मुंबई: लिफ्ट रुकी, बच्चे रोने लगे... 14 लोग 3 घंटे तक अंदर कैद, फिर ऐसे खुला गेट

नेहरू नगर की मास मेट्रोपोलिस बिल्डिंग में बर्थडे पार्टी के बाद 14 लोग लिफ्ट में सवार हुए. छठी मंजिल के पास लिफ्ट अचानक रुकी और करीब 6 फ्लोर नीचे जा गिरी. लिफ्ट में 4 बच्चे समेत 14 लोग सवार थे. करीब 3 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया.

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लिफ्ट के अंदर 14 लोग 3 घंटे तक फंसे रहे. (Photo-ITG) लिफ्ट के अंदर 14 लोग 3 घंटे तक फंसे रहे. (Photo-ITG)

मोहम्मद एजाज खान

  • मुंबई,
  • 08 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 7:08 AM IST

महाराष्ट्र के मुंबई में नेहरू नगर की ‘मास मेट्रोपोलिस’ इमारत में बड़ा लिफ्ट हादसा टल गया. दरअसल, यहां 14 लोग करीब 3 घंटे तक लिफ्ट में फंसे रहे. इनमें 4 बच्चे भी शामिल थे. सभी लोग 14वें फ्लोर पर जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने आए थे. पार्टी खत्म होने के बाद सभी नीचे जाने के लिए लिफ्ट में सवार हुए थे.

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लिफ्ट सामान्य तरीके से नीचे आ रही थी, लेकिन जैसे ही यह छठे फ्लोर पर पहुंची, अचानक जोरदार झटका लगा. इसके बाद लिफ्ट तेजी से नीचे गिरने लगी. बताया गया कि लिफ्ट करीब 6 फ्लोर तक नीचे गिरी. इसके बाद ग्राउंड फ्लोर से ठीक पहले अचानक रुक गई.

लिफ्ट के अचानक नीचे गिरने से अंदर चीख-पुकार मच गई. लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे. बच्चों में भी दहशत फैल गई. कुछ ही सेकंड में पूरा खुशनुमा माहौल बदल गया. लिफ्ट जोरदार झटके के साथ रुकी. इसके बाद भी लोगों की मुश्किल खत्म नहीं हुई. लिफ्ट के दरवाजे नहीं खुल रहे थे. अंदर अंधेरा था. लोग घबराए हुए थे. ऑक्सीजन की कमी महसूस होने लगी.

लोगों ने इमरजेंसी अलार्म बजाया. आवाज सुनकर बिल्डिंग के लोग मौके पर पहुंचे. उन्होंने लिफ्ट का दरवाजा खोलने की कोशिश की. लेकिन कामयाबी नहीं मिली. इसके बाद पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी गई.

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कटर और हाइड्रोलिक जैक से शुरू हुआ रेस्क्यू

सूचना मिलने के बाद नेहरू नगर पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची. रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया. टीम ने कटर और हाइड्रोलिक जैक की मदद से लिफ्ट को खोलने की कोशिश की. करीब 3 घंटे तक लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश बचाव टीम करती रही. आखिरकार दमकल कर्मियों ने लिफ्ट के हिस्से को काटकर सभी 14 लोगों को बाहर निकाल लिया.

बाहर आने के बाद कई लोग काफी डरे हुए थे. उनके चेहरे पर खौफ साफ दिखाई दे रहा था. कुछ लोग ठीक से बोल भी नहीं पा रहे थे. परिवार के लोगों ने राहत की सांस ली.

हादसे के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि लिफ्ट में कितने लोगों के सवार होने की परमिशन थी. हादसे के समय इसमें 14 लोग मौजूद थे. इनमें 4 बच्चे भी थे. पुलिस लिफ्ट के मेंटेनेंस और सेफ्टी ऑडिट की भी जांच कर रही है. ओवरलोडिंग और तकनीकी खराबी के पहलुओं को भी देखा जा रहा है. लिफ्ट का मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट भी जांच के दायरे में है.

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'45 मिनट तक नहीं मिली कोई मदद'

पीड़ित परिवार के सदस्य मकदूम अली ने बताया कि घर में पोती का जन्मदिन था. रात करीब 12:40 बजे रिश्तेदार खाना खाकर जाने लगे थे. इसी दौरान लिफ्ट दो मंजिल के बीच आकर अटक गई. उन्होंने आरोप लगाया कि लिफ्ट में जरूरी सेंसर भी नहीं लगे थे. करीब 45 मिनट तक वॉचमैन और दूसरे लोगों की तरफ से कोई मदद नहीं मिली. इसके बाद उन्होंने 108 नंबर पर फोन किया. पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची और लोगों को बाहर निकाला. 

मकदूम अली ने बताया कि अब परिवार लिफ्ट के मेंटेनेंस से जुड़े लोगों के खिलाफ शिकायत करने की तैयारी कर रहा है. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर समय पर मदद नहीं मिलती और परिवार के लोगों के साथ कोई अनहोनी हो जाती तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता.

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