मेहसाणा हाईवे पर रविवार रात फिल्मी अंदाज में हुए फायरिंग कांड में ऐसा मोड़ आया, जिसने पूरे मामले को और पेचीदा बना दिया. मोढेरा चौराहे के पास पकवान होटल के नीचे फॉर्च्यूनर कार में बैठे लोगों पर काले शीशे वाली स्कॉर्पियो सवारों ने हमला कर दिया. स्कॉर्पियो ने फॉर्च्यूनर को कई बार टक्कर मारी और इसके बाद कार पर फायरिंग कर दी. हमले में फॉर्च्यूनर में बैठे पाटन जिले के झीलीया गांव निवासी भावेश रबारी उर्फ भावेश झीलीया के बाएं हाथ के पंजे पर चोट आई. हमलावर फायरिंग करने के बाद नागलपुर की तरफ फरार हो गए. इसके बाद भावेश और उसके साथी सीधे मेहसाणा बी डिवीजन पुलिस स्टेशन पहुंचे और पुलिस को पूरे हमले की जानकारी दी.
लेकिन पुलिस स्टेशन पहुंचने के बाद मामले ने अचानक नया मोड़ ले लिया. जिस व्यक्ति ने खुद पर हुए जानलेवा हमले की शिकायत की, उसकी ही फॉर्च्यूनर कार से पुलिस को अवैध हथियार मिल गए. पुलिस ने कार की तलाशी ली तो डैशबोर्ड से लोडेड देसी रिवॉल्वर और छह जिंदा कारतूस बरामद हुए. इसके अलावा कार की बीच वाली सीट के नीचे से करीब 26 इंच लंबा धारदार छरा भी मिला. पुलिस के मुताबिक रविवार रात करीब साढ़े आठ बजे मेहसाणा हाईवे पर पकवान होटल के पास भावेश रबारी उर्फ भावेश झीलीया अपने साथियों विपुल रबारी और करण रबारी के साथ सफेद फॉर्च्यूनर में बैठा था. फॉर्च्यूनर पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी.
फायरिंग की शिकायत लेकर थाने पहुंचा बदमाश
इसी दौरान काले शीशे वाली सफेद स्कॉर्पियो गलत दिशा से तेज रफ्तार में वहां पहुंची. स्कॉर्पियो चालक ने फॉर्च्यूनर को एक के बाद एक तीन से चार बार जोरदार टक्कर मारी. टक्कर के बाद स्कॉर्पियो में बैठे अज्ञात लोगों ने रिवॉल्वर निकाल ली और फॉर्च्यूनर पर सीधे फायरिंग शुरू कर दी. अचानक हुई फायरिंग से इलाके में दहशत फैल गई. इस हमले में भावेश झीलीया के बाएं हाथ के पंजे पर चोट लगी. हमलावर फायरिंग करने के बाद नागलपुर की तरफ भाग निकले.
हमले के बाद भावेश और उसके साथी सीधे मेहसाणा बी डिवीजन पुलिस स्टेशन पहुंचे. वहां उन्होंने पुलिस को अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी. भावेश ने पुलिस के सामने हमले की पूरी आपबीती बताई. पुलिस अधिकारी पहले से भावेश के आपराधिक इतिहास से परिचित थे. पुलिस के मुताबिक पाटन और मेहसाणा क्षेत्र में हत्या, हत्या के प्रयास, जबरन वसूली और जमीन हड़पने जैसे गंभीर मामलों में भावेश का नाम सामने आ चुका है.
इसी वजह से पुलिस ने उसकी फॉर्च्यूनर कार की तलाशी शुरू की. पंचों की मौजूदगी में कार के डैशबोर्ड की तलाशी ली गई. तलाशी के दौरान पुलिस को लोडेड रिवॉल्वर और छह जिंदा कारतूस मिले. कार के अंदर से धारदार छरा भी बरामद हुआ. पुलिस के मुताबिक बरामद रिवॉल्वर के लिए भावेश के पास कोई पास या परमिट नहीं था. हथियार मिलने के बाद पुलिस ने मामले को सिर्फ फायरिंग की घटना तक सीमित नहीं रखा और भावेश तथा उसके साथियों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी.
प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को यह जानकारी मिली कि भावेश ने यह अवैध रिवॉल्वर करीब चार महीने पहले गांधीधाम के रामनारायण उर्फ राकेश शर्मा नाथानी से 40 हजार रुपये में खरीदी थी. पुलिस ने हथियार को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी. इस दौरान एफएसएल की स्पॉट जांच में भी फायरिंग से जुड़ी जानकारी सामने आई.
पुलिस के मुताबिक एफएसएल की स्पॉट जांच में एक राउंड फायरिंग और एक 12-बोर के मिसफायर की पुष्टि हुई है. यानी मौके पर गोली चलने के साथ एक मिसफायर भी हुआ था. पुलिस ने एक तरफ फॉर्च्यूनर पर फायरिंग करने वाले अज्ञात स्कॉर्पियो सवारों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है. वहीं दूसरी तरफ बिना अनुमति हथियार रखने और हथियारबंदी अधिसूचना के उल्लंघन के मामले में भावेश झीलीया, विपुल रबारी और करण रबारी के खिलाफ कार्रवाई की गई.
फॉर्च्यूनर से 11.20 लाख का माल जब्त किया
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान करीब 10 लाख रुपये कीमत की फॉर्च्यूनर कार, लोडेड रिवॉल्वर, छह जिंदा कारतूस, धारदार छरा और मोबाइल सहित कुल 11.20 लाख रुपये का माल जब्त किया है. इस पूरे मामले में सबसे दिलचस्प पहलू यह रहा कि फायरिंग की शिकायत लेकर पुलिस स्टेशन पहुंचा भावेश खुद ही अवैध हथियार रखने के मामले में आरोपी बन गया. अब पुलिस के सामने दो अलग-अलग पहलुओं की जांच है. पहला, फॉर्च्यूनर पर हमला करने वाले स्कॉर्पियो सवार कौन थे और उन्होंने भावेश तथा उसके साथियों को निशाना क्यों बनाया. दूसरा, भावेश के पास अवैध रिवॉल्वर और अन्य हथियार क्यों थे.
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि हाईवे पर हुआ यह हमला पुरानी रंजिश का नतीजा था या फिर दो गैंग के बीच वर्चस्व की लड़ाई से जुड़ा था. फिलहाल अज्ञात हमलावरों की तलाश जारी है और दूसरी तरफ भावेश झीलीया समेत तीन लोगों को अवैध हथियार रखने के मामले में गिरफ्तार किया गया है. मेहसाणा हाईवे की इस घटना में शिकायतकर्ता का खुद आरोपी बन जाना पूरे मामले का सबसे चौंकाने वाला मोड़ है. एक तरफ जहां पुलिस फायरिंग करने वाले स्कॉर्पियो सवारों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी तरफ भावेश और उसके साथियों से बरामद हथियारों को लेकर भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है.
मनीष मिस्त्री