'अफसर भी बड़े चतुर होते हैं... पहले जाकर हनुमान जी का मंदिर तोड़ते हैं', पीएम मोदी ने सुनाया अतिक्रमण हटाओ अभियान का किस्सा

गुजरात शहरी विकास की 20वीं वर्षगांठ पर पीएम मोदी ने उस समय को याद किया जब वे गुजरात के सीएम थे और उन्होंने शहरों की दशा-दिशा सुधारने के लिए अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि जब अतिक्रमण हटाने की बात आती है तो सबसे पहली बाधा बनते हैं पॉलिटिकल आदमी. चाहे वो किसी दल का हो.

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पीएम मोदी ने गुजरात शहरी विकास की 20वीं वर्षगांठ को संबोधित किया. पीएम मोदी ने गुजरात शहरी विकास की 20वीं वर्षगांठ को संबोधित किया.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 27 मई 2025,
  • अपडेटेड 1:45 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांधीनगर में गुजरात शहरी विकास की 20वीं वर्षगांठ पर शहरी विकास के अनुभवों को साझा किया. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं राजनीति में नया नया था और जब शहरी विकास का कार्यक्रम बनाया तो पहला काम आया अतिक्रमण हटाने का. पीएम ने कहा कि जब अतिक्रमण हटाने की बात आती है तो सबसे पहली बाधा बनते हैं पॉलिटिकल आदमी. किसी भी दल का हो, वो आकर खड़ा हो जाता है. उसको लगता है मेरे वोटर हैं, आप तोड़ क्यों रहे हैं. और अफसर लोग भी बड़े चतुर होते हैं, जब उनको कहा जाता है कि ये सब तोड़ना है तो पहले जाकर हनुमान जी का मंदिर तोड़ते हैं. 

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पीएम ने कहा कि इसके बाद ऐसा तूफान खड़ा हो जाता है कि कोई पॉलिटिशियन डर जाता है. उसको लगता है कि हनुमान जी का मंदिर तोड़ दिया, अब तो...

नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस मौके पर हमने बड़ी हिम्मत दिखाई. उसका परिणाम ये आया कि रास्ते चौड़े होने लगे. तो जिसका दो फुट, चार फीट कटता था. वो चिल्लाता था. लेकिन पूरा शहर खुश हो जाता था. बता दें कि ये तब की घटना है जब नरेंद्र मोदी गुजरात के सीएम बन चुके थे. 

पीएम मोदी ने एक वाकये को याद करते हुए कहा कि इस दौरान एक बड़ी मजेदार स्थिति बनी. उन्होंने कहा, "मैंने 2005 को शहर विकास वर्ष घोषित कर दिया. उसके लिए 80-90 प्वाइंट निकाले थे. पार्टी से मैंने बात की थी कि शहरी विकास वर्ष होगा. सफाई वगैरह के काम होंगे. लेकिन जब तोड़ना शुरू हुआ, मेरी पार्टी के लोग आए... बड़ा सीक्रेट बता रहा हूं, उन्होंने कहा- साहब 2005 में तो शहरी निकायों के चुनाव हैं, हमारी हालत खराब हो जाएगी. सब तरफ तोड़ फोड़ चल रही है. मैंने कहा- ये तो मेरे ध्यान में नहीं रहा. सचमुच में मेरे दिमाग में वो चुनाव था ही नहीं. मैंने कार्यक्रम बना दिया, मेरा भी एक स्वभाव है... हम तो बचपन से पढ़ते आए हैं..न हटबू. मैंने कहा आपकी चिंता सही है लेकिन अब पीछे नहीं हटेंगे, हार जाएंगे चुनाव, क्या है, जो भी होगा, हम किसी का बुरा करना नहीं चाहते. लेकिन गुजरात में शहरों का रूप-रंग बदलना बहुत जरूरी है."

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पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि साथियो हम लोग लगे रहे, काफी विरोध हुआ, आंदोलन हुआ, और उसके बाद जब चुनाव हुआ... मैं नेताओं से कहना चाहता हूं कि जब आप सदइच्छा से काम करते हैं तो जनता आपको सम्मान देती है. उस समय जो चुनाव हुआ तो 90 परसेंट जीत बीजेपी की हुई. 

पीएम ने कहा कि राज्य की भलाई के लिए लंबी सोच के साथ चलेंगे तो अच्छे नतीजे आएंगे. 

पीएम मोदी ने कहा कि गुजरात महाराष्ट्र से अलग हुआ तब चर्चा होती थी कि गुजरात महाराष्ट्र से अलग होकर क्या करेगा. एक और रण है, समंदर है और दूसरी और पाकिस्तान, क्या करेगा गुजरात. लेकिन आज गुजरात हीरे के लिए गुजरात जाना जाता है. 

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने देश के नागरिकों से अपील करते हुए विदेशी सामानों पर निर्भरता खत्म करने की अपील की. पीएम मोदी ने कहा 2047 तक विकसित भारत बनाने और अर्थव्यवस्था को तत्काल चार से तीन नंबर पर ले जाने के लिए अब हम कोई विदेशी चीज का इस्तेमाल नहीं करेंगे. हमें गांव-गांव व्यापारियों को शपथ दिलवानी होगी कि विदेशी सामानों से कितना भी मुनाफा क्यों न हो, कोई भी विदेश चीज नहीं बेचेंगे. उन्होंने कहा कि आज छोटी आंखों वाले गणेश जी भी विदेश से आ जाते हैं, गणेश जी की आंख भी नहीं खुल रही हैं. होली पर रंग और पिचकारी तक विदेशों से आ रहे हैं.

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