महाराष्ट्र में बारिश ने भले ही थोड़ी राहत दी हो, लेकिन अब लोगों के सामने सड़कों पर बने खतरनाक गड्ढों की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है. दिल्ली और मुंबई को जोड़ने वाले अहम राष्ट्रीय राजमार्ग घोड़बंदर रोड की हालत बेहद खराब हो चुकी है. सड़क पर मौजूद एक गड्ढे की लंबाई करीब 7 फीट और चौड़ाई करीब 3 फीट पाई गई है.
इन गड्ढों को लेकर अब सियासत भी गरमा गई है. मीरा-भायंदर महानगरपालिका की महापौर डिंपल मेहता ने कहा है कि गड्ढे भरने के लिए महानगरपालिका के पास पैसे नहीं हैं, जिसके बाद शिवसेना ने प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया है.
घोड़बंदर रोड पर बने गड्ढे इतने बड़े हैं कि उन्हें देखकर चांद की सतह पर बने गड्ढों की याद आ जाती है. इन गड्ढों की वजह से वाहनों की रफ्तार पूरी तरह धीमी पड़ गई है. हालात इतने खराब हैं कि भायंदर के काजूपाड़ा से लेकर वसई-विरार तक वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं और लोगों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ रहा है. वसई-विरार और मीरा-भाईंदर जैसे शहर भी इस समस्या से अछूते नहीं हैं.
आजतक मुंबई की टीम ने मौके पर जाकर टेप से गड्ढे की माप ली, जिसमें एक गड्ढा करीब 7 फीट लंबा और 3 फीट चौड़ा पाया गया. बारिश होने पर इन गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे ये दिखाई नहीं देते. ऐसे में तेज रफ्तार वाहन सीधे इन गड्ढों में जा गिरते हैं.
इससे न सिर्फ वाहनों को भारी नुकसान होता है, बल्कि चालक और यात्रियों की कमर, पीठ और गर्दन पर भी गंभीर चोट लगने का खतरा रहता है. साथ ही सड़क हादसों की आशंका भी लगातार बढ़ रही है. फिलहाल प्रशासन गड्ढे भरने का काम कर रहा है, लेकिन स्थायी समाधान कब मिलेगा, यह सवाल हर वाहन चालक पूछ रहा है.
इस बीच घोड़बंदर रोड के गड्ढों को लेकर राजनीतिक टकराव भी तेज हो गया है. मीरा-भायंदर महानगरपालिका की महापौर डिंपल मेहता ने आयुक्त को पत्र लिखकर बताया है कि घोड़बंदर रोड के गड्ढे भरने के लिए महानगरपालिका के पास पर्याप्त फंड नहीं है. उन्होंने कहा है कि इस सड़क की मरम्मत राज्य सरकार के फंड से होनी चाहिए, क्योंकि यह एक राष्ट्रीय राजमार्ग है.
महापौर का यह पत्र सामने आने के बाद शिवसेना आक्रामक हो गई है. पार्टी ने महानगरपालिका को साफ चेतावनी दी है कि अगर 48 घंटे के भीतर गड्ढों की मरम्मत नहीं की गई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा.
इतना ही नहीं, शिवसेना ने नागरिकों की जान को खतरे में डालने का सीधा आरोप लगाते हुए महापौर डिंपल मेहता और महानगरपालिका आयुक्त के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है. इसके लिए पार्टी की ओर से मीरा-भायंदर के पुलिस आयुक्त को एक ज्ञापन भी सौंपा गया है.
शिवसेना की इस मांग के बाद स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है और आने वाले दिनों में गड्ढों के मुद्दे पर टकराव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. हालांकि सबसे बड़ा सवाल अब भी यही बना हुआ है कि सड़क पर बने ये खतरनाक गड्ढे आखिर कब भरे जाएंगे और आम लोगों को इस रोजाना की परेशानी से कब राहत मिलेगी. फिलहाल वाहन चालक हर दिन इन गड्ढों से जूझते हुए सफर करने को मजबूर हैं.
इनपुट: प्रवीण सीताराम नलावडे,
विद्या / मिथिलेश गुप्ता