गुरुग्राम के राजीव नगर इलाके में बुधवार को 23 वर्षीय युवक की गोली लगने से मौत हो गई. पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान दिगेंद्र के रूप में हुई है. वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बिजनौर का रहने वाला था और उसका आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है.
दिगेंद्र राजीव नगर में अपनी लिव-इन पार्टनर के साथ किराए के मकान में रहता था. दोनों एक बेकरी में काम करते थे. रक्षाबंधन के मौके पर उसकी बहन भी उससे मिलने गुरुग्राम आई हुई थी. इसके अलावा पंकज नाम का उसका दोस्त करीब डेढ़ महीने से उसी के साथ रह रहा था.
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पुलिस के मुताबिक, घटना के समय दिगेंद्र की बहन, उसकी लिव-इन पार्टनर और दोस्त पंकज कमरे में मौजूद थे. परिवार की ओर से दावा किया गया है कि पंकज किसी मामले में वांछित था और उसके खिलाफ केस दर्ज था. पुलिस अब इस दावे की भी जांच कर रही है.
सुबह घर पहुंचे चार लोग, फिर सुनाई दी गोली
दिगेंद्र की बहन के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब 6 बजे चार युवक उनके घर पहुंचे. उन्होंने दरवाजा खटखटाया. जैसे ही बाहर से दस्तक हुई, दिगेंद्र कमरे से जुड़े वॉशरूम में चला गया.
कुछ देर बाद वॉशरूम के भीतर से गोली चलने की आवाज सुनाई दी. अचानक आवाज सुनकर दिगेंद्र की बहन और उसकी लिव-इन पार्टनर घबरा गईं और चीखने लगीं. बहन के मुताबिक, इसके बाद घर पहुंचे चारों लोग वहां से चले गए.
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची. जांच टीम ने वॉशरूम के अंदर दिगेंद्र को मृत हालत में पाया. उसके शरीर पर गोली लगने का घाव था. पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर मामले की जांच शुरू कर दी है.
क्रिमिनल बैकग्राउंड की भी जांच
पुलिस की शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है. हालांकि, घटना के समय घर पर चार लोगों के पहुंचने और उसके बाद गोली चलने की जानकारी के चलते पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि दिगेंद्र के खिलाफ आधा दर्जन से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज थे. पुलिस उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड, घटना से पहले की परिस्थितियों और घर पर आए लोगों की भूमिका समेत सभी बिंदुओं की पड़ताल कर रही है.
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दिगेंद्र के पास हथियार कैसे पहुंचा और गोली चलने से पहले क्या घटनाक्रम हुआ था. परिवार की ओर से सामने आए दावों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है.
पुलिस कर रही हर एंगल से जांच
दिगेंद्र की मौत के बाद पुलिस ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं. उसके साथ रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की जा रही है. पुलिस इस बात की पुष्टि करने में जुटी है कि गोली किस परिस्थिति में चली और क्या यह वाकई आत्महत्या थी.
फिलहाल, पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर इसे आत्महत्या का संदिग्ध मामला माना है. हालांकि, अधिकारी साफ तौर पर कह रहे हैं कि जांच सभी संभावित एंगल से की जा रही है. पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच से भी मामले की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है.
राजीव नगर की इस घटना ने कई सवाल खड़े किए हैं. एक ओर मृतक का आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया है, वहीं घटना से कुछ समय पहले चार लोगों के घर पहुंचने की बात भी जांच का अहम हिस्सा है. पुलिस अब इन सभी कड़ियों को जोड़ने में जुटी है.
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