झारखंड: थाने में महिला से दुष्कर्म, थाना प्रभारी समेत 15 पुलिसकर्मी सस्पेंड, 3 गिरफ्तार

झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में एक 20 वर्षीय महिला से पुलिस थाने में दुष्कर्म के मामले में थाना प्रभारी समेत 15 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है. वहीं, तीन आरोपी पुलिसकर्मी गिरफ्तार किए गए हैं.

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मामले में पुलिस ने गम्हरिया थाना प्रभारी समेत 15 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है. (सांकेतिक तस्वीर) मामले में पुलिस ने गम्हरिया थाना प्रभारी समेत 15 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है. (सांकेतिक तस्वीर)

सत्यजीत कुमार

  • रांची,
  • 02 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 2:54 AM IST

झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना परिसर में एक 20 वर्षीय महिला से दुष्कर्म का मामला सामने आया है. मामले में पुलिस ने गम्हरिया थाना प्रभारी समेत 15 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है. इस घटना को लेकर अब सियासत भी तेज हो गई है. झारखंड की पूर्व मंत्री और कोडरमा से बीजेपी विधायक नीरा यादव ने रविवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधा. 

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बता दें, इस मामले में थाना प्रभारी समेत 15 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है. साथ ही, वायरलेस ऑपरेटर सहित तीन आरोपी पुलिसकर्मी गिरफ्तार भी किए गए हैं. मामले में SIT गंभीरता से जांच कर रही है. वहीं, पुलिस अधीक्षक ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है. 

बीजेपी ने सोरेन सरकार पर साधा निशाना

झारखंड की पूर्व मंत्री और कोडरमा से बीजेपी विधायक नीरा यादव ने इस मामले को लेकर रविवार को हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने साफ कहा कि यह घटना सिर्फ महिला के साथ हुआ अपराध नहीं बल्कि पुलिस व्यवस्था और राज्य सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाता है. 

नीरा यादव ने कहा कि यह सिर्फ एक महिला के साथ हुआ अपराध नहीं है बल्कि इससे पुलिस व्यवस्था और राज्य सरकार की जवाबदेही पर भी सवाल खड़े होते हैं. उन्होंने मांग की कि सरकार पीड़िता को जल्द न्याय दिलाए. साथ ही, उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वे जनता को बताएं कि राज्य में कानून व्यवस्था कैसे सुधरेगी. 

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कोडरमा विधायक ने कहा कि जब तक अपराधियों में कानून को लेकर डर नहीं होगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होगी तब तक हालात में सुधार नहीं होगा. नीरा यादव ने इस मामले में सरकार की जवाबदेही तय करने की भी मांग की. 

यह भी पढ़ें: पुलिस की निगरानी में था रेप-पॉक्सो का आरोपी, थाने से हथकड़ी लगाकर ही भाग निकला

क्या है मामला

यह घटना 29 अक्टूबर की है. अपनी शिकायत में, पीड़िता ने पुलिस को बताया कि गुरुवार शाम को उसका अपने पति से झगड़ा हो गया था. उसे डर था कि पति उसे पीटेगा, इसलिए वह घर से निकल गई. वह एक पड़ोसी के घर गई और मोबाइल फोन से पुलिस को संपर्क किया. पुलिस बयान के मुताबिक, एक पीसीआर वैन वहां पहुंची और उस रात महिला को थाने ले आई. थाने में ड्यूटी पर मौजूद अधिकारियों ने उसे आराम करने के लिए थाने में ही एक कमरा दे दिया. 

पीड़िता के बयान के मुताबिक, जब वह उस कमरे में थी तब थाने में वायरलेस ऑपरेटर उस कमरे में आया और उसके साथ दुष्कर्म किया. इस दौरान पीड़िता ने मदद की भी गुहार लगाई लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की.  

इस घटना की जांच के लिए, सरायकेला-खरसावां के पुलिस अधीक्षक (SP) मनोज स्वर्गियारी ने घटना के अगले दिन एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था. शनिवार को SIT ने अपनी रिपोर्ट सौंपी और मामले में निलंबित सब-इंस्पेक्टर मनोज साहू और कांस्टेबल संतोष राय को गिरफ्तार किया गया. 

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