दिल्ली में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए दिल्ली पुलिस जल्द ‘पिंक फोर्स’ तैयार करेगी. उपराज्यपाल टीएस संधू ने दिल्ली पुलिस को प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मियों की विशेष पेट्रोलिंग यूनिट बनाने के निर्देश दिए हैं. यह फोर्स स्कूल-कॉलेज, मेट्रो स्टेशन, बाजारों, ट्रांसपोर्ट हब और अन्य संवेदन शील इलाकों में तैनात की जाएगी. इसका उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाना और महिलाओं से छेड़छाड़, उत्पीड़न जैसी घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करना है.
एलजी टीएस संधू ने मंगलवार को जय सिंह रोड स्थित दिल्ली पुलिस मुख्यालय के ऑडिटोरियम में एसीपी और उससे ऊपर के अधिकारियों के साथ बैठक की. 24 जून के बाद यह पुलिस मुख्यालय का उनका दूसरा दौरा था. बैठक में एलजी ने पुलिस अधिकारियों से केवल शुरू की गई योजनाओं और पहलों की जानकारी लेने के बजाय उनके जमीनी असर और वास्तविक परिणामों पर फोकस करने को कहा, उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिसिंग का अंतिम लक्ष्य दिल्ली को सुरक्षित बनाना और आम लोगों का पुलिस पर भरोसा मजबूत करना है.
शिकायतों की होगी डिजिटल ट्रैकिंग
एलजी ने जनसुनवाई के दौरान पुलिस के पास आने वाली शिकायतों की डिजिटल ट्रैकिंग व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि हर शिकायत मिलने के बाद शिकायतकर्ता को इसकी प्राप्ति की पुष्टि दी जानी चाहिए और निर्धारित समय सीमा के भीतर उस पर कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए. दूसरे सरकारी विभागों से संबंधित शिकायतों को भी बिना देरी संबंधित विभागों को भेजने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि शिकायतें पुलिस और दूसरे विभागों के बीच लंबित न रहें.
बाजार, स्कूल और ट्रांसपोर्ट हब पर बढ़ेगी पेट्रोलिंग
महिलाओं और आम लोगों की सुरक्षा के लिए पुलिस की पैदल और बाइक पेट्रोलिंग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया. खासतौर पर बाजारों, स्कूल-कॉलेज, मेट्रो स्टेशन और ट्रांसपोर्ट हब जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई जाएगी. ‘पिंक फोर्स’ इसी व्यवस्था का एक अहम हिस्सा होगी, जिसमें प्रशिक्षित महिला पुलिस कर्मियों को संवेदनशील स्थानों पर पेट्रोलिंग के लिए लगाया जाएगा.
बैठक में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए. एलजी ने प्रत्येक पुलिस जिले में बाल सुरक्षा के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा है. इसके अलावा स्कूलों में हर तिमाही जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इन कार्यक्रमों में बच्चों को POCSO कानून, बाल सुरक्षा, साइबर अपराध, नशे से होने वाले खतरे और सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूक किया जाएगा, इसका उद्देश्य बच्चों को अपराध से बचाव के साथ-साथ किसी घटना की स्थिति में पुलिस और संबंधित एजेंसियों से संपर्क करने के तरीके के बारे में भी जानकारी देना है.
साइबर अपराध और नशा तस्करी पर भी फोकस
एलजी ने दिल्ली पुलिस को नशा तस्करी के खिलाफ इंटेलिजेंस आधारित कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए. साथ ही थानों में साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों से निपटने की क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया. बैठक में पुलिसिंग को केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई तक सीमित रखने के बजाय प्रिवेंटिव पुलिसिंग, बेहतर पेट्रोलिंग, डिजिटल शिकायत निगरानी और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की दृश्य मौजूदगी बढ़ाने पर जोर दिया गया.
सुशांत मेहरा