हिमाचल में मुसीबत बनी बारिश! शिमला, मंडी, कांगड़ा समेत 18 जगहों पर लैंडस्लाइड का खतरा, 259 सड़कें बंद

हिमाचल प्रदेश में बारिश मुसीबत बनकर आई है. राज्य के ज्यादातर जिलों में बारिश कहर बनकर बरसी है. भारी बारिश के कारण मौसम विभाग ने 22 भूस्खलन संवेदनशील क्षेत्रों में से 18 के लिए चेतावनी जारी की है. 130 इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और पूरे प्रदेश भर में जलापूर्ति भी प्रभावित हुई है. 259 सड़कें बंद हो गई हैं.

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हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के बाद भूस्खलन का अलर्ट (फोटो क्रेडिट-पीटीआई) हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के बाद भूस्खलन का अलर्ट (फोटो क्रेडिट-पीटीआई)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 30 जून 2025,
  • अपडेटेड 10:04 PM IST

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के बाद मौसम विभाग (IMD) ने भूस्खलन की चेतावनी जारी की है. राज्य में भूस्खलन के लिहाज से संवेदनशील 22 में से 18 स्थानों के लिए आईएमडी ने चेतावनी जारी की है. इन स्थानों पर वर्तमान में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है. लगातार बारिश के कारण लगभग हिमाचल प्रदेश के 130 इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है और पूरे राज्य में जलापूर्ति प्रभावित हुई है. फ्लैश फ्लड, लैंडस्लाइड की वजह से मलबा गिरने और तेज बारिश के कारण होने वाले भू-कटाव की घटनाओं के कारण राज्य में 259 सड़कों को बंद करना पड़ा है. 

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बारिश की वजह से बिजली बाधित हुई तो इसका जलापूर्ति पर भी देखना को मिला. पूरे प्रदेश में जलापूर्ति प्रभावित हुई है. 

एक्शन में सुक्खू सरकार

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मौसम विभाग के द्वारा बारिश का रेड अलर्ट जारी करने के बाद मंडी, कांगड़ा, सोलान और सिरमौर जिलों के प्रशासन को 30 जून को स्कूल को बंद रखने का निर्देश दिया. 

मंत्री जगत सिंह नेगी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मानसून को लेकर पहले ही बैठक की गई थी, आज (सोमवार) को उसी के संदर्भ में समीक्षा बैठक की. इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ मौजूदा स्थिति का जायजा लिया और तैयारियों की समीक्षा की गई. जहां और तैयारियों की ज़रूरत है, उसे लेकर निर्देश दिए गए हैं. 

जान-माल का नुकसान, रेल सेवाएं प्रभावित

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भारी बारिश की वजह से केवल सड़क मार्ग ही नहीं प्रभावित हुई है. रेलमार्ग भी इससे प्रभावित हुए हैं. शिमला-कालका रेल लाइन पर पेड़ गिरने और मलबा गिरने की वजह से रेल सेवाएं कई घंटों तक बाधित रहीं. 

रेल पटरी पर गिरा पत्थर (फोटो क्रेडिट - पीटीआई)

यह भी पढ़ें: मानसून की मार, मैदान से पहाड़ तक हाहाकार... उत्तर भारत में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, हिमाचल-उत्तराखंड में फ्लैश फ्लड का खतरा

राज्य में बीते 24 घंटे में तीन लोगों की मौत हुई है. इस मानसून सीज़न अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है. बिलासपुर और ऊना में दो लोगों की डूबने की वजह से मौत हो गई वहीं तीसरी मौत शिमला में ऊंचाई की गिरने की वजह से हो गई है.

शिमला-कालका राष्ट्रीय राजमार्ज (एसएच-5) पर कोटी के पास भूस्खलन हुआ. मलबा सड़क पर आने की वजह से कई घंटों तक लंबा जाम लग गया.

भट्टा कोफर में पांच मंजिला इमारत ढही

शिमला के भट्टा कोफर इलाके में कथित तौर पर फोर लेन सड़क निर्माण के कारण एक पांच मंजिला इमारत ढह गई.  एसडीएम ने घटनास्थल पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया. एसडीएम ने कहा, जो पांच मंजिला इमारत गिरी उसमें कोई हताहत नहीं हुआ. इमारत को कल रात को ही खाली कर दिया गया था. पांच इमारत को लेकर डर है, इसलिए उन्हें खाली करा दिया गया है. लोगों को किसी और सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट होने को कहा गया है. इमारत गिरने की वजह का पता लगाया जाएगा. 

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