कालकाजी गैंगरेप के बाद एक्शन, एक हफ्ते के अंदर दिल्ली के सभी पार्कों का होगा सेफ्टी ऑडिट

कालकाजी के आस्था कुंज पार्क में नाबालिग से गैंगरेप के बाद दिल्ली में पार्कों की सुरक्षा पर सवाल उठे हैं. अब उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने सभी पार्कों का एक हफ्ते में सेफ्टी ऑडिट कराने का निर्देश दिया है. रोशनी, सुरक्षा, गश्त और साफ-सफाई की जांच होगी. दिल्ली पुलिस को पार्कों के आसपास पेट्रोलिंग और ‘पिंक पुलिस’ की तैनाती मजबूत करने को कहा गया है.

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कालकाजी गैंगरेप के आरोपी को एनकाउंटर के बाद पकड़ा गया था (फोटो- पीटीआई) कालकाजी गैंगरेप के आरोपी को एनकाउंटर के बाद पकड़ा गया था (फोटो- पीटीआई)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 1:40 PM IST

कालकाजी गैंगरेप के बाद उपराज्यपाल ने एक्शन लिया है. उन्होंने एक हफ्ते के अंदर दिल्ली के सभी पार्कों का सेफ्टी ऑडिट करने का निर्देश दिया है.

उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने बुधवार को अहम बैठक की. इसके बाद उन्होंने ट्वीट किया, 'MCD कमिश्नर, पुलिस कमिश्नर और DDA के वाइस चेयरमैन से मुलाकात की और दिल्ली के सभी पार्कों का एक हफ्ते के अंदर सेफ्टी ऑडिट करने का निर्देश दिया. इसमें पर्याप्त रोशनी, सुरक्षा, नियमित गश्त और साफ-सफाई पर खास जोर दिया गया.'

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आगे बताया गया कि दिल्ली पुलिस पार्क के आस-पास 'पिंक पुलिस' कर्मियों की तैनाती समेत बीट पेट्रोलिंग को मजबूत करेगी.

DDA और MCD पार्कों के लगातार रखरखाव के लिए RWA, प्राइवेट संस्थाओं और स्थानीय शिक्षण संस्थानों के साथ मिलकर काम करने की संभावनाओं पर विचार करेंगे.

उपराज्यपाल ने कहा कि दिल्ली के नागरिकों के बेहतर जीवन स्तर के लिए सुरक्षित, साफ और आसानी से पहुंच वाले पार्क जरूरी हैं.

कालकाजी गैंगरेप का मामला क्या है

फरीदाबाद की रहने वाली 17 साल की लड़की के साथ सोमवार शाम कालकाजी मंदिर के पास आस्था कुंज पार्क में तीन लोगों ने गैंगरेप किया था. पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इनमें से एक पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में घायल हो गया था.

इन तीनों पर आरोप है कि उन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताकर और पीड़िता व उसके पुरुष मित्र को धमकाकर कालकाजी मंदिर के पास एक पार्क में लड़की के साथ रेप किया.

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रेप की घटना आस्था कुंज पार्क के अंदर एक पुरानी, जर्जर पत्थर की इमारत में हुई, जहां तीनों आरोपियों ने बारी-बारी से लड़की के साथ रेप किया.

आरोपी आसिफ उन तीन लोगों में शामिल था जिन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताया और लड़की को बंदूक की नोक पर पार्क के एक सुनसान इलाके में ले गए.

दो अन्य लोगों - वकील हेमंत और उसके भाई मुकेश (जो BSc गणित के अंतिम वर्ष का छात्र है) - को भी उनके घर से गिरफ्तार किया गया और उनसे पूछताछ की जा रही है. वे हरियाणा के फरीदाबाद के रहने वाले हैं और दिल्ली के श्रीनिवासपुरी में रहते हैं.

आरोपी एक-दूसरे को जानते थे क्योंकि वे पार्क के आस-पास रहते और काम करते थे और अक्सर वहां मिलते भी थे.

अमर कॉलोनी में रहने वाला आसिफ ओखला मंडी में प्याज के थोक व्यापारी के तौर पर काम करता था.

पुलिस ये भी जांच रही है कि क्या ये तीनों पार्क में हुई ऐसी ही अन्य घटनाओं में शामिल रहे हैं. सूत्रों ने बताया कि अब तक ऐसी किसी घटना के संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या कोई और पीड़िता भी है.

अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार तड़के अमर कॉलोनी में DM ऑफिस रोड के पास जब पुलिस टीम ने आसिफ को रोकने की कोशिश की, तो उसने कथित तौर पर तीन राउंड फायरिंग की.

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पुलिस ने बताया कि एक गोली हेड कॉन्स्टेबल राजेश की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी. आत्मरक्षा में उन्होंने दो राउंड फायरिंग की, जिनमें से एक गोली आसिफ के दाहिने पैर में लगी.

लड़की के बयान के मुताबिक, वह और उसका 17 साल का दोस्त दर्शन के लिए कालकाजी मंदिर गए थे और उसके बाद गेट नंबर 7 से पार्क में दाखिल हुए थे.

अधिकारी ने बताया कि तीन लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए उनसे संपर्क किया और 'पुलिस और वकील जैसी' भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि वे नाबालिग हैं, कुछ गलत कर रहे हैं और उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जा सकता है.

पुलिस ने बताया कि उन्होंने लड़की को उसके दोस्त से अलग किया और उसे सुनसान इलाके में ले गए. उन्होंने कहा कि आरोपियों ने बारी-बारी से लड़के को पकड़कर रखा जबकि बाकी लोगों ने लड़की के साथ रेप किया.

पुलिस के अनुसार, रेप पीड़िता के दोस्त के साथ भी आरोपियों ने मारपीट की, जिसके बाद उसके मोबाइल फोन से PCR कॉल की गई.

आसिफ ने कथित तौर पर बंदूक और चाकू से लड़की को धमकाया और उसके साथ रेप किया. शिकायत के अनुसार, दो अन्य आरोपियों ने भी कथित तौर पर उसके साथ रेप किया, जिसके बाद तीनों लोगों ने लड़की और उसके दोस्त को धमकी दी.

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लड़की का मेडिकल टेस्ट एम्स (AIIMS) में कराया गया, जबकि क्राइम और फोरेंसिक टीमों ने घटनास्थल की जांच की और जरूरी सबूत इकट्ठा किए.

अमर कॉलोनी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण (POCSO) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई.

हेमंत और मुकेश के माता-पिता फरीदाबाद में रहते हैं. उनके पिता, वकील जे.आर. धनखड़, फरीदाबाद और दिल्ली की अदालतों में वकालत करते हैं.

अमर कॉलोनी पुलिस स्टेशन के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए धनखड़ ने आरोप लगाया कि पुलिस मंगलवार सुबह करीब 7 बजे उनके बेटों को घर से ले गई, लेकिन उन्हें हिरासत में लेने का कारण नहीं बताया.

उन्होंने आरोप लगाया, 'उनके साथ मारपीट की गई. हम उस लड़की को नहीं जानते और मेरे बेटों का भी उससे कोई लेना-देना नहीं है. यह उन्हें इस मामले में फंसाने की साजिश है.'

धनखड़ ने बताया कि हेमंत दिल्ली की साकेत कोर्ट में वकील हैं, जबकि मुकेश BSc मैथमेटिक्स के फाइनल ईयर का छात्र है. पुलिस ने बताया कि पीड़िता फरीदाबाद की रहने वाली है और सोमवार शाम दिल्ली आई थी.

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