आठ साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में जामनगर कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. जामनगर के सिक्का गांव में हुए दुष्कर्म और हत्या मामले में अदालत ने आरोपी नितिन माणेक को फांसी की सजा सुनाई है. मासूम के साथ अपराध की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने यह फैसला सुनाया है. अदालत ने इस मामले को रेयरेस्ट ऑफ रेयर मानते हुए अपराधी को फांसी की सजा दी है. दोषी पर पॉक्सो अधिनियम के तहत आजीवन कारावास और 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.
जामनगर में पॉक्सो व हत्या केस में पहली फांसी
जामनगर में पॉक्सो और हत्या के मामले में फांसी की सजा का यह पहला मामला है. जामनगर की सहायक सरकारी वकील भारतीबेन ने बताया कि आरोपी नितिन माणेक मृतक बच्ची का मामा है. सरकारी पक्ष की ओर से पेश किए गए 23 गवाहों और लगभग 95 सबूतों के आधार पर अदालत ने आरोपी नितिन दोसाजी माणक को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या के अपराध में फांसी की सजा और पॉक्सो के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.
बच्ची को गर्म तवे, माचिस की तीली से दागा
कोर्ट में बताया गया कि बच्ची अपने पिता के घर जाने की जिद कर रही थी जिसपर आरोपी का पारा चढ़ गया. हैवान ने उसे गर्म तवे, माचिस की तीली से दागा. लात-घूंसे और लोहे के डंडे से बच्ची को बुरी तरह पीटा और इसके बाद बच्ची के साथ दुष्कर्म किया. इससे बच्ची का दम निकल गया। बताया गया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर 23 चोटों के निशान भी मिले हैं. पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के अनुसार, मामले में गंभीर चिकित्सीय साक्ष्य पेश किए गए हैं.
एक महीने तक दी गईं यातनाएं
वर्ष 2025 में जामनगर जिले के सिक्का में बच्ची को लगभग एक महीने तक शारीरिक यातनाएं दी गईं. उसे प्रताड़ित किया गया. उसके गुप्तांगों और छाती पर माचिस की तीली से दागी गई. लोहे के मूसल और डंडों से पीटा गया तथा दीवार से पटककर उसकी निर्मम हत्या कर दी गई. जांच में आरोपी नितिन की संलिप्तता सामने आने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया था. कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है.
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