शिवसेना UBT गुट में हुई टूट के बाद उद्धव ठाकरे ने महाविकास अघाड़ी की एकजुटता पर सवाल उठाए हैं. सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में हुई गठबंधन की बैठक में उन्होंने पूछा कि हम कहते तो हैं कि साथ हैं, लेकिन क्या हम सच में साथ हैं? यह सवाल ऐसे वक्त पर उठा है, जब उनके गुट के 6 सांसद अलग हो चुके हैं. विधानसभा सत्र से पहले उद्धव ठाकरे का यह सवाल इसलिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे साफ है कि विपक्ष अब सिर्फ साथ दिखने से आगे बढ़कर जमीन पर भी एकजुटता चाहता है.
बैठक में उद्धव ठाकरे ने कहा कि महाविकास अघाड़ी की एकजुटता सिर्फ बैठकों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. उनके मुताबिक, अगर गठबंधन सच में साथ है तो यह बात सदन के भीतर भी दिखनी चाहिए और राज्यभर में भी. सूत्रों के अनुसार, बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि आने वाले सत्र से पहले साझा रैलियां, जनसभाएं और विरोध कार्यक्रमों के जरिए यह संदेश साफ तौर पर जाना चाहिए कि विपक्ष एक मंच पर खड़ा है.
6 सांसदों की टूट पर सीधी चर्चा नहीं
बैठक में 6 सांसदों की बगावत का असर जरूर दिखा, लेकिन इस मुद्दे पर सीधे तौर पर कोई चर्चा नहीं हुई. हालांकि उद्धव ठाकरे का यह सवाल काफी अहम माना जा रहा है. उनका इशारा साफ था कि अगर गठबंधन को मजबूत रखना है, तो सहयोगियों को सिर्फ साथ होने का दावा नहीं, बल्कि उसका भरोसा भी दिखाना होगा.
बैठक में नेताओं की मौजूदगी भी पूरी नहीं रही. गठबंधन के कुल 60 विधायकों में से करीब 37 ही पहुंचे, जबकि 23 विधायक गैरहाजिर रहे. वहीं, शरद पवार और जयंत पाटिल जैसे बड़े नेता निजी कारणों से बैठक में शामिल नहीं हो सके. ऐसे में अब नजर इस बात पर रहेगी कि विधानसभा सत्र से पहले महाविकास अघाड़ी अपनी एकजुटता को किस तरह मजबूत करती है.
ऋत्विक भालेकर