उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी के हॉस्टलों का औचक निरीक्षण किया और वहां की हालत देखकर नाराजगी जताई. राज्यपाल ने हॉस्टल की मेस में बन रहे खाने की जांच की और खाना पकाने में इस्तेमाल हो रहे तेल की गुणवत्ता पर सीधा सवाल उठाया. उन्होंने मौके पर ही फूड सेफ्टी अधिकारियों को बुलाकर सैंपल लेने के निर्देश दिए. यह पूरा मामला यूनिवर्सिटी के 45वें दीक्षांत समारोह के दौरान सामने आया, जब राज्यपाल खुद गोरखपुर यूनिवर्सिटी में रुकी हुई थीं.
राज्यपाल ने कहा कि यह गोरखपुर है, जहां खुद मुख्यमंत्री रहते हैं, अगर यहीं ऐसी कमियां रह जाएंगी तो बाकी जगहों का क्या हाल होगा. उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी में कुल 9 हॉस्टल हैं, जिनमें से 3 गर्ल्स हॉस्टल हैं. इनमें से एक हॉस्टल की मरम्मत का काम चल रहा है क्योंकि इमारत जर्जर हालत में थी. वहीं 6 ब्वॉयज हॉस्टल में से 2 में मरम्मत का काम जारी है. राज्यपाल ने यह भी बताया कि गर्ल्स हॉस्टल में मेस चलती है, लेकिन ब्वॉयज हॉस्टल में मेस नहीं है और वहां के छात्र बाहर से टिफिन मंगवाते हैं.
निरीक्षण के दौरान राज्यपाल खुद रसोई में गईं और वहां बन रहे खाने के डिब्बे खुलवाए. उन्होंने पूछा कि इसके अंदर क्या है. खुद को गृहिणी बताते हुए राज्यपाल ने कहा कि वे सालों से रसोई संभालती आई हैं, इसलिए उन्हें तुरंत समझ आ गया कि कुछ गड़बड़ है. उन्होंने सीधा सवाल किया कि यह खाना पकाने वाला तेल है या स्क्रैप यानी वेस्ट ऑयल. इसके बाद उन्होंने तुरंत फूड सेफ्टी टीम को बुलाकर सैंपल लिवाया.
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राज्यपाल ने बताया कि उन्होंने एक और सैंपल अलग से लिया है, जिसे वे लखनऊ ले जाकर टेस्ट कराएंगी. इसकी वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि कई बार सैंपल बदल दिए जाते हैं और इस पर पूरा भरोसा नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि गुजरात में भी पहले ऐसी घटनाएं होती रही हैं. राज्यपाल ने जोर देकर कहा कि बच्चों को शुद्ध और पौष्टिक भोजन मिलना चाहिए, क्योंकि अगर वे ऐसा ही खाना खाते रहेंगे तो उनका दिमाग सही तरीके से काम नहीं करेगा.
इस मामले पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने सोशल मीडिया पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की तारीफ करते हुए लिखा कि वे इसी तरह डबल इंजन सरकार के दावों की पोल खोलती रहें.
अखिलेश यादव ने क्या कहा?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया ने कहा, "'गोरखपुर मॉडल’ की पोल खोलते-खोलते तुलना के रूप में ‘गुजरात मॉडल’ की घपलेबाज़ी की बात भी सामने आ गई. दोनों में जो बातें कॉमन हैं वो ये हैं कि दोनों जगह भाजपाई सरकार है और भाजपाई महा-भ्रष्टाचार भी. आपसी टकराहट ने तो ‘डबल इंजन’ को ‘ट्रबल इंजन’ बना दिया है."
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