अरुणाचल में पूर्व कांग्रेसी विधायक की हत्या, म्यांमार बॉर्डर पर संदिग्ध उग्र​वादियों ने मारी गोली

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2000 के बाद से राज्य में उग्रवाद से संबंधित 239 मौतों में से 183 तिराप-चांगलांग-लोंगडिंग (टीसीएल) क्षेत्र में हुई हैं. हाल के दिनों में इस क्षेत्र में जबरन वसूली और अपहरण के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है.

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अरुणाचल प्रदेश में भारत-म्यांमार सीमा के पास पूर्व कांग्रेस विधायक युमसेन माटे की हत्या. ( फोटो: इंस्टाग्राम) अरुणाचल प्रदेश में भारत-म्यांमार सीमा के पास पूर्व कांग्रेस विधायक युमसेन माटे की हत्या. ( फोटो: इंस्टाग्राम)

aajtak.in

  • ईटानगर,
  • 17 दिसंबर 2023,
  • अपडेटेड 6:39 AM IST

अरुणाचल प्रदेश में पूर्व कांग्रेस विधायक की शनिवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई. अधिकारियों ने बताया कि एक संदिग्ध आतंकवादी ने तिरप जिले के एक गांव में इस वारदात को अंजाम दिया जहां पूर्व विधायक किसी निजी काम से गए थे. यह घटना दोपहर करीब 3 बजे राहो गांव के पास हुई, जो म्यांमार सीमा के करीब है.

तिरप के एसपी राहुल गुप्ता ने घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कांग्रेस के पूर्व विधायक यमसेन माटे अपने तीन समर्थकों के साथ किसी निजी काम से गांव गए थे, तभी कोई उन्हें किसी बहाने से जंगल की ओर ले गया और उन पर गोली चला दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. 

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पुलिस ने अपराधी की तलाश में अभियान चलाया है. रक्षा सूत्रों ने पूर्व विधायक की हत्या में एनएससीएन-केवाईए की संलिप्तता का संकेत दिया है. जबकि एसपी ने उग्रवादी संगठन की पहचान पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. माटे 2009 में कांग्रेस के टिकट पर खोंसा पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे. 2019 में खोंसा पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से नेशनल पीपुल्स पार्टी के विधायक तिरोंग अबो समेत 10 अन्य लोगों को संदिग्ध उग्रवादियों ने मार दिया था.

तिरप, चांगलांग और लोंगडिंग में उग्रवाद की समस्या

वह 2015 में भाजपा में शामिल हुए और इस साल की शुरुआत में उन्होंने 2024 में विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा व्यक्त की थी. राजनीति में प्रवेश करने से पहले, उन्होंने चांगलांग जिले में डिस्ट्रिक्ट एडल्ट एजुकेशन ऑफिसर के रूप में कार्य किया. अरुणाचल प्रदेश के तीन जिले तिरप, चांगलांग और लोंगडिंग उग्रवाद की समस्या से घिरे हुए हैं. इनमें सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम (AFSPA) लागू है.

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आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2000 के बाद से राज्य में उग्रवाद से संबंधित 239 मौतों में से 183 तिराप-चांगलांग-लोंगडिंग (टीसीएल) क्षेत्र में हुई हैं. हाल के दिनों में इस क्षेत्र में जबरन वसूली और अपहरण के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है. तिरप, लोंगडिंग और चांगलांग जिलों की सीमा म्यांमार से लगती है. असम और नगालैंड के कई प्रतिबंधित उग्रवादी समूह इन सीमावर्ती जिलों का उपयोग ट्रांजिट रूट के रूप में करते हैं.

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