कांगड़ा में फ्लैश फ्लड का कहर, 18 घर और स्कूल बहा, हिमाचल में रेड अलर्ट

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश ने तबाही मचा दी है. कांगड़ा की बोह घाटी में फ्लैश फ्लड से 18 घर, 9 गौशालाएं और एक प्राथमिक स्कूल बह गया. तीन महिलाएं घायल हुई हैं. रेड अलर्ट के बीच कई जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद हैं, दर्जनों सड़कें ठप हैं और प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है.

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मौसम विभाग ने फ्लैश फ्लड का खतरा जताया. (Photo: Screengrab) मौसम विभाग ने फ्लैश फ्लड का खतरा जताया. (Photo: Screengrab)

aajtak.in

  • कांगड़ा,
  • 21 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 11:17 PM IST

हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश अब तबाही का रूप ले चुकी है. मौसम विभाग के रेड अलर्ट के बीच मंगलवार को कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में सभी स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए. इस बीच कांगड़ा जिले की बोह घाटी में फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई है. यहां 18 मकान, 9 गौशालाएं और एक प्राथमिक स्कूल भवन बह गया. हादसे में तीन महिलाएं घायल हुई हैं. कई जिलों में भूस्खलन से सड़कें बंद हैं और प्रशासन ने लोगों से गैरजरूरी यात्रा नहीं करने की अपील की है.

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कांगड़ा जिले के शाहपुर उपमंडल की बोह घाटी के स्पैदा और गढ़गून गांवों में तेज बारिश के बाद आई फ्लैश फ्लड से भारी नुकसान हुआ है. शुरुआती जानकारी के अनुसार 18 मकान पूरी तरह बह गए हैं. इसके अलावा 9 गौशालाएं और एक प्राथमिक स्कूल भवन भी बाढ़ की चपेट में आ गया. बाढ़ के पानी में आठ मवेशी भी बह गए. घटना में तीन महिलाएं घायल हुई हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है.

राहत और बचाव अभियान जारी

जिला प्रशासन ने प्रभावित गांवों में राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया है. शाहपुर के एसडीएम डॉ. गणेश ठाकुर ने बताया कि वह स्वयं प्रभावित क्षेत्र के लिए रवाना हो गए हैं. हालांकि डिब्बा और मानेड़ नाले के पास बड़े भूस्खलन होने के कारण घटनास्थल तक पहुंचने में काफी दिक्कत आ रही है. मौसम विभाग के रेड अलर्ट को देखते हुए कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में सभी स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं. इसके अलावा शिमला जिले के ठियोग, चंबा के सलूणी और कुल्लू के निरमंड क्षेत्र में भी लगातार बारिश के कारण सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रखने के आदेश दिए गए हैं.

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किन्नौर जिले में भूस्खलन के कारण पुराने हिंदुस्तान-तिब्बत रोड यानी राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है. शलखर के पास पहाड़ी से अचानक मलबा आने और समदो के पास चट्टानें गिरने से सड़क बंद हो गई है. इसके कारण काजा, स्पीति, पूह और रिकांग पिओ के बीच यातायात पूरी तरह ठप हो गया है. प्रशासन ने लोगों से केवल जरूरी होने पर ही यात्रा करने की अपील की है.

भूस्खलन से बंद हुआ हिंदुस्तान-तिब्बत मार्ग

बारिश और भूस्खलन के कारण नूरपुर-लाहरू रोड, चुवाड़ी-डलहौजी मार्ग, शाहपुर-सिहुंता-चुवाड़ी रोड और पंजाब से भरमौर को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-154ए चक्की मार्ग भी बंद हो गया है. सोमवार शाम से कांगड़ा, चंबा और सिरमौर के कई हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की गई. सबसे अधिक 136.4 मिलीमीटर बारिश पालमपुर में हुई. ददाहू में 105.6 मिलीमीटर, जत्तों बैराज में 103.6 मिलीमीटर, पांवटा साहिब में 79.8 मिलीमीटर, नाहन में 79.2 मिलीमीटर, धर्मशाला में 75.4 मिलीमीटर और भटियात में 71 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई.

कांगड़ा, पच्छाद, संगड़ाह और धौलाकुआं में भी 60 से 68 मिलीमीटर के बीच बारिश हुई. मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर में बहुत भारी से अत्यंत भारी बारिश और फ्लैश फ्लड की चेतावनी जारी की है. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार प्रदेश में 36 सड़कें बंद हैं. इनमें 11 सड़कें मंडी और 10 चंबा जिले में हैं. इसके अलावा 43 पेयजल योजनाएं और पांच बिजली ट्रांसफार्मर भी प्रभावित हुए हैं.

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फ्लैश फ्लड का अलर्ट, 36 सड़कें बंद

सभी जिलाधिकारियों को जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र 24 घंटे सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन ने लोगों से नदियों, नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने, गैरजरूरी यात्रा से बचने और केवल आधिकारिक एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है. किसी भी आपात स्थिति में राज्य आपदा हेल्पलाइन 1070 और जिला हेल्पलाइन 1077 पर संपर्क करने को कहा गया है.

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रिपोर्ट- अशोक रैना

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