नूंह हिंसा का पाकिस्तानी कनेक्शन! जांच एजेंसी की रडार पर यूट्यूबर अहसान मेवाती

31 जुलाई को नूंह में और आसपास के इलाकों में जो हिंसा हुई, उससे पूरा देश सन्न रह गया. उसी नूंह हिंसा को लेकर पाकिस्तानी युवक का नाम अब जांच एजेंसियों के रडार पर है. इसका नाम है अहसान मेवाती पाकिस्तानी. पेशे से ये एक यू-ट्यूबर है, जो अपने पोस्ट की लाइक बढ़ाने के लिए कुछ भी कर सकता है. किसी हद तक जा सकता है.

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हिंसा से पहले पाकिस्तानी यूट्यूबर ने लोगों को भड़काया था हिंसा से पहले पाकिस्तानी यूट्यूबर ने लोगों को भड़काया था

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 06 अगस्त 2023,
  • अपडेटेड 5:49 PM IST

नूंह हिंसा के पीछे कौन-कौन से चेहरे थे? किन लोगों ने हिंसा को भड़काया? किसके इशारे पर धार्मिक यात्रा पर दंगाइयों ने पथराव किए, गोलीबारी की? ऐसे कई सवाल हैं, जिनके जवाब के लिए एजेंसियां पाकिस्तान कनेक्शन की जांच में जुट गई हैं. पाकिस्तान में बैठे एक यूट्यूबर का नाम भी सामने आ रहा है, जिसने हिंसा के लिए लोगों को भड़काया. उसका वीडियो भी वायरल हो रहा है.

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दरअसल, 31 जुलाई को नूंह में और आसपास के इलाकों में जो हिंसा हुई, उससे पूरा देश सन्न रह गया. उसी नूंह हिंसा को लेकर पाकिस्तानी युवक का नाम अब जांच एजेंसियों के रडार पर है. इसका नाम है अहसान मेवाती पाकिस्तानी. पेशे से ये एक यू-ट्यूबर है, जो अपने पोस्ट की लाइक बढ़ाने के लिए कुछ भी कर सकता है. किसी हद तक जा सकता है. 

अहसान मेवाती ने उसी हद को पार किया और नेम फेम के लिए उसने नूंह हिंसा से पहले भड़काऊ बयान दिए. एक समुदाय के लोगों को उकसाया. उसने मजहब का जिक्र किया और जंग करार देकर समुदाय विशेष को भड़काया. फिर हिंदू विरोध के नाम पर हिंसा की साजिश की. ये सब 31 जुलाई को हुई हिंसा से पहले हुआ था. अहसान मेवाती ने उस हिंसा के बाद जश्न भी मनाया. दंगे के वीडियो अपने यूट्यूब चैनल पर भी अपलोड किए. अहसान ने हिंसा के वीडियो अपलोड किए थे. उसके 48 घंटे के अंदर उन वीडियो को 1 लाख 45 हजार लाइक मिले. 

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मजहब के नाम पर हिंसा भड़काना चाहता था अहसान मेवाती?

अहसान का नापाक इरादा बेहद साफ था. वो महजब के नाम पर लोगों को भड़का रहा था. हिंसा के लिए उकसा रहा था. उसके कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जो पाकिस्तान के इस बिगड़ैल लाडले की पूरी कारस्तानी बयां कर रहे हैं. ये पाकिस्तानी यूट्यूबर चाहता था कि मजहब के नाम पर हिंसा भड़के. वो चाहता था कि मेवात का इलाका हिंसा की आग में झुलसे और लोगों को बरगला कर उन्हें लड़ा दिया जाए. अपने एक वीडियो में अहसान मेवाती ने मोनू मानेसर का जिक्र किया है. इसमें वह मोनू की हत्या के लिए लोगों को उसका रहा है. 

बता दें कि नूंह हिंसा को लेकर भी मोनू मानेसर का नाम उछला है. हरियाणा पुलिस की SIT उसके वीडियो की भी जांच कर रही है. उसी मोनू मानेसर पर हमले के लिए अहसान मेवाती पाकिस्तानी ने अपने वीडियो के जरिए लोगों को भड़काया. 

