EXCLUSIVE: CJP का नया मिशन, हर राज्य में संगठन खड़ा करने की तैयारी, आंदोलन पर फोकस

एंटी पेपर लीक प्रोटेस्ट के बाद CJP अब देशभर में संगठन बढ़ाने की तैयारी में है. रणनीति बैठक में तय हुआ कि संगठन राजनीति से दूर रहकर शिक्षा सुधार और छात्र आंदोलनों पर ही फोकस करेगा.

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छत्रपति संभाजीनगर में CJP की 7 घंटे लंबी रणनीति बैठक. (Photo: PTI) छत्रपति संभाजीनगर में CJP की 7 घंटे लंबी रणनीति बैठक. (Photo: PTI)

ओमकार

  • मुंबई,
  • 05 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 10:32 PM IST

एंटी पेपर लीक प्रोटेस्ट के बाद अब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की नजर देशभर में संगठन विस्तार पर है. छत्रपति संभाजीनगर में हुई रणनीति बैठक में तय हुआ कि हर राज्य में छात्र संगठनों से जुड़ा जाएगा. संगठन ने साफ किया कि वह चुनावी राजनीति में नहीं आएगा. शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर ही आंदोलन जारी रहेगा.

CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके के घर दो दिन तक रणनीति बैठक हुई. इसमें आशुतोष रांका, सौरभ दास समेत संगठन के प्रमुख सदस्य शामिल हुए. बैठक करीब सात घंटे चली. इसमें अगले चरण की रणनीति पर चर्चा हुई.

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बैठक में झारखंड, छत्तीसगढ़ समेत दूसरे राज्यों में चल रहे छात्र आंदोलनों का समर्थन करने पर भी बात हुई. साथ ही देशभर में संगठन का दायरा बढ़ाने की योजना बनाई गई.

हर राज्य में छात्र संगठनों से जुड़ने की तैयारी

आजतक से बातचीत में अभिजीत दिपके ने बताया कि बैठक का मुख्य मकसद महाराष्ट्र के बाहर काम करने की दिशा तय करना था. देश में जहां भी छात्र अपनी समस्याओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, वहां CJP उनका साथ देगा. इसके लिए जल्द ही एक क्लीयर प्लान तैयार किया जाएगा. बैठक में राज्यों के अलग-अलग छात्र संगठनों को जोड़कर एक बड़ा राष्ट्रीय नेटवर्क बनाने का सुझाव भी सामने आया. योजना यह है कि सभी संगठन अपनी पहचान बनाए रखकर भी बड़े मुद्दों पर एक साथ मिलकर आवाज बुलंद करेंगे.

राजनीतिक पार्टी नहीं बनेगी CJP

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मीडिया में अटकलें थीं कि CJP जल्द ही एक राजनीतिक दल का रूप ले सकती है. इन चर्चाओं पर विराम लगाते हुए अभिजीत दिपके ने स्थिति साफ कर दी.

बैठक में तय हुआ कि CJP कोई राजनीतिक पार्टी नहीं बनेगी, बल्कि एक प्रेशर ग्रुप की तरह काम करती रहेगी. संगठन का मकसद चुनाव लड़ना बिल्कुल नहीं है. इसका पूरा ध्यान शिक्षा में सुधार, परीक्षाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों के हक से जुड़े मुद्दों पर रहेगा. आगे के सभी आंदोलन महात्मा गांधी और डॉ. बी.आर. आंबेडकर के विचारों पर चलते हुए अहिंसक और लोकतांत्रिक तरीके से चलाए जाएंगे.

बैठक में राष्ट्रीय स्तर पर संगठन का ढांचा तैयार करने पर भी चर्चा हुई. जल्द ही राज्य और राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारियों के नाम घोषित किए जा सकते हैं. इसके बाद वरिष्ठ सदस्य अलग-अलग राज्यों का दौरा कर छात्र संगठनों से संपर्क करेंगे. इसके अलावा, हाल में सौरभ दास के घर हुई घटना पर भी बैठक में चर्चा हुई. नेताओं ने कहा कि संगठन आगे भी शिक्षा के मुद्दों पर अपनी आवाज उठाता रहेगा.

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