नूंह जिला मुख्यालय में बुधवार को एक विशेष तिरंगा यात्रा निकाली गई. यासीन मेव डिग्री कॉलेज से गांधी पार्क तक निकली इस यात्रा का नाम एक हाथ में कुरान, एक हाथ में तिरंगा रखा गया. पसमांदा विकास फाउंडेशन के नेतृत्व में आयोजित इस यात्रा में नूंह और आसपास के मदरसों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया.
यात्रा के दौरान बच्चों के हाथों में तिरंगा नजर आया. बच्चे देशभक्ति और राष्ट्र निर्माण से जुड़े नारे लगाते हुए आगे बढ़े. आयोजकों के मुताबिक, इस यात्रा का मकसद बच्चों में देशभक्ति की भावना को मजबूत करना, सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देना और मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ना था.
आयोजकों के अनुसार, यात्रा में करीब 200 बच्चे शामिल हुए. इनके अलावा लगभग 150 मुस्लिम महिलाओं और करीब 100 धार्मिक नेताओं ने भी यात्रा में हिस्सा लिया. बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बीच यह यात्रा यासीन मेव डिग्री कॉलेज से शुरू होकर गांधी पार्क तक पहुंची.
हाथों में तिरंगा लेकर निकले मदरसा बच्चे
यात्रा में शामिल मदरसा बच्चों ने हाथों में तिरंगा लेकर देश के प्रति सम्मान और देशभक्ति का संदेश दिया. आयोजकों ने कहा कि मदरसों में पढ़ने वाले बच्चे भी देश के विकास में योगदान देना चाहते हैं और अच्छे नागरिक बनकर देश की सेवा कर सकते हैं.
पसमांदा विकास फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि उनकी संस्था मदरसों के विकास और समाज की प्रगति के लिए काम कर रही है. संस्था का प्रयास है कि मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ा जाए. उनका कहना है कि इन बच्चों को आधुनिक शिक्षा के अवसर मिलें तो वे डॉक्टर, इंजीनियर और वैज्ञानिक बनकर देश की सेवा कर सकते हैं.
‘मदरसों को संदेह की नजर से न देखा जाए’
आयोजकों ने यात्रा के जरिए मदरसों को लेकर समाज में मौजूद धारणा पर भी अपनी बात रखी. उनका कहना है कि मदरसों को संदेह की नजर से नहीं देखा जाना चाहिए. साथ ही उन्होंने कहा कि कुरान को मानने वाले बच्चों के दिल में देश के तिरंगे और देश के लिए उतना ही प्यार और सम्मान है.
पसमांदा विकास फाउंडेशन के पदाधिकारियों के मुताबिक, मदरसे में पढ़ने वाले बच्चों में भी देशभक्ति की भावना होती है. वो देश के विकास में बराबर की भागीदारी निभाना चाहते हैं. इसी संदेश को लोगों तक पहुंचाने के लिए यात्रा का नाम ‘एक हाथ में कुरान, एक हाथ में तिरंगा’ रखा गया.
सामाजिक एकता और समरसता का संदेश
आयोजकों ने इस पहल को समाज में एकता और समरसता का प्रतीक बताया. उनका कहना है कि देश में रहने वाले सभी वर्गों के बच्चों को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से जुड़ने का अवसर मिलना चाहिए. यात्रा के दौरान बच्चों के साथ मुस्लिम महिलाओं और धार्मिक नेताओं की भागीदारी भी रही.
आयोजकों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों के जरिए बच्चों में देश के प्रति जिम्मेदारी और समाज के प्रति सकारात्मक सोच को मजबूत किया जा सकता है. पसमांदा विकास फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि संस्था मदरसों के विकास और समाज की प्रगति के लिए लगातार काम कर रही है. उनका प्रयास है कि मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ा जाए, जिससे उन्हें आगे बढ़ने के ज्यादा अवसर मिल सकें.
सरकार और समाज से सहयोग की अपील
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सरकार और समाज से मदरसों को सही मार्गदर्शन और अवसर देने की अपील की. उन्होंने कहा कि मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को अगर सही अवसर और मार्गदर्शन मिलेगा तो वो देश के विकास में अपना योगदान दे सकेंगे.
आयोजकों ने कहा कि मदरसा शिक्षा के साथ आधुनिक शिक्षा से जुड़ने के अवसर भी बच्चों के लिए जरूरी हैं. उनका उद्देश्य बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर और वैज्ञानिक बनने के लिए आगे बढ़ने का अवसर देना है, ताकि वे अपनी शिक्षा और प्रतिभा का इस्तेमाल देश की सेवा में कर सकें.
एसडीएम कुंवर आदित्य विक्रम भी कार्यक्रम में रहे मौजूद
एक हाथ में कुरान, एक हाथ में तिरंगा यात्रा के जरिए आयोजकों ने यही संदेश देने की कोशिश की कि मदरसे के बच्चे भी देश के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी की भावना रखते हैं. यात्रा में शामिल बच्चों ने हाथों में तिरंगा लेकर देशभक्ति का संदेश दिया और राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी की बात रखी.
कार्यक्रम में नूंह के एसडीएम कुंवर आदित्य विक्रम और पसमांदा विकास फाउंडेशन के संस्था पदाधिकारी मोहम्मद मेराज भी मौजूद रहे. यात्रा के जरिए आयोजकों ने देशभक्ति, सामाजिक सौहार्द, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण से जुड़े संदेश लोगों तक पहुंचाए.
कासिम खान