6 सितंबर को एअर इंडिया की फ्लाइट AI152 ज्यूरिख से दिल्ली के लिए रवाना होने वाली थी. इसी दौरान एयरलाइन की आंतरिक सेफ्टी मॉनिटरिंग में एक पायलट सामान्य स्थिति में नहीं दिखाई दिया. सूत्रों के मुताबिक एअर इंडिया के एयरपोर्ट टीम ने मामले को तुरंत गंभीरता से लिया और ज्यूरिख एयरपोर्ट के अधिकारियों को इसकी जानकारी दी. इसके बाद स्थानीय अधिकारियों की ओर से पायलट का शुरुआती ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट किया गया. सूत्रों के अनुसार पायलट को टिप्सी पाया गया. शुरुआती BA टेस्ट रिपोर्ट मिलने के बाद उसे तत्काल विमान उड़ाने की ड्यूटी से हटा दिया गया.
पायलट को ऑपरेशनल ड्यूटी से हटाए जाने के बाद AI152 ज्यूरिख-दिल्ली फ्लाइट भी प्रभावित हुई. सूत्रों के मुताबिक पायलट को आखिरी समय में हटाए जाने के कारण फ्लाइट में देरी हुई. एयरलाइन के आंतरिक सुरक्षा तंत्र ने ही सबसे पहले पायलट के सामान्य स्थिति में नहीं होने की बात नोटिस की थी. इसके बाद ज्यूरिख एयरपोर्ट अधिकारियों को अलर्ट किया गया.
बीए टेस्ट रिपोर्ट के बाद सस्पेंशन
स्थानीय अधिकारियों से शुरुआती ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट रिपोर्ट मिलने के बाद एअर इंडिया ने पायलट को तत्काल उड़ान संचालन से हटा दिया. इसके बाद उसे आगे की मेडिकल जांच के लिए भेजा गया. पायलट को यात्री के तौर पर वापस भारत भेजा गया. फिलहाल वह सस्पेंशन में है. उसका अंतिम मेडिकल जांच रिपोर्ट आने तक निलंबन जारी है. एयरलाइन की ओर से मामले की जांच भी की जा रही है. अंतिम मेडिकल रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही आगे की प्रक्रिया तय होगी.
सूत्रों के मुताबिक ज्यूरिख में हुई इस घटना की पहचान एयरलाइन के सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम यानी SMS प्रोटोकॉल के तहत हुई. इस मामले में एयरलाइन की एयरपोर्ट टीम ने खुद स्थिति को पहचाना और ज्यूरिख एयरपोर्ट अधिकारियों को इसकी जानकारी दी. इसके बाद पायलट को उड़ान से हटाने की कार्रवाई की गई. सूत्रों ने बताया कि प्रोएक्टिव सेफ्टी मॉनिटरिंग एंड रिपोर्टिंग के तहत पायलट के खिलाफ कार्रवाई की गई. यानी मामला सामने आने के बाद ऑपरेशनल स्तर पर तत्काल कदम उठाया गया.
फिलहाल शुरुआती ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट की रिपोर्ट के आधार पर पायलट को ऑपरेशनल ड्यूटी से हटा दिया गया है. उसे आगे की मेडिकल जांच के लिए रेफर किया गया था. इसके बाद पायलट को यात्री के तौर पर भारत वापस भेजा गया और वह अभी सस्पेंड है. अंतिम मेडिकल जांच रिपोर्ट आने और जांच पूरी होने तक यह कार्रवाई जारी रहेगी. सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई एयरलाइन की आंतरिक मॉनिटरिंग और कंप्लायंस प्रक्रिया के तहत की गई है. नियामकीय पुष्टि से पहले ही एयरलाइन के सुरक्षा तंत्र ने मामले को पकड़कर जरूरी कदम उठाया.
सुरक्षा व्यवस्था पर एयरलाइन की निगरानी
इस घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों का कहना है कि समय पर रिपोर्टिंग और तत्काल ऑपरेशनल कार्रवाई एयरलाइन के सेफ्टी ओवरसाइट और कंप्लायंस फ्रेमवर्क के काम करने को दिखाती है. ज्यूरिख मामले में एयर इंडिया की एयरपोर्ट टीम ने खुद स्थिति को पहचाना, स्थानीय अधिकारियों को सूचित किया और पायलट को उड़ान से हटा दिया. इसके बाद मेडिकल जांच और आंतरिक जांच की प्रक्रिया शुरू की गई. फिलहाल पायलट के अंतिम मेडिकल जांच रिपोर्ट का इंतजार है और एयरलाइन की जांच पूरी होने तक वह सस्पेंड रहेगा.
अमित भारद्वाज