लड़ाई राज्यसभा की! किस गणित के बल हेमंत को डबल बोनस की उम्मीद, नथवानी को किसका सहारा

झारखंड की दो राज्यसभा सीटों पर तीन उम्मीदवार मैदान में हैं, जिसके लिए आज मतदान है. वोटिंग से पहले जेएमएम प्रमुख हेमंत सोरेन ने दोनों राज्यसभा सीट के जीत का दावा किया है तो बीजेपी के समर्थन से उतरे निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नथवानी को जीत का किसका सहारा है?

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राज्यसभा चुनाव परिमल नथवानी और हेमंत सोरेन (Photo-ITG) राज्यसभा चुनाव परिमल नथवानी और हेमंत सोरेन (Photo-ITG)

कुबूल अहमद

  • नई दिल्ली,
  • 18 जून 2026,
  • अपडेटेड 8:52 AM IST

झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए तीन उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे, जिसका फैसला गुरुवार को मतदान के जरिए तय होगा. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दोनों ही सीटों पर इंडिया गठबंधन के जीत का दावा कर रहे हैं तो बीजेपी के समर्थन से चुनावी मैदान में उतरे निर्दलीय कैंडिडेट परिमल नथवानी क्रॉस वोटिंग के दम पर एक बार फिर से राज्यसभा पहुंचना चाहते हैं. इस तरह दोनों ही तरफ से जीत के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन चुनावी गेम अलग ही दिशा में है. 

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इंडिया ब्लॉक के ओर से राज्यसभा के लिए जेएमएम से बैजनाथ राम और कांग्रेस से प्रणव झा किस्मत आजमा रहे हैं तो  निर्दलीय तौर पर परिमल नथवानी मैदान में हैं. नथवानी को बीजेपी सहित एनडीए का समर्थन है, जिसके चलते मुकाबला रोचक हो गया है.

झारखंड में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए कम से कम 28 विधायकों का प्रथम वरीयता के आधार पर वोट चाहिए. विधायकों की संख्या के आधार पर इंडिया ब्लॉक के पास दोनों सीटें जीतने का नंबर है, लेकिन परिमल नथवानी को 4 वोट अतिरिक्त जुटाने है, जो बिना सेंधमारी के संभव नहीं है. ऐसे में चुनावी काफी रोचक बन गया है. 

राज्यसभा के लिए नंबर गेम क्या है
झारखंड विधानसभा में कुल विधायकों की संख्या 81 हैं. महागठबंधन को 56 विधायकों का समर्थन हासिल है, जिनमें जेएमएम के 34, कांग्रेस के 16, आरजेडी के 4 और लेफ्ट के दो विधायक हैं. वहीं, बीजेपी के अगुवाई वाले एनडीए के पास 24 विधायक है, जिसमें बीजेपी से 21, आजसू 1, जेडीयू 1, एलजेपी के 1 विधायक हैं. 

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राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 28 वोटों के हिसाब से महागठबंधन के पास दोनों सीटें जीतने का पर्याप्त नंबर 56 हो रहा है. वहीं, निर्दलीय तौर पर चुनाव मैदान में उतरे परिमल नथवानी को एनडीए के विधायकों के समर्थन के बाद भी जीत के लिए 4 अतरिक्त वोटों की जरूरत है. इस तरह नंबर गेम में इंडिया ब्लॉक का पलड़ा भारी है, लेकिन नथवानी के रिकॉर्ड को देखते हुए कुछ कहा नहीं जा सकता है. 

क्रॉस वोटिंग का खतरा मंडरा रहा
विधानसभा में नंबर गेम के लिहाज से जेएमएम की जीत तय है, लेकिन कांग्रेस के लिए महागठबंधन को एकजुट रखना होगा. विधानसभा में महागठबंधन के पास 56 विधायकों का समर्थन है, जिसके लिहाज से दोनों ही सीटें जीत सकती है, लेकिन निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में परिमल नथवानी के उतरने व बीजेपी के समर्थन से मुकाबला रोचक हो गया है. इसके साथ ही क्रॉस वोटिंग का खतरा बनता दिख रहा है. 

राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए महागठबंधन के पास नंबर पूरे हैं, लेकिन परिमल नथवानी को बीजेपी के समर्थन करने के बाद भी 4 अतरिक्त वोटों की जरूरत है. ऐसे में क्रॉस वोटिंग का खतरा साफ नजर आ रहा है. नथवानी अपनी जीत के लिए पूरी ताकत लगा दी है तो कांग्रेस और जेएमएम अपने खेमे को बचाए रखने के लिए पूरी ताकत झोंक रखी है. 

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सोरेन किस गणित के दम पर जीत का दावा
झारखंड में पहले भी राज्यसभा चुनावों में केवल सीधा बहुमत ही निर्णायक नहीं रहा है. ऐसे में हेमंत सोरेन का दावा है कि राज्यसभा की दोनों सीटें जीत रहे हैं. इसके लिए उन्होंने कहा कि 56 नहीं 61 विधायकों का समर्थन है. इसके मतलब साफ है कि इंडिया ब्लॉक अपने विधायकों को एकजुट रखने के साथ-साथ विपक्षी खेमे के 5 वोटों में सेंधमारी करते नजर आ रहे हैं. यही वह संख्या है जिसके आधार पर वे दोनों सीटों पर अधिक आत्मविश्वास दिखा रहे हैं.

इंडिया ब्लॉक के पास मूल रूप से 56 विधायक हैं. एक सीट के लिए 28 वोट का कोटा है, इसलिए 56 विधायकों के वोट दो सीटें जीतने के लिए पर्याप्त माने जा रहे हैं. गठबंधन का दावा है कि उसे कुछ अतिरिक्त समर्थन भी मिल रहा है, जिससे संख्या 61 तक पहुंचती है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा और जेएमएम उम्मीदवार बैजनाथ राम के साथ हाथ उठा कर जीत का दावा किया. 

परिमल नथवानी ने किया जीत का दावा
रांची के रेडिसन ब्लू होटल में एनडीए के सभी 24 विधायकों की एक साथ तस्वीर साझा कर निर्दलीय प्रत्याशी परिमाल नाथवानी ने अपनी जीत का दावा किया है. बीजेपी ने सोशल मीडिया पर एनडीए के 24 विधायकों की तस्वीर साझा की, जिसमें वे विक्ट्री का निशान बनाते हुए नजर आ रहे हैं. बीजेपी ने लिखा कि एनडीए तैयार है, कांग्रेस किनारे हो जाएगी. निर्दलीय प्रत्याशी परिमाल नथवानी ने सभी विधायकों और पार्टियों से समर्थन मांगा है.

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बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने निर्दलीय परिमल नाथवानी के जीत का दावा किया है. उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष के कई विधायक अपनी अंतरात्मा की आवाज के आधार पर और व्यापक राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए मतदान करेंगे. परिमल नथवानी एनडीए के विधायकों का समर्थन जुटाए रखते हुए इंडिया ब्लॉक के खेमे में सेंधमारी करने की है.

समझें कैसे कौन जीत सकता है चुनाव

परिमल नथवानी 2008 में जब चुनाव मैदान में उतरे थे तो उन्होंने आरजेडी के विधायकों का समर्थन जुटाकर जीत दर्ज की थी. इस बार 'इंडिया ब्लॉक' की तरफ से भले ही एकजुट होने का दावा किया जा रहा हो, लेकिन झारखंड में क्रॉस वोटिंग के इतिहास को देखते हुए मामला रोचक है. क्रॉस वोटिंग करने की कोशिश दोनों ही तरफ से कराने की है. 

राज्यसभा चुनाव के लिए बैजनाथ राम की जीत पक्की करने के लिए जेएमएम के पास पर्याप्त संख्या बल है, वहीं दूसरी सीट के लिए कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा और बीजेपी समर्थित प्रत्याशी परिमल नाथवानी के बीच कड़ा मुकाबला होने की संभावना है. हालांकि, कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि इंडिया गठबंधन के सभी 56 विधायक एकजुट हैं और राज्यसभा की दोनों सीट पर गठबंधन के उम्मीदवार जीत हासिल करेंगे

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.हालांकि अंतिम नतीजा इस बात पर निर्भर करता है कि मतदान के दौरान कोई क्रॉस वोटिंग होती है या नहीं और वरीयता मतों का समीकरण किसके पक्ष में जाता है.

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