जम्मू-कश्मीर के डोडा में बादल फटने से अचानक आई बाढ़ ने बड़ी मुश्किलें खड़ी कर दी हैं. भलेसा इलाका सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है, जहां कई गांवों को जोड़ने वाली सड़कें टूट गई हैं. इसी बीच किश्तवाड़ में चल रही मचैल माता यात्रा और मिंधल माता यात्रा को भी बारिश के खतरे को देखते हुए रोक दिया गया है.
डोडा जिले में बादल फटने की घटना सामने आई है. इस घटना के बाद इलाके में अचानक बाढ़ आ गई, जिससे स्थानीय लोगों में डर का माहौल बन गया है. जानकारी के अनुसार, भलेसा इलाका इस आपदा से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है.
यहां कई इलाके ऐसे हैं जो अंदरूनी गांवों से जुड़े हुए थे, लेकिन बाढ़ के बाद इन गांवों को जोड़ने वाली कई सड़कें पूरी तरह टूट गई हैं. इससे इन गांवों का बाकी इलाकों से संपर्क कट गया है और लोग वहां फंस गए हैं.
बाढ़ का पानी अपने साथ भारी मात्रा में मिट्टी और मलबा भी लेकर आया, जिसने सड़कों को और ज्यादा नुकसान पहुंचाया है. इस वजह से आवाजाही पूरी तरह से बाधित हो गई है.
हालात को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने तुरंत काम शुरू कर दिया है. सड़कों से मलबा हटाने का काम जारी है ताकि जल्द से जल्द रास्ते खोले जा सकें. इसके साथ ही प्रशासन ने इलाके में हुए नुकसान का आकलन भी शुरू कर दिया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कितनी संपत्ति और कितने घर प्रभावित हुए हैं.
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प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जब तक हालात पूरी तरह से काबू में नहीं आ जाते, तब तक वे इस इलाके में यात्रा करने से बचें. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह सलाह दी गई है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके.
इसी बीच किश्तवाड़ जिले से भी एक बड़ी खबर सामने आई है. यहां चल रही मचैल माता यात्रा और मिंधल माता यात्रा को फिलहाल रोक दिया गया है. इसकी वजह भी बाढ़ जैसे हालात, सड़कों का फिसलन भरा होना और आगे तेज बारिश की आशंका बताई जा रही है. प्रशासन ने साफ कहा है कि जब तक हालात सामान्य नहीं होते, यात्रा को जारी रखना खतरे से खाली नहीं होगा.
श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि वे फिलहाल यात्रा शुरू न करें और स्थानीय प्रशासन के संपर्क में बने रहें, ताकि उन्हें समय समय पर सही जानकारी मिलती रहे और वे किसी भी अपडेट से अनजान न रहें.
मीर फरीद