महाराष्ट्र के चंद्रपुर में एक सरकारी थर्मल पावर प्लांट है. नाम है चंद्रपुर सुपर थर्मल पावर स्टेशन यानी CSTPS. बिजली बनाने वाले इस बड़े प्लांट में पिछले कुछ दिनों से कुछ ऐसा हो रहा था, जिसने पुलिस की चिंता बढ़ा दी थी. प्लांट परिसर से लगातार कॉपर केबल चोरी हो रही थी. कॉपर की चोरी कोई एक-दो किलो की बात नहीं थी. पुलिस के मुताबिक, चोरी का माल बड़ी मात्रा में बाहर ले जाया जा रहा था. मामला बढ़ा तो दुर्गापुर पुलिस ने जांच शुरू की. फिर एक गुप्त सूचना मिली और पुलिस ने तड़के जाल कार्रवाई की. लेकिन इसके बाद जो बात सामने आई, उसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया.
पुलिस के मुताबिक, इस कथित चोरी के मामले में Maharashtra Security Force यानी MSF से जुड़े तीन जवानों की भूमिका भी सामने आई है. पुलिस ने तीन जवानों समेत कुल 10 लोगों को हिरासत में लिया है. दुर्गापुर पुलिस की कार्रवाई में करीब 6 क्विंटल कॉपर वायर बरामद किया गया. इसकी कीमत करीब 7 लाख 20 हजार रुपये बताई गई है.
इसके अलावा एक ट्रक भी जब्त किया गया. पुलिस के मुताबिक, इसी ट्रक का इस्तेमाल चोरी का माल ले जाने के लिए किया जा रहा था. ट्रक की कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई गई है. यानी कॉपर वायर और ट्रक को मिलाकर पुलिस ने करीब 22 लाख 20 हजार रुपये का सामान जब्त किया है.
CSTPS कोई आम जगह नहीं है. ये एक बड़ा थर्मल पावर स्टेशन है और इसकी सुरक्षा के लिए बाकायदा सुरक्षा बल तैनात रहता है. ऐसे में पुलिस की जांच में अगर सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों की कथित भूमिका सामने आती है, तो सवाल उठना लाजिमी है कि प्लांट से कॉपर बाहर कैसे निकल रहा था?
पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान उसे जानकारी मिली थी कि प्लांट परिसर से कुछ लोग कॉपर वायर चोरी कर रहे हैं और उनके साथ MSF के जवान भी शामिल हैं. इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाया और आरोपियों को हिरासत में लिया.
यह भी पढ़ें: शराब ठेके में घुसकर चोरी... मुंह में दबा रखा था पौवा, दोनों हाथों से समेट लिया कैश, CCTV में कैद हुई घटना
इस मामले में सहदेव नारनवरे की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया था. केस दर्ज करने के बाद पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई. अब जांच इस बात पर भी हो रही है कि आखिर ये कथित चोरी कब से चल रही थी. चोरी किया गया कॉपर कहां जाता था? क्या इससे पहले भी प्लांट से इसी तरह कॉपर बाहर निकाला गया? और अगर इसमें और लोग शामिल हैं तो उनकी भूमिका क्या थी? इन सवालों के जवाब पुलिस की आगे की जांच में सामने आएंगे.
MSF के और जवान भी जांच के दायरे में?
दुर्गापुर के पुलिस निरीक्षक संतोष शेंगावकर ने बताया कि कॉपर वायर चोरी की शिकायत मिलने के बाद जांच की गई. इसी दौरान पुलिस को गुप्त जानकारी मिली कि CSTPS में कुछ लोग कॉपर वायर की चोरी कर रहे हैं और उनके साथ MSF के जवान भी हैं. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की और आरोपियों को हिरासत में लिया. पुलिस इंस्पेक्टर के मुताबिक, इस मामले में MSF के और भी जवानों की भूमिका की जांच की जा रही है.
इस कार्रवाई में करीब 6 क्विंटल कॉपर वायर और एक ट्रक बरामद होने के बाद पुलिस अब कथित चोरी के पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है. फिलहाल 10 लोग पुलिस की हिरासत में हैं, 22.20 लाख रुपये का सामान जब्त हो चुका है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कॉपर चोरी की इस कहानी की शुरुआत कहां से हुई और इसके तार कितनी दूर तक जुड़े हैं.
विकास राजूरकर