'चेतन और मैं अब दोस्त नहीं...', सगाई होते ही सिया ने परिवार से बोला था बड़ा झूठ

पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की लोहागढ़ किले से गिराकर कथित हत्या के मामले में जांच में नए खुलासे हुए हैं. पुलिस के अनुसार सिया गोयल ने परिवार से कहा था कि सगाई के बाद उसने चेतन चौधरी से संपर्क खत्म कर दिया है. जांच में दोनों के बीच हजारों कॉल, डिलीट चैट और हत्या की कथित साजिश के कई डिजिटल सबूत सामने आए हैं.

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केतन अग्रवाल, सिया गोयल और चेतन चौधरी. (Photo: ITG) केतन अग्रवाल, सिया गोयल और चेतन चौधरी. (Photo: ITG)

ओमकार

  • पुणे,
  • 01 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 9:02 PM IST

पुणे के 25 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की लोहागढ़ किले से गिराकर कथित हत्या के मामले में पुलिस जांच के दौरान कई नए खुलासे सामने आए हैं. पुलिस के अनुसार हत्या की आरोपी 20 वर्षीय सिया गोयल ने अपने परिवार को बताया था कि केतन से सगाई होने के बाद उसने चेतन चौधरी से अपनी दोस्ती खत्म कर दी है. हालांकि जांच में दावा किया गया है कि बाद में चेतन फिर से उसकी जिंदगी में लौट आया और इसके बाद घटनाक्रम पूरी तरह बदल गया.

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पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सिया के भाई साहिल गोयल ने जांचकर्ताओं को बताया कि सिया ने परिवार से कहा था कि सगाई के बाद उसने चेतन चौधरी से हर तरह का संपर्क खत्म कर दिया है. परिवार को यही विश्वास था कि अब दोनों के बीच कोई रिश्ता नहीं है. लेकिन जांच के दौरान पुलिस को ऐसे तथ्य मिले हैं जिनसे पता चलता है कि बाद में दोनों फिर से लगातार संपर्क में आ गए.

पुलिस का कहना है कि सिया के लिए केतन से होने वाली शादी को स्वीकार करना मुश्किल हो रहा था. जांच के अनुसार इसी दौरान चेतन दोबारा उसकी जिंदगी में आया. इसके बाद सिया कथित तौर पर शादी नहीं करना चाहती थी और इस रिश्ते से बाहर निकलने का रास्ता तलाशने लगी. जांच एजेंसियों का दावा है कि इसी दौरान सिया गोयल और चेतन चौधरी ने मिलकर केतन अग्रवाल की हत्या की कथित साजिश रची. पुलिस के अनुसार दोनों ने योजना बनाई और उसे अंजाम देने की तैयारी शुरू कर दी.

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शादी नहीं करना चाहती थी सिया, पुलिस का दावा

यह मामला 18 जून का है, जब पुणे निवासी केतन अग्रवाल की लोहागढ़ किले से गिरने के बाद मौत हो गई थी. पुलिस का आरोप है कि केतन को जानबूझकर चट्टान से धक्का दिया गया था. इस मामले में केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को आरोपी बनाया गया है. दोनों की शादी इसी साल नवंबर में तय थी. जांच में यह भी सामने आया है कि शादी तय होने से पहले जनवरी में दोनों की कुंडली मिलाई गई थी. परिवार के ज्योतिषी ने 27 गुण मिलने की बात कही थी, जिसे पारंपरिक रूप से शुभ माना जाता है. रिपोर्ट में केतन को देव गण और सिया को मनुष्य गण श्रेणी में बताया गया था. इसके बाद दोनों की शादी तय की गई.

पुलिस का दावा है कि सगाई के बाद करीब दो महीने तक सिया ने केतन के साथ रिश्ता निभाने की कोशिश की और इस दौरान चेतन से लगभग संपर्क भी बंद कर दिया था. लेकिन बाद में चेतन के दोबारा संपर्क में आने के बाद स्थिति बदल गई और सिया ने शादी से पीछे हटने का मन बना लिया. हालांकि पुलिस का कहना है कि परिवार को यह बताया गया था कि चेतन से रिश्ता खत्म हो चुका है, लेकिन जांच में सामने आया कि दोनों लगातार बातचीत कर रहे थे. जांचकर्ताओं के अनुसार हत्या से पहले दोनों के बीच 2,004 फोन कॉल हुए और दोनों ने करीब 238 घंटे तक बातचीत की.

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पुलिस का यह भी दावा है कि 18 जून से पहले और घटना के बाद दोनों आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन से कई चैट डिलीट कर दी थीं ताकि सबूत मिटाए जा सकें. अब दोनों के मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं. जांच एजेंसियां डिलीट किए गए संदेशों को वापस लाने और पूरी घटनाक्रम की टाइमलाइन तैयार करने की कोशिश कर रही हैं.

जांच के दौरान पुलिस को ऑनलाइन सर्च और डिजिटल गतिविधियों से जुड़े भी कई सुराग मिले हैं. पुलिस के अनुसार आरोपियों ने इंटरनेट पर हत्या के तरीके खोजे और कई वीडियो भी देखे. जांचकर्ताओं का दावा है कि इसके बाद उन्होंने कथित तौर पर यह तय किया कि लोहागढ़ किले से धक्का देना सबसे कम जोखिम वाला तरीका होगा. पुलिस ने यह भी दावा किया है कि 14 जून को हत्या की एक कोशिश पहले भी की गई थी, लेकिन वह सफल नहीं हो सकी. इसके बाद दोनों ने कथित तौर पर घटनास्थल का पहले से जायजा लिया और यह समझने की कोशिश की कि पूरी घटना को किस तरह अंजाम दिया जा सकता है.

जांच एजेंसियों के अनुसार योजना के तहत ट्रैकिंग के दौरान सिया को केतन के साथ रहना था. तय योजना के मुताबिक सिया के बैठने को एक संकेत माना जाना था, जिसके बाद चेतन वहां पहुंचकर केतन को चट्टान से धक्का देता. पुलिस का दावा है कि पूरी घटना इसी योजना के अनुसार हुई और केतन को किसी तरह का संदेह नहीं था.

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जांच में यह भी सामने आया है कि मौत से कुछ दिन पहले केतन ने अपने परिवार के सामने सिया के व्यवहार को लेकर चिंता जताई थी. पुलिस के अनुसार 6 जून को बाली यात्रा रद्द होने के बाद केतन ने शिकायत की थी कि सिया का व्यवहार बदल गया है. वह छोटी-छोटी बातों पर बहस करती थी और बातचीत के दौरान बार-बार चेतन का जिक्र करती थी. केतन ने यह सवाल भी उठाया था कि शादी तय करने से पहले क्या पूरी तरह से जांच-पड़ताल की गई थी.

3 जुलाई तक बढ़ी दोनों आरोपियों की पुलिस हिरासत

फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को लेकर लोहागढ़ किले पर घटनास्थल का दोबारा निरीक्षण किया है. जांच एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज, दोनों की गतिविधियों, कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल सबूत और डिलीट डेटा की जांच कर रही हैं. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस कथित साजिश में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी. पुलिस ने बताया कि सिया गोयल और चेतन चौधरी की पुलिस हिरासत 3 जुलाई तक बढ़ा दी गई है. जांच एजेंसियां पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने और अभियोजन के लिए सभी साक्ष्य जुटाने में लगी हैं.
 

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