अहसान ने मेवात से बताया अपना कनेक्शन

अहसान के नाम में भी मेवाती जुड़ा है. जब आजतक की टीम ने इस कनेक्शन की पड़ताल शुरू की तो खुलासा हुआ कि अहसान पाकिस्तान का रहने वाला है. वो पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में कहरोर पक्का इलाके का रहने वाला है. आजतक की टीम ने जब अहसान से बात की तो उसने बताया कि वो पाकिस्तान के बहावलपुर के चंब मोर में रहता है. उसका राजस्थान के अलवर से भी कनेक्शन है. उसके पूर्वज मेवात इलाके में रहते थे, जो माइग्रेट होकर पाकिस्तान चले गए. 

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ऐसे में मेवात में दंगे की साजिश में अहसान मेवाती के शातिर दिमाग से इनकार नहीं किया जा सकता. अब जांच एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती ऐसे साजिशकर्ताओं को सबक सीखाने की है. हरियाणा पुलिस और सरकार ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. जांच एजेंसियां हिंसा के पाकिस्तान कनेक्शन की जांच में जुट गई हैं. 

हिंसा को लेकर जांच और एक्शन तेज

नूंह हिंसा को लेकर जांच और एक्शन काफी तेजी से चल रहा है. पुलिस की सख्ती बुलडोजर के साथ चल रही है. वही हिंसा के आरोपियों को दबोचने के लिए हरियाणा के साथ साथ राजस्थान में भी कवायद चल रही है. वहां से 8 आरोपी गिरफ्तार भी किए गए हैं. और इन सबके बीच साजिशों के पन्ने खुलते जा रहे हैं. जिन दंगाइयों ने हरियाणा को हिंसा में झोंक दिया, उनके अवैध ठिकानों पर अब बुलडोजर दौड़ रहे हैं. 

हरियाणा में बुलडोजर एक्शन के बीच राजस्थान में भी एक्शन हुआ है. 31 जुलाई को हुई हिंसा के राजस्थान कनेक्शन का खुलासा हुआ तो पुलिस नूंह से सटे पड़ोसी राज्य में भी पहुंच गई. और तेज कर दी दंगाइयों की तलाश. वहां से अब तक दंगे के 8 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं. 

राजस्थान की सीमा से हरियाणा में दाखिल हुए थे आरोपी

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हरियाणा पुलिस का दावा है कि 31 जुलाई को हिंसा की बड़ी साजिश थी. और उस साजिश को अंजाम देने के लिए राजस्थान की सीमा से आरोपी हरियाणा में दाखिल हुए थे. नूंह की अरावली पहाड़ियों में छिपते-छिपाते उन्होंने हिंसा को अंजाम दिया. राजस्थान से पहुंचे सैकड़ों आरोपियों ने सबसे पहले नूंह जिले के बड़कली इलाके में दंगा और आगजनी शुरू की थी. बड़कली से दो किलोमीटर आगे भादस इलाके में शक्ति सिंह नाम के युवक की हत्या की गई थी. 

आरोपियों के खिलाफ बुलडोजर एक्शन जारी

अरावली की गोद में स्थित नलहर मंदर पर हमला हुआ था. वहां धार्मिक यात्रा पर हमला हुआ था. आरोपों के मुताबिक अरावली की पहाड़ियों से गोलियां भी चलाई गई थीं. बाद में ये हिंसा फैलती गई. दंगाई अपने मंसूबे में कामयाब हो गए. अब नू्ंह के आरोपियों के खिलाफ हरियाणा पुलिस यूपी के फॉर्मूले पर एक्शन में जुट गई है. वहां भी बुलडोजर चल रहा है. आज तीसरा दिन है जब आरोपियों के ठिकाने बुलडोजर से गिराए गए हैं. चुन-चुन कर उनका हिसाब हो रहा है.

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