सिया को पैसा नहीं प्यार चाहिए! एक तरफ करोड़पति केतन, दूसरी तरफ राशन दुकान वाला चेतन

एक तरफ करोड़पति कारोबारी परिवार से जुड़े केतन अग्रवाल थे, जिनके साथ सिया गोयल की शादी की तैयारियां जोरों पर चल रही थीं और राजस्थान में भव्य समारोह की चर्चा थी. दूसरी तरफ चेतन चौधरी था, जिससे सिया प्यार करती थी. केतन की हत्या के बाद अब लोग कहने लगे हैं कि सिया ने पैसे के बदले प्यार चुना लेकिन उसका तरीका बिल्कुल गलत था. केतन को मारना नहीं चाहिए था.

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सिया की जिंदगी में एक तरफ केतन था तो दूसरी तरफ चेतन (Photo: ITG) सिया की जिंदगी में एक तरफ केतन था तो दूसरी तरफ चेतन (Photo: ITG)

ओमकार

  • पुणे ,
  • 25 जून 2026,
  • अपडेटेड 2:12 PM IST

अगर सब कुछ केतन के परिवार वालों की योजना के मुताबिक चलता तो इसी साल नवंबर में उदयपुर के किसी भव्य पैलेस में शहनाइयां बज रही होतीं. मेहमानों का जमावड़ा होता, रोशनी से सजा महल होता और केतन अग्रवाल व सिया गोयल की शादी की तस्वीरें रिश्तेदारों के मोबाइल में छाई होतीं. लेकिन किस्मत ने शायद कुछ और ही लिख रखा था. आज वही रिश्ता देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है.

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इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा जिस नाम की हो रही है, वह है सिया गोयल. एक ऐसी लड़की, जिसकी जिंदगी को लेकर अब कई सवाल खड़े हो गए हैं. पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, एक तरफ सिया की शादी पुणे के एक संपन्न कारोबारी परिवार में तय हो चुकी थी. दूसरी तरफ जांच एजेंसियों को ऐसे संकेत मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि वह चेतन चौधरी के लगातार संपर्क में थी. पुलिस के अनुसार, पिछले लगभग छह महीनों में दोनों के बीच 2004 फोन कॉल हुए और बातचीत का कुल समय करीब 238 घंटे तक पहुंच गया.

करोड़ों के सपनों वाली शादी की तैयारी

केतन अग्रवाल पुणे के एक प्रतिष्ठित कारोबारी परिवार से जुड़े थे. वह पारिवारिक रियल एस्टेट कारोबार में निदेशक और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर की भूमिका निभा रहे थे. परिवार आर्थिक रूप से बेहद मजबूत माना जाता है. परिजनों के अनुसार, नवंबर में होने वाली शादी को भव्य बनाने की तैयारी चल रही थी. उदयपुर में डेस्टिनेशन वेडिंग की योजना थी और इसके लिए राजस्थान में पैलेस बुक करने की प्रक्रिया भी चल रही थी. परिवार के लोग बताते हैं कि प्री-वेडिंग शूट से लेकर शादी के हर कार्यक्रम को यादगार बनाने की तैयारी थी. सिया के जन्मदिन समारोह पर भी  बड़ी रकम खर्च करने की योजना थी. बताया जा रहा है 40 कमरे बुक किए गए थे. दोनों परिवार भविष्य के सपने बुन रहे थे. लेकिन इसी दौरान पुलिस जांच में एक दूसरी कहानी भी सामने आने लगी.

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कौन है चेतन जिससे प्यार करती थी सिया  

पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, चेतन चौधरी का परिवार पुणे में व्यवसाय से जुड़ा है. बताया जाता है कि उसने बीबीए की पढ़ाई शुरू की थी, लेकिन उसे पूरा नहीं किया. उसका परिवार किसी बड़े कॉरपोरेट समूह से नहीं जुड़ा है. बताया जा रहा है शहर में उनकी दुकान है.  हालांकि, जांच एजेंसियां फिलहाल उसके आर्थिक और सामाजिक प्रोफाइल को खंगाल रही हैं. यही वजह है कि अब चर्चा इस बात की हो रही है कि आखिर सिया की जिंदगी में क्या चल रहा था. यदि शादी तय थी और तैयारियां चल रही थीं, तो फिर दूसरी तरफ लगातार संपर्क क्यों बना हुआ था? इन सवालों के जवाब फिलहाल जांच एजेंसियां तलाश रही हैं.

चेतन के पिता अपनी दुकान पर

11 फरवरी की मुलाकात, 19 फरवरी का रोका

परिवार के अनुसार, 11 फरवरी को दोनों परिवारों की मुलाकात हुई थी. कुछ ही दिनों बाद 19 फरवरी को रोका समारोह आयोजित किया गया. इसके बाद सिया केवल होने वाली दुल्हन नहीं रही, बल्कि अग्रवाल परिवार का हिस्सा बन गई. वह कई बार उनके घर गई. होली के कार्यक्रमों में शामिल हुई. पूजा-पाठ और पारिवारिक आयोजनों में मौजूद रही. परिजनों का कहना है कि उसके व्यवहार से कभी नहीं लगा कि वह इस रिश्ते से असहज है. यही कारण है कि आज भी परिवार के कई सदस्य सदमे में हैं.

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 वीडियो ने बढ़ाए सवाल

सोशल मीडिया पर सामने आए रोका समारोह के वीडियो ने भी लोगों का ध्यान खींचा है. वीडियो में केतन और सिया दोनों बेहद खुश दिखाई देते हैं. अंगूठी पहनाने से लेकर पारिवारिक तस्वीरों तक, हर दृश्य एक सामान्य और खुशहाल रिश्ते की तस्वीर पेश करता है. इन्हीं वीडियो को देखकर अब सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी हुई है. कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर रिश्ते को लेकर कोई असमंजस था तो उस समय इसे स्पष्ट क्यों नहीं किया गया.

17 जून की कैफे मीटिंग जांच के घेरे में

पुलिस जांच के अनुसार, 17 जून को घटना से एक दिन पहले सिया और चेतन पुणे के लुल्लानगर स्थित एक कैफे में मिले थे. जांच एजेंसियों का दावा है कि इस मुलाकात का संबंध पूरे घटनाक्रम से हो सकता है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या लोहगढ़ किले से जुड़ी जानकारी पहले से साझा की गई थी. इसी दिशा में डिजिटल साक्ष्य, कॉल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है. पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में हुडी पहने एक व्यक्ति दिखाई दिया. उसके आने और जाने के समय देखने करने पर पता चला कि पूरी गतिविधि लगभग 48 मिनट में पूरी हुई. जांचकर्ताओं का अनुमान है कि ऊपर पहुंचने और लौटने का समय निकाल दिया जाए तो वह व्यक्ति किले पर बहुत कम समय रुका था. यही बात पुलिस को असामान्य लगी और जांच को नई दिशा मिली. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग विवरण सामने आए. इन्हीं बिंदुओं को तकनीकी साक्ष्यों से मिलान कर देखा जा रहा है. जांच एजेंसियां यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि घटना से पहले और बाद में वास्तव में क्या हुआ था.

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अदालत ने भेजा पुलिस हिरासत में

इस बीच वडगांव न्यायालय ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को 29 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है. लोनावला ग्रामीण पुलिस ने अदालत से कहा कि मामले में अभी कई पहलुओं की जांच बाकी है और सबूतों का विश्लेषण जारी है. अदालत ने पुलिस की मांग स्वीकार करते हुए दोनों आरोपियों को पुलिस कस्टडी में भेज दिया.

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