मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास एक मस्जिद को लेकर विवाद एक बार फिर चर्चा में है. बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने इस मामले में सुरक्षा और निर्माण की वैधता से जुड़े सवाल उठाते हुए पुलिस और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की है. सोमैया शुक्रवार को सहार पुलिस स्टेशन पहुंचे और कथित तौर पर निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराने वाले लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की.
सोमैया का कहना है कि यह ढांचा एयरपोर्ट के संवेदनशील क्षेत्र के बेहद करीब स्थित है. उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताते हुए दावा किया कि प्रधानमंत्री के काफिले के आवागमन वाले मार्ग और संबंधित ढांचे के बीच बहुत कम दूरी है. इसी संदर्भ में उन्होंने सवाल उठाया कि यदि भविष्य में वहां कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक रखा जाता है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी.
सुरक्षा को लेकर सोमैया ने उठाए सवाल
सहार पुलिस स्टेशन पहुंचने के बाद किरीट सोमैया ने एयरपोर्ट के आसपास की सुरक्षा व्यवस्था का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील क्षेत्र के नजदीक किसी भी निर्माण को लेकर सुरक्षा एजेंसियों और संबंधित प्रशासन की ओर से स्पष्ट जांच और कार्रवाई होनी चाहिए.
सोमैया ने अपने बयान में यह भी सवाल उठाया कि यदि इस स्थान का इस्तेमाल किसी सुरक्षा-विरोधी गतिविधि के लिए किया जाता है तो इसकी जवाबदेही किसकी होगी. उन्होंने इसी आशंका के आधार पर पुलिस से मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.
सात दिन का अल्टीमेटम, कोर्ट जाने की चेतावनी
बीजेपी नेता ने पुलिस को सात दिन का समय दिए जाने की बात कही है. उनका कहना है कि यदि इस अवधि में उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह अदालत का रुख करेंगे.
इससे पहले भी सोमैया एयरपोर्ट के आसपास मौजूद कथित अनधिकृत निर्माण को लेकर सवाल उठाते रहे हैं. मामले में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस, मुंबई एयरपोर्ट प्रशासन और संबंधित स्थानीय प्राधिकरण शिकायत पर किस तरह की कार्रवाई करते हैं.
MMRDA ने भी निर्माण की अनुमति पर उठाया सवाल
मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 के VIP अराइवल और टैक्सी स्टैंड क्षेत्र के पास मौजूद इस ढांचे को अनधिकृत बताया. रिपोर्ट के अनुसार, MMRDA ने कहा कि उसके स्तर से इस निर्माण के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई थी और एयरपोर्ट ऑपरेटर मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) को नियमानुसार इसे हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए.
अब आगे क्या?
फिलहाल विवाद के केंद्र में तीन प्रमुख सवाल हैं. पहला, संबंधित जमीन का स्वामित्व और उसका कानूनी उपयोग क्या है. दूसरा, निर्माण के लिए किस प्राधिकरण से अनुमति ली गई थी या नहीं ली गई और तीसरा, एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील क्षेत्र में सुरक्षा मानकों के तहत इस ढांचे को लेकर संबंधित एजेंसियों की क्या जिम्मेदारी बनती है.
MMRDA की ओर से अनुमति नहीं दिए जाने की बात सामने आने के बाद मामला केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रह गया है. अब पुलिस, एयरपोर्ट प्रशासन और संबंधित नियामक संस्थाओं की कार्रवाई पर नजर रहेगी.
किरीट सोमैया ने स्पष्ट किया है कि यदि सात दिनों के भीतर उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं होती है तो वह अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे. ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ न्यायिक प्रक्रिया की ओर भी बढ़ सकता है.
दीपेश त्रिपाठी