महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का पेपर लीक होने के मामले में बिहार के समस्तीपुर निवासी बिजेंद्र गुप्ता का नाम सामने आया है. उसे इस पेपर लीक का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है. मुंबई पुलिस बिजेंद्र गुप्ता की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है. पुलिस के मुताबिक मामले में गिरफ्तार किए गए तीन आरोपी- राजीव शाह (45, बिहार), आकाश कुमार (30, बिहार) और धीरज कुमार (28, हरियाणा) बिजेंद्र गुप्ता के लिए काम कर रहे थे.
पुलिस जांच में सामने आया है कि बिजेंद्र गुप्ता लंबे समय से अलग-अलग परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों में सक्रिय रहा है और काफी वक्त से अंडरग्राउंड था. अब महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक मामले में एक बार फिर उसका नाम मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर सामने आया है. बता दें कि साल 2024 में नीट पेपर लीक विवाद के बाद आजतक ने बिजेंद्र गुप्ता का स्टिंग ऑपरेशन किया था.
पटना में किए गए इस स्टिंग ऑपरेशन में उसने कथित तौर पर देशभर में होने वाली परीक्षाओं के पेपर लीक नेटवर्क को लेकर कई बड़े खुलासे किए थे. स्टिंग ऑपरेशन के दौरान बिजेंद्र गुप्ता ने दावा किया था कि वह कई पेपर लीक मामलों में शामिल रहा है. उसने यह भी कहा था कि 'पेपर लीक कभी नहीं रुकेगा'. बिजेंद्र ने कहा था, 'जेल जाएंगे, बेल मिलेगा और खेल चलता रहेगा.' अब महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक मामले में बिजेंद्र गुप्ता का नाम सामने आने के बाद मुंबई पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां उसकी तलाश में जुट गई हैं.
SIT करेगी महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक की जांच
मुंबई पुलिस की कई टीमें अलग-अलग राज्यों में छापेमारी कर रही हैं. इससे पहले भिवंडी पुलिस ने टीईटी पेपर लीक मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था. पुलिस के मुताबिक आरोपी दिल्ली से परीक्षा के चार सेट प्रश्नपत्र लेकर आए थे और उन्हें करीब डेढ़ करोड़ रुपये में बेचने की तैयारी थी. इस पेपर लीक के बाद महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET 2026), जो 28 जून को होनी थी, फिलहाल स्थगित कर दी गई है.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने टीईटी पेपर लीक मामले की जांच के लिए ठाणे के जॉइंट पुलिस कमिश्नर पंजाबराव उगले की अध्यक्षता में स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम गठित करने का आदेश दिया. मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र के स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे और पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते से बात की और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया. वहीं, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि पेपर लीक के आरोपियों के खिलाफ मकोका (MCOCA) के तहत कार्रवाई की जाएगी.
आजतक के स्टिंग में क्या बोला था बिजेंद्र गुप्ता?
बिजेंद्र गुप्ता पहले भी कई पेपर लीक मामलों में शामिल रह चुका है. उसे दो बार गिरफ्तार भी किया गया था, लेकिन वह पुलिस को चकमा देकर फरार होने में कामयाब रहा. पिछले 24 वर्षों से पेपर लीक के धंधे में सक्रिय बिजेंद्र गुप्ता का नाम 2023 ओडिशा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (OSSC), बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) और मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) के परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों में भी सामने आ चुका है.
नीट-यूजी 2024 परीक्षा से पहले मार्च महीने में बिजेंद्र गुप्ता का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उसने दावा किया था कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हो सकता है. वीडियो में चेहरे पर मास्क लगाए बिजेंद्र गुप्ता ने कहा था कि बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) शिक्षक भर्ती परीक्षा और ओडिशा जूनियर इंजीनियर पेपर लीक मामलों में जेल में बंद विशाल चौरसिया, नीट-यूजी का पेपर भी लीक कर सकता है.
पेपर लीक में 200 से 300 करोड़ रुपये का खेल
आजतक के स्टिंग ऑपरेशन में बिजेंद्र गुप्ता ने दावा किया था पेपर लीक रैकेट ने करीब 700 छात्रों को निशाना बनाया था और इस पूरे खेल के जरिए 200 से 300 करोड़ रुपये कमाने का लक्ष्य था. पेपर लीक इंडस्ट्री के काम करने के तरीके पर विस्तार से जानकारी देते हुए बिजेंद्र गुप्ता ने बताया था कि परीक्षा के प्रश्नपत्रों वाले बॉक्स ट्रांसपोर्टेशन के दौरान तोड़े जाते हैं और ब्लैकलिस्टेड कंपनियां भी टेंडर हासिल कर लेती हैं. उसके मुताबिक लॉजिस्टिक्स कंपनियों के जरिए पेपर ट्रांसपोर्ट के दौरान यह खेल होता है और कई ब्लैकलिस्टेड कंपनियां भी इसमें शामिल रहती हैं.
स्टिंग ऑपरेशन में उसने साफ शब्दों में कहा था, 'जेल जाएंगे, बेल मिलेगी और फिर खेल शुरू हो जाएगा.' जब उससे पूछा गया कि नीट-यूजी पेपर लीक की भविष्यवाणी वाला वीडियो वायरल होने के बाद क्या उसे किसी का फोन आया था, तो उसने कहा कि किसी के पास उसका नंबर ही नहीं था. बिजेंद्र गुप्ता ने आजतक के स्टिंग में कहा था, 'जब कुछ गलत होता है तभी शोर मचता है. नीट पेपर लीक हुआ है. आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की जांच सही दिशा में जा रही है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी इस पूरे खेल को समझ ही नहीं पा रही.'
अरविंद ओझा