अरुणाचल: सियांग प्रोजेक्ट को लेकर भड़की हिंसा पर केंद्र का एक्शन, 250 RAF जवान किए तैनात

अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट में सियांग अपर मल्टीपर्पज हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को लेकर जमकर बवाल हो रहा है. उपद्रवियों ने NHPC कार्यालय और पुलिस थाने में आगजनी की, साथ ही प्रदेश BJP अध्यक्ष समेत तीन नेताओं के आवासों को नुकसान पहुंचाया. ऐसे में केंद्र सरकार ने स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए 250 रैपिड एक्शन फोर्स जवानों को तैनात किया है.

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केंद्र ने अरुणाचल में स्थिति पर काबू करने के लिए 250 RAF जवान तैनात किए. (Photo- RAF) केंद्र ने अरुणाचल में स्थिति पर काबू करने के लिए 250 RAF जवान तैनात किए. (Photo- RAF)

जितेंद्र बहादुर सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 25 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 7:33 PM IST

अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट में प्रस्तावित हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के खिलाफ शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब हिंसा में बदल गया है. हालात को बेकाबू होते देख केंद्र सरकार ने रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की दो कंपनियां तैनात कर दी हैं. 250 RAF जवानों को नवी मुंबई से भारतीय वायुसेना के विशेष परिवहन विमान के जरिए पासीघाट भेजा गया है.

दरअसल 11,200 मेगावाट के 'सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट' (SUMP) को लेकर विरोध जारी है. 23 अक्टूबर को सियांग, अपर सियांग और ईस्ट सियांग- इन तीन जिलों में स्थानीय समूहों ने 12 घंटे के बंद का आह्वान किया गया था. 

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बंद के दौरान स्थिति काफी हद तक शांत रही, लेकिन बंद खत्म होने के बाद शुक्रवार रात पासीघाट में अचानक हिंसा भड़क उठी. उपद्रव का ये दौर शनिवार तड़के करीब 3:30 बजे तक लगातार जारी रहा.

NHPC कार्यालय और थाने में आगजनी

उपद्रवियों की हिंसक भीड़ ने NHPC के दफ्तर और एक पुलिस स्टेशन को आग के हवाले कर दिया. इतना ही नहीं, भीड़ ने प्रदेश BJP अध्यक्ष समेत तीन नेताओं के आवासों में भी तोड़फोड़ की. इस हिंसक झड़प में स्थिति संभाल रहे राज्य पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के कई जवान भी घायल हुए हैं.

मुख्यमंत्री पेमा खांडू की शांति की अपील

राज्य के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने लोगों से शांति की अपील की है. उन्होंने कहा, 'शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार लोकतंत्र का एक अनिवार्य हिस्सा है, लेकिन ये बहुत जरूरी है कि प्रदर्शन कानून के दायरे में रहें. किसी को भी सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती.'

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यह भी पढ़ें: अरुणाचल प्रदेश: पावर प्रोजेक्ट के विरोध में सड़कों पर लोग, झड़प में 4 घायल

गृह मंत्रालय के निर्देश पर पहुंचे RAF जवान अब स्थानीय पुलिस और पहले से तैनात CRPF बटालियनों के साथ मिलकर मोर्चा संभाल रहे हैं. सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान अब कानून-व्यवस्था बहाल करने, उपद्रवियों पर नकेल कसने और स्थिति को और बिगड़ने से रोकने पर है.

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