवादी' बताया है. उन्होंने कहा है कि ABVP को उमर खालिद पर बोलने का हक नहीं है जो नाथूराम गोडसे को अपना पसंद बताते हैं.
कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने मंगलवार को बेंगलुरु में पत्रकारों से बात कर रहे थे. उन्होंने कहा, "उमर खालिद राष्ट्रवादी हैं और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को उमर खालिद के बारे में बोलने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि ABVP नाथूराम गोडसे को मानता है. जो राष्ट्र-विरोधी था और देश का पहला आतंकवादी था.
कांग्रेस नेता ने कहा कि उनके पास उमर खालिद के बारे में बोलने का कोई नैतिक अधिकार या नैतिकता नहीं है.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का यह बयान ऐसे समय आया है ABVP ने नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी पर एक्टिविस्ट उमर खालिद पर बनी डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग नहीं होने देने का दबाव बनाया है.
उमर खालिद 13 सितंबर 2020 से जेल में हैं. उस पर CAA और प्रस्तावित NRC के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान 2020 में दिल्ली में हुई हिंसा में कथित भूमिका के लिए गिरफ्तार किया गया था.
ABVP ने खालिद के डॉक्युमेंट्री पर रोक लगाने की मांग की
RSS से जुड़े छात्र संगठन ABVP ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह NLSUI में जेल में बंद एक्टिविस्ट उमर खालिद पर बनी डॉक्यूमेंट्री की प्रस्तावित स्क्रीनिंग को हमेशा के लिए रद्द करने में दखल दे.
संगठन ने केंद्र सरकार से यह भी मांग की कि वह इस प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर नेशनल लॉ स्कूल ऑफ़ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSUI) प्रशासन के खिलाफ़ हाई-लेवल जांच के आदेश दे.
सोमवार को एक बयान में ABVP बेंगलुरु ने कहा कि उसने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी और कानून और न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल को पत्र लिखकर दखल देने की मांग की है.
ललित वचानी द्वारा निर्देशित डॉक्यूमेंट्री "प्रिजनर नंबर 626710 इज़ प्रेजेंट" की स्क्रीनिंग को हाल ही में आयोजकों ने सुरक्षा और प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए टाल दिया था.
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