झारखंड के बोकारो जिले के चास स्थित बाल सुधार गृह में फ्लू संक्रमण के कई मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है. बाल सुधार गृह में रह रहे कुल 43 बाल बंदियों में से 20 फ्लू से संक्रमित पाए गए हैं. संक्रमण की पुष्टि होते ही सभी बच्चों को स्वास्थ्य जांच के लिए बोकारो सदर अस्पताल लाया गया.
अस्पताल में चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान एक बाल बंदी की हालत गंभीर पाई गई. डॉक्टरों ने उसे तुरंत सदर अस्पताल के आईसीयू (ICU) में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया. चिकित्सकों की टीम उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है, जबकि बाकी बच्चों की भी विस्तृत स्वास्थ्य जांच की गई.
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संक्रमण की खबर सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है. अस्पताल में जांच के दौरान सभी बच्चों की मेडिकल स्क्रीनिंग की गई ताकि संक्रमण की गंभीरता का सही आकलन किया जा सके.
एक बाल बंदी ICU में भर्ती
स्वास्थ्य जांच पूरी होने के बाद जिन बाल बंदियों में फ्लू के लक्षण पाए गए लेकिन उनकी स्थिति सामान्य रही, उन्हें आवश्यक दवाइयों और चिकित्सकीय सलाह के साथ दोबारा चास स्थित बाल सुधार गृह भेज दिया गया. स्वास्थ्य विभाग ने सुधार गृह प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने और संक्रमित बच्चों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए हैं.
जानकारी के मुताबिक, संक्रमण का मामला तब सामने आया जब कई बच्चों में लगातार बुखार, सर्दी और फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने लगे. इसके बाद सभी बच्चों को एक साथ अस्पताल लाकर उनकी जांच कराई गई, जिसमें 20 बच्चों में संक्रमण की पुष्टि हुई.
स्वास्थ्य विभाग अब यह भी पता लगाने में जुटा है कि संक्रमण किस तरह फैला और इसे आगे फैलने से रोकने के लिए क्या अतिरिक्त कदम उठाए जाएं. सुधार गृह में साफ-सफाई, स्वास्थ्य निगरानी और एहतियाती उपायों पर विशेष जोर दिया जा रहा है.
7 जिलों के बाल बंदी रहते हैं चास बाल सुधार गृह में
चास स्थित बाल सुधार गृह में झारखंड के सात जिलों के बाल बंदी रह रहे हैं. इनमें जमशेदपुर, हजारीबाग, गिरिडीह, रांची, धनबाद, दुमका और बोकारो के कुल 43 बाल बंदी शामिल हैं. ऐसे में संक्रमण का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है.
बोकारो के सिविल सर्जन डॉ. अभय भूषण प्रसाद ने बताया कि सभी बाल बंदियों की स्वास्थ्य जांच कराई गई है. उन्होंने कहा कि केवल एक बाल बंदी की हालत गंभीर होने के कारण उसे अस्पताल में भर्ती रखा गया है, जबकि बाकी सभी की स्थिति सामान्य है.
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार बच्चों के स्वास्थ्य पर नजर रख रही है. यदि किसी अन्य बाल बंदी में संक्रमण के गंभीर लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कर इलाज उपलब्ध कराया जाएगा. फिलहाल संक्रमित बच्चों की नियमित स्वास्थ्य निगरानी और आवश्यक चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है.
सत्यजीत कुमार / संजय कुमार